{"_id":"6165eaad8ebc3ed34f1c2de9","slug":"30-thousand-demanded-in-the-name-of-releasing-the-tractor-trolley-full-of-mining-the-accountant-suspended-rampur-news-mbd405945263","type":"story","status":"publish","title_hn":"खनन से भरी ट्रैक्टर ट्राली छुड़ाने के नाम पर मांगे 30 हजार, लेखपाल निलंबित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खनन से भरी ट्रैक्टर ट्राली छुड़ाने के नाम पर मांगे 30 हजार, लेखपाल निलंबित
विज्ञापन
रामपुर। अवैध खनन से भरी ट्रैक्टर ट्रॉली छुड़वाने के नाम पर महिला लेखपाल ने तीस हजार रुपये की मांग की और रुपये ले लिए। जब इस मामले की शिकायत हुई, तो एसडीएम ने जांच कराई। शुरुआती जांच में रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई, जिस पर एसडीएम सदर ने महिला लेखपाल को निलंबित कर दिया है। साथ ही उन्होंने लेखपाल के खिलाफ तहसील सदर से दूसरी तहसील में तबादला करने की रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेज दी है। एसडीएम की इस कार्रवाई से तहसील कर्मचारियों में खलबली मच गई है।
अवैध खनन को लेकर रामपुर प्रदेश में पहले से ही बदनाम रहा है। तहसील स्तर से लेकर बड़े बड़े अधिकारियों तक के इसमें शामिल होने की बात सामने आ चुकी है। जिसमें कई बड़े अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई हो चुकी है। सर्वाधिक संदेह के घेरे में राजस्व विभाग के कर्मचारी रहे हैं। ताजा मामला तहसील सदर में तैनात महिला लेखपाल का है। दरअसल, चार अक्तूबर को तहसीलदार सदर ने अवैध खनन से भरी ट्रैक्टर ट्राली पकड़ी थी।
इस ट्राली को छुड़वाने के लिए उत्तराखंड के ऊधमसिंहनगर के गदरपुर थाना क्षेत्र के कुईखेड़ी निवासी मलकीत सिंह ने प्रार्थना पत्र दिया था, जिसमें उन्होंने शिकायत की थी कि इसी गांव के हनीफ की ओर से लेखपाल द्वारा ट्रैक्टर ट्राली छुड़वाने के नाम पर 30 हजार रुपये की मांग की गई है। उनका कहना था कि उन्होंने लेखपाल को 30 हजार रुपये दे दिए। इसके बाद भी ट्रैक्टर ट्राली नहीं छोड़ी गई। मामले की शिकायत मिलने पर एसडीएम सदर मनीष मीणा ने इस प्रकरण को गंभीरता से लिया, जिसके बाद उन्होंने जांच के आदेश दे दिए।
विज्ञापन
यह जांच तहसीलदार सदर को सौंपी गई। जब इस प्रकरण की जांच की गई, तो जांच में 30 हजार रुपये मांगने की पुष्टि हुई। जांच रिपोर्ट में महिला लेखपाल द्वारा रिश्वत मांगने की पुष्टि होने के बाद एसडीएम सदर ने लेखपाल रिचा सक्सेना को निलंबित कर दिया है। रिचा सक्सेना तालकपुर क्षेत्र की लेखपाल हैं। एसडीएम ने उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने की संस्तुति के साथ ही उसका तहसील सदर से अन्य तहसील में तबादला करने के लिए डीएम को लिखा है।
किसान को मृत दर्शाकर दूसरे के नाम जमीन करने का भी है आरोप
रामपुर। लेखपाल अवैध खनन के मामले में ही नहीं, बल्कि तमाम आरोपों से घिरी हुई हैं। एक आरोप तो यह है कि लेखपाल ने एक जिंदा किसरान को मृत दर्शाकर उसकी जमीन दूसरे नाम बतौर वारिस दर्ज कर दी, जो खतौनी में अंकित है। एसडीएम सदर का कहना है कि लेखपाल की चार्जशीट में इस शिकायत को भी शामिल किया जाएगा। इसकी विस्तृत जांच भी कराई जा रही है।
मामला ग्राम मुतियापुरा का है। ग्राम नगलिया आकिल निवासी तेजराम की जमीन गाटा संख्या 122 है, जो उसने मुतियापुरा निवासी प्रेमशंकर पुत्र गंगाराम को रहन पर दे दी थी। 13 सितंबर को जब खतौनी की नकल निकलवाई गई, तो उसमें बतौर वारिस प्रेमशंकर पुत्र गंगाराम का नाम दर्ज निकला। जबकि, वह जिंदा है। उन्होंने भी जिलाधिकारी से मामले की शिकायत की, जिसकी जांच की जा रही है। उप जिलाधिकारी सदर मनीष मीणा ने बताया कि इस मामले की भी जांच चल रही है। हालांकि, इस प्रकरण के आरोपों को भी लेखपाल को दी जाने वाली चार्जशीट में सम्मिलित किया जाएगा।
विज्ञापन
अवैध खनन को लेकर रामपुर प्रदेश में पहले से ही बदनाम रहा है। तहसील स्तर से लेकर बड़े बड़े अधिकारियों तक के इसमें शामिल होने की बात सामने आ चुकी है। जिसमें कई बड़े अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई हो चुकी है। सर्वाधिक संदेह के घेरे में राजस्व विभाग के कर्मचारी रहे हैं। ताजा मामला तहसील सदर में तैनात महिला लेखपाल का है। दरअसल, चार अक्तूबर को तहसीलदार सदर ने अवैध खनन से भरी ट्रैक्टर ट्राली पकड़ी थी।
विज्ञापन
इस ट्राली को छुड़वाने के लिए उत्तराखंड के ऊधमसिंहनगर के गदरपुर थाना क्षेत्र के कुईखेड़ी निवासी मलकीत सिंह ने प्रार्थना पत्र दिया था, जिसमें उन्होंने शिकायत की थी कि इसी गांव के हनीफ की ओर से लेखपाल द्वारा ट्रैक्टर ट्राली छुड़वाने के नाम पर 30 हजार रुपये की मांग की गई है। उनका कहना था कि उन्होंने लेखपाल को 30 हजार रुपये दे दिए। इसके बाद भी ट्रैक्टर ट्राली नहीं छोड़ी गई। मामले की शिकायत मिलने पर एसडीएम सदर मनीष मीणा ने इस प्रकरण को गंभीरता से लिया, जिसके बाद उन्होंने जांच के आदेश दे दिए।
विज्ञापन
यह जांच तहसीलदार सदर को सौंपी गई। जब इस प्रकरण की जांच की गई, तो जांच में 30 हजार रुपये मांगने की पुष्टि हुई। जांच रिपोर्ट में महिला लेखपाल द्वारा रिश्वत मांगने की पुष्टि होने के बाद एसडीएम सदर ने लेखपाल रिचा सक्सेना को निलंबित कर दिया है। रिचा सक्सेना तालकपुर क्षेत्र की लेखपाल हैं। एसडीएम ने उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने की संस्तुति के साथ ही उसका तहसील सदर से अन्य तहसील में तबादला करने के लिए डीएम को लिखा है।
किसान को मृत दर्शाकर दूसरे के नाम जमीन करने का भी है आरोप
रामपुर। लेखपाल अवैध खनन के मामले में ही नहीं, बल्कि तमाम आरोपों से घिरी हुई हैं। एक आरोप तो यह है कि लेखपाल ने एक जिंदा किसरान को मृत दर्शाकर उसकी जमीन दूसरे नाम बतौर वारिस दर्ज कर दी, जो खतौनी में अंकित है। एसडीएम सदर का कहना है कि लेखपाल की चार्जशीट में इस शिकायत को भी शामिल किया जाएगा। इसकी विस्तृत जांच भी कराई जा रही है।
मामला ग्राम मुतियापुरा का है। ग्राम नगलिया आकिल निवासी तेजराम की जमीन गाटा संख्या 122 है, जो उसने मुतियापुरा निवासी प्रेमशंकर पुत्र गंगाराम को रहन पर दे दी थी। 13 सितंबर को जब खतौनी की नकल निकलवाई गई, तो उसमें बतौर वारिस प्रेमशंकर पुत्र गंगाराम का नाम दर्ज निकला। जबकि, वह जिंदा है। उन्होंने भी जिलाधिकारी से मामले की शिकायत की, जिसकी जांच की जा रही है। उप जिलाधिकारी सदर मनीष मीणा ने बताया कि इस मामले की भी जांच चल रही है। हालांकि, इस प्रकरण के आरोपों को भी लेखपाल को दी जाने वाली चार्जशीट में सम्मिलित किया जाएगा।