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2168 गंभीर अतिकुपोषित बच्चे चिन्हित

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 26 Sep 2021 12:17 AM IST
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2168 children found not heathy
रामपुर। बाल विकास विभाग द्वारा संभव अभियान के तहत माह जून, जुलाई में कराए गए सर्वे में 2168 गंभीर अति कुपोषित बच्चे चिह्नित किए गए। इन बच्चों को कुपोषण की श्रेणी से बाहर लाना है। पोषण अभियान का मुख्य उद्देश्य है कि जन भागीदारी के माध्यम से कुपोषित बच्चों का बेहतर पोषण प्रबंधन करते हुए बच्चों को शारीरिक और मानसिक रूप से सुपोषित बनाया जाए।
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कुपोषण उन्मूलन हेतु जनपद स्तर पर सुपोषित रामपुर- एक पहल अभियान का संचालन आरंभ किया गया है। जिसमें जनपद में चिह्नित गंभीर अतिकुपोषित बच्चों के लिए दैनिक आहार के साथ-साथ अतिरिक्त आहार के रूप में कृषक उत्पादक संगठन के माध्यम से तैयार पोषण किट उपलब्ध व सेवन कराने का निर्णय लिया गया। पोषण किट से न सिर्फ इन चिन्हित बच्चों को आवश्यक पोषक तत्वों की पूर्ति होगी, बल्कि शीघ्र ही कुपोषण की जद से निकालने में मदद मिलेगी। जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ ने अभियान के सुचारु क्रियान्वयन के लिए अधिकारियों को विस्तृत दिशा निर्देश जारी किए हैं। जारी निर्देशों में पोषण किट की व्यवस्था जिला कार्यक्रम अधिकारी द्वारा कृषक उत्पादन संगठन के माध्यम से कराई जाएगी। एफपीओ द्वारा ग्राम पंचायतवार चिह्नित सैम बच्चों के विवरण के अनुसार किट उपलब्ध कराई जाएगी। किट की प्राप्ति आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं ग्राम प्रधान द्वारा संयुक्त रूप से की जाएगी। पोषण किट में होने वाले व्यय का भुगतान ग्राम पंचायतों द्वारा किया जाएगा। इसके लिए पंचायत स्तर पर गठित ग्रामीण स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण समिति के अंटाइड फंड में उपलब्ध धनराशि का उपयोग किया जाएगा।
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पोषण किट आंगनबाडी कार्यकत्री को उपलब्ध कराया जाएगा तथा आंगनबाडी कार्यकत्री का यह दायित्व होगा कि वह नियत खुराक के अनुसार उन बच्चों को अपने समक्ष खिलाएं तथा परिवार को बच्चे की नियमित बेहतर देखभाल हेतु आवश्यक पोषण हस्तक्षेप के साथ प्रेरित करें। मासिक रूप से वजन, लंबाई में हुई वृद्धि का आंकलन कर प्रगति रिपोर्ट क्षेत्रीय मुख्य सेविका के माध्यम से बाल विकास परियोजना अधिकारी को उपलब्ध कराएं। बाल विकास परियोजना अधिकारी द्वारा उक्त रिपोर्ट जिला कार्यक्रम अधिकारी से साझा की जाएगी, जिसे जिला कार्यक्रम अधिकारी द्वारा जिला पोषण समिति की मासिक बैठक में प्रस्तुत किया जाएगा। विद्यालयों से नामित बाल सखा के द्वारा रोस्टर अनुसार परिवारों का भ्रमण कर आवश्यक परामर्श/सहयोग प्रदान किया जाएगा।
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