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रिकांगपिओ में 186 लोगों को दिए नोतौड़ के पट्टे
Updated Wed, 11 Oct 2017 01:00 PM IST
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रिकांगपिओ (किन्नौर)।
जिला मुख्यालय रिकांगपिओ में सोमवार को विधानसभा उपाध्यक्ष जगत सिंह नेगी ने नोतौड़ पट्टा वितरण समारोह के दूसरे चरण में 186 लोगों को स्वीकृत नोतौड़ के पट्टों का मालिकाना हक दिया। उन्होंने कहा कि वर्ष 1983 से लेकर वर्ष 1997 तक जिले के लोगों को नोतौड़ का लाभ दिया जा रहा था। लेकिन वर्ष 1998 में जब भाजपा कि सरकार सत्ता में आई तो उसने इसे बंद कर दिया।
क्षेत्र के लगभग पांच हजार लोगों को नोतौड़ भूमि मिलनी थी, जिसे बंद कर दिया गया। पूरे प्रदेश में जनजातीय क्षेत्र के करीब 10 हजार लोगों के जो नोतौड़ के केस थे, वो पूरी तरह से लंबित हो गए थे। भाजपा हमेशा से ही जनजातीय विरोधी नीतियों को लाती रही है। पार्टी ने वर्ष 2012 के चुनाव में किन्नौर कि जनता से वादा किया था कि अगर कांग्रेस सरकार सत्ता में आती है तो वो फिर से जनजातीय क्षेत्रों में नोतौड़ बहाल कर देगी। अब संविधान के अनुछेद पांच में राज्यपाल के पास जनजातीय क्षेत्रों के लिए जो शक्तियां दी गई, उसके तहत वन संरक्षण अधिनियम 1980 को दो सालो के लिए हटा दिया है। लंबित नोतौड़ मामलों पर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि दो सालों तक सभी को नोतौड़ भूमि दे दी जाएगी। इस दौरान डीसी किन्नौर डॉ. नरेश कुमार लट्ठ, एसडीएम कल्पा डॉ. अवनिंद्र कुमार, नायब तहसीलदार मूरंग राजेश नेगी, किन्नौर कांग्रेस प्रवक्ता डॉ. सूर्या, युवा कांग्रेस अध्यक्ष प्रताप नेगी आदि उपस्थित रहे।
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जिला मुख्यालय रिकांगपिओ में सोमवार को विधानसभा उपाध्यक्ष जगत सिंह नेगी ने नोतौड़ पट्टा वितरण समारोह के दूसरे चरण में 186 लोगों को स्वीकृत नोतौड़ के पट्टों का मालिकाना हक दिया। उन्होंने कहा कि वर्ष 1983 से लेकर वर्ष 1997 तक जिले के लोगों को नोतौड़ का लाभ दिया जा रहा था। लेकिन वर्ष 1998 में जब भाजपा कि सरकार सत्ता में आई तो उसने इसे बंद कर दिया।
क्षेत्र के लगभग पांच हजार लोगों को नोतौड़ भूमि मिलनी थी, जिसे बंद कर दिया गया। पूरे प्रदेश में जनजातीय क्षेत्र के करीब 10 हजार लोगों के जो नोतौड़ के केस थे, वो पूरी तरह से लंबित हो गए थे। भाजपा हमेशा से ही जनजातीय विरोधी नीतियों को लाती रही है। पार्टी ने वर्ष 2012 के चुनाव में किन्नौर कि जनता से वादा किया था कि अगर कांग्रेस सरकार सत्ता में आती है तो वो फिर से जनजातीय क्षेत्रों में नोतौड़ बहाल कर देगी। अब संविधान के अनुछेद पांच में राज्यपाल के पास जनजातीय क्षेत्रों के लिए जो शक्तियां दी गई, उसके तहत वन संरक्षण अधिनियम 1980 को दो सालो के लिए हटा दिया है। लंबित नोतौड़ मामलों पर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि दो सालों तक सभी को नोतौड़ भूमि दे दी जाएगी। इस दौरान डीसी किन्नौर डॉ. नरेश कुमार लट्ठ, एसडीएम कल्पा डॉ. अवनिंद्र कुमार, नायब तहसीलदार मूरंग राजेश नेगी, किन्नौर कांग्रेस प्रवक्ता डॉ. सूर्या, युवा कांग्रेस अध्यक्ष प्रताप नेगी आदि उपस्थित रहे।
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