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प्रीमैट्रिक छात्रवृति योजना में 14.71 लाख का गबन करने में रिपोर्ट
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रामपुर। भारत सरकार द्वारा प्रीमैट्रिक छात्रवृत्ति योजना में धोखाधड़ी करके 14.71 लाख रुपये का गबन करने का आरोप में वक्फ निरीक्षक ने मसवासी के मदरसा संचालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। सिविल लाइंस कोतवाली की पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा 420, 409, 504.506, 427 और एससी/एसटी एक्ट की धारा 3 (1) (द) 1989 संशोधन 2015 के तहत रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
वक्फ निरीक्षक राम सुमेर का पुलिस को दी गई तहरीर में आरोप लगाया है कि मसवासी के रहने वाले मोहम्मद रफी मदरसा आयशा अली अमहद इंस्टीटयूट आफ हायर एजुकेशन अरेबिक कालेज चलता है। 2018-19 में भारत सरकार द्वारा संचालित प्रीमैट्रिक छात्रवृति योजना के अंतर्गत उसने कुछ छात्र-छात्राओं को ऑनलाइन आवेदन कराकर उन्हें अपने लॉगिग आईडी से अग्रसारित करके सरकारी धन को हड़पने का प्रयास किया गया। इस मामले में मोहम्मद रफी को अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी की ओर से छह अप्रैल 2019 को नोटिस जारी किया गया था। नोटिस के जवाब में मोहम्मद रफी ने कहा था कि किस व्यक्ति के द्वारा अग्रसारित किया गया है, मेरे संज्ञान में नहीं है। जबकि मोहम्मद रफी की लॉगिग आईडी से मदरसे के छात्र-छात्राओं की आवेदनों की सूची को अग्रसारित करके इसकी सूची अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी के यहां जमा कराई गई है। आवेदन पत्र में छात्र-छात्राओं के पते रामपुर के हैं, जबकि बैंक खातों में उनका पता जनपद मुरादाबाद है। उनका आरोप है कि मोहम्मद रफी द्वारा 138 छात्र-छात्राओं के फर्जी आवेदन दिखाकर 14.71 लाख रुपये का गबन किया गया है। वक्फ निरीक्षक का आरोप है कि छह मई की शाम मोहम्मद रफी उनके कार्यालय पर पहुंचकर अपनी खिलाफ चल रही कार्रवाई के बारे में पूछने लगा। इस बारे में जानकारी नहीं देने पर उसने कई महत्वपूर्ण कागजात फाड़ दिए। जान मारने की धमकी और जाति सूचक शब्दों का इस्तेमाल किया। तहरीर के आधार पर सिविल लाइंस कोतवाली की पुलिस ने मोहम्मद रफी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
वक्फ निरीक्षक राम सुमेर का पुलिस को दी गई तहरीर में आरोप लगाया है कि मसवासी के रहने वाले मोहम्मद रफी मदरसा आयशा अली अमहद इंस्टीटयूट आफ हायर एजुकेशन अरेबिक कालेज चलता है। 2018-19 में भारत सरकार द्वारा संचालित प्रीमैट्रिक छात्रवृति योजना के अंतर्गत उसने कुछ छात्र-छात्राओं को ऑनलाइन आवेदन कराकर उन्हें अपने लॉगिग आईडी से अग्रसारित करके सरकारी धन को हड़पने का प्रयास किया गया। इस मामले में मोहम्मद रफी को अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी की ओर से छह अप्रैल 2019 को नोटिस जारी किया गया था। नोटिस के जवाब में मोहम्मद रफी ने कहा था कि किस व्यक्ति के द्वारा अग्रसारित किया गया है, मेरे संज्ञान में नहीं है। जबकि मोहम्मद रफी की लॉगिग आईडी से मदरसे के छात्र-छात्राओं की आवेदनों की सूची को अग्रसारित करके इसकी सूची अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी के यहां जमा कराई गई है। आवेदन पत्र में छात्र-छात्राओं के पते रामपुर के हैं, जबकि बैंक खातों में उनका पता जनपद मुरादाबाद है। उनका आरोप है कि मोहम्मद रफी द्वारा 138 छात्र-छात्राओं के फर्जी आवेदन दिखाकर 14.71 लाख रुपये का गबन किया गया है। वक्फ निरीक्षक का आरोप है कि छह मई की शाम मोहम्मद रफी उनके कार्यालय पर पहुंचकर अपनी खिलाफ चल रही कार्रवाई के बारे में पूछने लगा। इस बारे में जानकारी नहीं देने पर उसने कई महत्वपूर्ण कागजात फाड़ दिए। जान मारने की धमकी और जाति सूचक शब्दों का इस्तेमाल किया। तहरीर के आधार पर सिविल लाइंस कोतवाली की पुलिस ने मोहम्मद रफी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
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