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राष्ट्रीय लोक अदालत में 167748 वादों का निस्तारण
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रामपुर। राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन शनिवार को किया गया। इसमें 167748 वादों का निस्तारण हुआ। वहीं, मोटर दुर्घटना, विद्युत बकाया आदि वादों का निस्तारण करते हुए जुर्माना वसूला गया।
मुख्य अतिथि प्रशासनिक न्यायमूर्ति दीपक वर्मा द्वारा जनपद न्यायाधीश अचल सचदेव, जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ और पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार शुक्ला की उपस्थिति में न्याय वाटिका में राष्ट्रीय लोक अदालत का फीता काटकर शुभारंभ किया। इसके बाद न्यायिक अधिकारियों ने अपनी-अपनी अदालतों में वादों का निस्तारण किया। जनपद न्यायाधीश अचल सचदेव द्वारा चार वादों का निस्तारण कर 1.73 लाख रुपये का समझौता कराया गया। प्रधान न्यायधीश परिवार न्यायालय सैय्यद सरवर हुसैन रिजवी ने 53 वादों का निस्तारण किया। जिसमें परिवार को टूटने से बचाया व पति-पत्नी को एक दूसरे से गले में माला डालकर घर भेजा गया। मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल की पीठासीन अधिकारी आराधना रानी ने मोटर दुर्घटना प्रतिकर के 70 वादों का निस्तारण कर घायलों व मृतकों के आश्रितों को मोटर दुर्घटना प्रतिकर के रूप में 3.04 करोड़ रुपये दिलाए। साथ ही 23 अन्य प्रकृति के वाद का निस्तारण कर घायलों व मृतकों के आश्रितों को 41.11 लाख रुपये दिलाए। एडीजे प्रथम वेद प्रकाश वर्मा ने चार, एडीजे एससीएसटी एक्ट संजीव कुमार तिवारी ने आठ वादों, एडीजे द्वितीय प्रभु नारायण पाण्डेय ने दो, विशेष न्यायधीश पॉक्सो एक्ट नीलू मोघा ने एक वाद, एडीजे विशेष न्यायधीश ईसी एक्ट अमित वीर सिंह 389 वादों का निस्तारण कर 1.21 रुपये अर्थदंड वसूला गया। एडीजे चतुर्थ आलोक दूबे ने चार, एडीजे सुरेंद्र कुमार राय ने दो वादों का निस्तारण किया। सीजेएम शमीम अहमद अंसारी ने फौजदारी के 970 वादों का निस्तारण किया। कलक्ट्रेट न्यायालयों एवं अन्य विभागों के विभिन्न प्रकार के 158210 मामलों का निस्तारण किया गया। समस्त बैंकों व टेलीफोन के बिल संबंधित प्री-लिटीगेशन स्तर पर 1190 वादों का निस्तारण कर समझौता हुआ। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव रमेश कुशवाहा ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान कुल 162748 वादों का निस्तारण किया गया।
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मुख्य अतिथि प्रशासनिक न्यायमूर्ति दीपक वर्मा द्वारा जनपद न्यायाधीश अचल सचदेव, जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ और पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार शुक्ला की उपस्थिति में न्याय वाटिका में राष्ट्रीय लोक अदालत का फीता काटकर शुभारंभ किया। इसके बाद न्यायिक अधिकारियों ने अपनी-अपनी अदालतों में वादों का निस्तारण किया। जनपद न्यायाधीश अचल सचदेव द्वारा चार वादों का निस्तारण कर 1.73 लाख रुपये का समझौता कराया गया। प्रधान न्यायधीश परिवार न्यायालय सैय्यद सरवर हुसैन रिजवी ने 53 वादों का निस्तारण किया। जिसमें परिवार को टूटने से बचाया व पति-पत्नी को एक दूसरे से गले में माला डालकर घर भेजा गया। मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल की पीठासीन अधिकारी आराधना रानी ने मोटर दुर्घटना प्रतिकर के 70 वादों का निस्तारण कर घायलों व मृतकों के आश्रितों को मोटर दुर्घटना प्रतिकर के रूप में 3.04 करोड़ रुपये दिलाए। साथ ही 23 अन्य प्रकृति के वाद का निस्तारण कर घायलों व मृतकों के आश्रितों को 41.11 लाख रुपये दिलाए। एडीजे प्रथम वेद प्रकाश वर्मा ने चार, एडीजे एससीएसटी एक्ट संजीव कुमार तिवारी ने आठ वादों, एडीजे द्वितीय प्रभु नारायण पाण्डेय ने दो, विशेष न्यायधीश पॉक्सो एक्ट नीलू मोघा ने एक वाद, एडीजे विशेष न्यायधीश ईसी एक्ट अमित वीर सिंह 389 वादों का निस्तारण कर 1.21 रुपये अर्थदंड वसूला गया। एडीजे चतुर्थ आलोक दूबे ने चार, एडीजे सुरेंद्र कुमार राय ने दो वादों का निस्तारण किया। सीजेएम शमीम अहमद अंसारी ने फौजदारी के 970 वादों का निस्तारण किया। कलक्ट्रेट न्यायालयों एवं अन्य विभागों के विभिन्न प्रकार के 158210 मामलों का निस्तारण किया गया। समस्त बैंकों व टेलीफोन के बिल संबंधित प्री-लिटीगेशन स्तर पर 1190 वादों का निस्तारण कर समझौता हुआ। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव रमेश कुशवाहा ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान कुल 162748 वादों का निस्तारण किया गया।
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