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आर्थिक संपन्नता के लिए वैज्ञानिक पद्घति से खेती करें किसान
Updated Mon, 05 Nov 2018 11:43 PM IST
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रामपुर। जिलाधिकारी महेन्द्र बहादुर सिंह ने कहा कि किसान आर्थिक संपन्नता के लिए वैज्ञानिक पद्घति से खेती करें। जैविक खेती को उपज को माध्यम बनाएं। वह सिविल लाइंस स्थित कृृषि भवन परिसर में रबी गोष्ठी में बोल रहे थे।
जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर डीएम ने कहा कि किसानों का हित एवं उन्हें बेहतर लाभकारी सुविधाएं प्रदान करना शासन एवं प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। ऐसा पहली बार होे रहा है, जब बिचौलियों को दूर करने के लिए पंजीकृत किसानों से ही धान क्रय किया जा रहा है। उन्होंने किसानों को लेमन ग्रास की फसल के बारे में जानकारी दी। कहा कि इस फसल से किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत होने में मदद मिलेगी। आधुनिक वैज्ञानिक पद्धति से कृृषि को महत्व दें। फसल के बेहतर लाभ लेने के लिए कृृषि वैज्ञानिकों की सलाह के आधार पर जैविक खेती को उपज का माध्यम बनाएं। सायनिक दवाओं का यथासम्भव कम प्रयोग करें, जिससे फसल में आवश्यक पौष्टिक तत्वों की उपस्थिति बनी रहे और वे मानव स्वास्थ्य के लिए लाभकारी सिद्ध हो सके। कहा कि पराली को खेत में बिल्कुल न जलाएं, क्योेंकि इससे खेत की उपजाऊ क्षमता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। किसानों के मित्र कहे जाने वाले केंचुए एवं अन्य आवश्यक जीवाणु जलकर नष्ट हो जाते हैं। पराली के अनेक आर्थिक महत्व हैं। उनके बारे में जानकारी प्राप्त करके पराली से आर्थिक संसाधन जुटाने की दिशा में प्रयास करें। उन्होंने कहा कि शासन के निर्देशानुसार जनपद के विभिन्न तहसीलों में पराली जलाने पर जुर्माना लगाया गया है, क्योंकि इससे खेती के साथ ही साथ मानव स्वास्थ्य पर भी विपरीत प्रभाव पड़ता है। किसान ओला, अतिवृृष्टि या अन्य किसी कारण से फसल नष्ट होने की आशंका की दशा में फसल बीमा अवश्य कराएं, जिससे फसलों की क्षति होने पर बीमा कम्पनी से मुआवजा मिल सके। इस दौरान उन्होंने किसानों की हैंडपम्प, शौचालय, सिंचाई, गन्ना मूल्य भुगतान सहित विभिन्न समस्याएं भी सुनीं तथा उन्हें आश्वस्त किया कि उनकी समस्याओं का प्राथमिकता से निस्तारण किया जाएगा। मुख्य विकास अधिकारी शिवेन्द्र कुमार सिंह ने कहा कि पुरानी पद्धति से खेती करने से आय में बढ़ोत्तरी सम्भव नहीं है। ऐसे में किसानों को बेहतर जीवन शैली एवं स्वास्थ्य व आधुनिकता से जुड़ने के लिए आधुनिक यन्त्रों का अधिक से अधिक उपयोग करें। इस बीच 14 किसानों को सरसों व मसूर के बीज की मिनी किट का प्रदान की। उप निदेशक कृृषि बृृजेश चन्द्र, जिला कृृषि अधिकारी चन्द्रगुप्त सागर, जिला गन्ना अधिकारी हेमराज, लीड बैंक मैनेजर अशोक कुमार वर्मा आदि उपस्थित रहे।
जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर डीएम ने कहा कि किसानों का हित एवं उन्हें बेहतर लाभकारी सुविधाएं प्रदान करना शासन एवं प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। ऐसा पहली बार होे रहा है, जब बिचौलियों को दूर करने के लिए पंजीकृत किसानों से ही धान क्रय किया जा रहा है। उन्होंने किसानों को लेमन ग्रास की फसल के बारे में जानकारी दी। कहा कि इस फसल से किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत होने में मदद मिलेगी। आधुनिक वैज्ञानिक पद्धति से कृृषि को महत्व दें। फसल के बेहतर लाभ लेने के लिए कृृषि वैज्ञानिकों की सलाह के आधार पर जैविक खेती को उपज का माध्यम बनाएं। सायनिक दवाओं का यथासम्भव कम प्रयोग करें, जिससे फसल में आवश्यक पौष्टिक तत्वों की उपस्थिति बनी रहे और वे मानव स्वास्थ्य के लिए लाभकारी सिद्ध हो सके। कहा कि पराली को खेत में बिल्कुल न जलाएं, क्योेंकि इससे खेत की उपजाऊ क्षमता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। किसानों के मित्र कहे जाने वाले केंचुए एवं अन्य आवश्यक जीवाणु जलकर नष्ट हो जाते हैं। पराली के अनेक आर्थिक महत्व हैं। उनके बारे में जानकारी प्राप्त करके पराली से आर्थिक संसाधन जुटाने की दिशा में प्रयास करें। उन्होंने कहा कि शासन के निर्देशानुसार जनपद के विभिन्न तहसीलों में पराली जलाने पर जुर्माना लगाया गया है, क्योंकि इससे खेती के साथ ही साथ मानव स्वास्थ्य पर भी विपरीत प्रभाव पड़ता है। किसान ओला, अतिवृृष्टि या अन्य किसी कारण से फसल नष्ट होने की आशंका की दशा में फसल बीमा अवश्य कराएं, जिससे फसलों की क्षति होने पर बीमा कम्पनी से मुआवजा मिल सके। इस दौरान उन्होंने किसानों की हैंडपम्प, शौचालय, सिंचाई, गन्ना मूल्य भुगतान सहित विभिन्न समस्याएं भी सुनीं तथा उन्हें आश्वस्त किया कि उनकी समस्याओं का प्राथमिकता से निस्तारण किया जाएगा। मुख्य विकास अधिकारी शिवेन्द्र कुमार सिंह ने कहा कि पुरानी पद्धति से खेती करने से आय में बढ़ोत्तरी सम्भव नहीं है। ऐसे में किसानों को बेहतर जीवन शैली एवं स्वास्थ्य व आधुनिकता से जुड़ने के लिए आधुनिक यन्त्रों का अधिक से अधिक उपयोग करें। इस बीच 14 किसानों को सरसों व मसूर के बीज की मिनी किट का प्रदान की। उप निदेशक कृृषि बृृजेश चन्द्र, जिला कृृषि अधिकारी चन्द्रगुप्त सागर, जिला गन्ना अधिकारी हेमराज, लीड बैंक मैनेजर अशोक कुमार वर्मा आदि उपस्थित रहे।
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