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जुलाई में आंदोलन शुरू करेगा आजमवादी मंच
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रामपुर। देश में बढ़ रहीं मॉब लिचिंग की घटनाओं एवं सरकार की शिक्षा विरोधी नीति के खिलाफ आजमवादी मंच जुलाई माह में आंदोलन करेगा। आंदोलन के तहत अधिकारियों को कलम के साथ ज्ञापन सौंपा जाएगा, लेकिन रामपुर के जिलाधिकारी को कलम नहीं दिया जाएगा।
दारूल अवाम पर आयोजित बैठक में राष्ट्रीय महासचिव फसाहत खां शानू ने कहा कि आजमवादी मंच का उद्देश्य मानवता और शिक्षा के हित में काम करना है। देश व प्रदेश की सरकार की जिम्मेदारी थी कि वह शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए काम करे, लेकिन वह अपनी जिम्मेदारी निभाने में नाकामयाब रही। भाजपा सरकार में मॉब लिंचिंग की घटनाओं की बाढ़ आ गई है और शिक्षण संस्थानों को भी निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने मॉब लिंचिंग की घटनाओं की निंदा करते हुए जांच कराने की मांग की है।
साथ ही उन्होंने किसान यूनियन के नेताओं और पूर्व पालिकाध्यक्ष अजहर खां के खिलाफ दर्ज हुए मुकदमों की भी निंदा की। उन्होंने कहा कि पूरी मॉब लिंचिंग और शिक्षा विरोध सरकार के खिलाफ पूरी जुलाई आंदोलन चलेगा। तीन जुलाई से आंदोलन की शुरुआत होगी। इसमें शिक्षा विरोधियों और इंसानियत विरोधियों के विरुद्ध लड़ाई लड़ी जाएगी। रामपुर में 3 जुलाई से 24 जुलाई तक जिले के लगभग 20 अधिकारियों को ज्ञापन और कलम सौंपा जाएगा। उन्होंने कहा कि रामपुर के जिलाधिकारी को यह कलम नहीं दिया जाएगा। तीन जुलाई को बिलासपुर तहसील से आंदोलन की शुरुआत होगी, जिसके बाद पांच व छह जुलाई को मिलक, आठ व नौ जुलाई को शाहबाद, 10 एवं 11 जुलाई को स्वार, 12 एवं 13 जुलाई को टांडा, 15 से 24 जुलाई तक रामपुर शहर के अधिकारियों को ज्ञापन एवं कलम सौंपा जाएगा। गोरखपुर के आंदोलन की तारीख मोहम्मद आसिम खान तय करेंगे। बैठक में मंच के पांच राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्यों की घोषणा की गई, जिसमें राज्यसभा पूर्व सदस्य मुनव्वर सलीम के पुत्र शहरयार खान, मुम्बई से मुनव्वर, गोरखपुर से आसिम खान, लखनऊ से मोहम्मद अरफात खान और बिहार से अफजल जफर को कार्यकारिणी का सदस्य बनाया गया है। बैठक की अध्यक्षता हक रामपुरी ने की। बैठक में मसूद अली गुड्डू, रानू खां, शादाब मियां, मोहम्मद हसन, हरज्ञान सिंह यादव, प्रमोद गंगवार, जस्सा सिंह, आरिफ खान ओरामा, दानिश शाहिद, जगमोहन सिंह, सईद खुसरु आदि उपस्थित रहे।
दारूल अवाम पर आयोजित बैठक में राष्ट्रीय महासचिव फसाहत खां शानू ने कहा कि आजमवादी मंच का उद्देश्य मानवता और शिक्षा के हित में काम करना है। देश व प्रदेश की सरकार की जिम्मेदारी थी कि वह शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए काम करे, लेकिन वह अपनी जिम्मेदारी निभाने में नाकामयाब रही। भाजपा सरकार में मॉब लिंचिंग की घटनाओं की बाढ़ आ गई है और शिक्षण संस्थानों को भी निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने मॉब लिंचिंग की घटनाओं की निंदा करते हुए जांच कराने की मांग की है।
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साथ ही उन्होंने किसान यूनियन के नेताओं और पूर्व पालिकाध्यक्ष अजहर खां के खिलाफ दर्ज हुए मुकदमों की भी निंदा की। उन्होंने कहा कि पूरी मॉब लिंचिंग और शिक्षा विरोध सरकार के खिलाफ पूरी जुलाई आंदोलन चलेगा। तीन जुलाई से आंदोलन की शुरुआत होगी। इसमें शिक्षा विरोधियों और इंसानियत विरोधियों के विरुद्ध लड़ाई लड़ी जाएगी। रामपुर में 3 जुलाई से 24 जुलाई तक जिले के लगभग 20 अधिकारियों को ज्ञापन और कलम सौंपा जाएगा। उन्होंने कहा कि रामपुर के जिलाधिकारी को यह कलम नहीं दिया जाएगा। तीन जुलाई को बिलासपुर तहसील से आंदोलन की शुरुआत होगी, जिसके बाद पांच व छह जुलाई को मिलक, आठ व नौ जुलाई को शाहबाद, 10 एवं 11 जुलाई को स्वार, 12 एवं 13 जुलाई को टांडा, 15 से 24 जुलाई तक रामपुर शहर के अधिकारियों को ज्ञापन एवं कलम सौंपा जाएगा। गोरखपुर के आंदोलन की तारीख मोहम्मद आसिम खान तय करेंगे। बैठक में मंच के पांच राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्यों की घोषणा की गई, जिसमें राज्यसभा पूर्व सदस्य मुनव्वर सलीम के पुत्र शहरयार खान, मुम्बई से मुनव्वर, गोरखपुर से आसिम खान, लखनऊ से मोहम्मद अरफात खान और बिहार से अफजल जफर को कार्यकारिणी का सदस्य बनाया गया है। बैठक की अध्यक्षता हक रामपुरी ने की। बैठक में मसूद अली गुड्डू, रानू खां, शादाब मियां, मोहम्मद हसन, हरज्ञान सिंह यादव, प्रमोद गंगवार, जस्सा सिंह, आरिफ खान ओरामा, दानिश शाहिद, जगमोहन सिंह, सईद खुसरु आदि उपस्थित रहे।
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