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अभिनंदन की रिहाई को अल्लाह से दुआ मांगी थी, स्वागत है: आजम
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रामपुर। पूर्व मंत्री मोहम्मद आजम खां ने विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान की रिहाई का स्वागत करते हुए कहा है कि उन्होंने अल्लाह से उनकी वतन वापसी के लिए दुआ मांगी थी। पाकिस्तान ने ऐसा करके अच्छी पहल की है। आगे भी अच्छे नतीजे आने चाहिए। उन्होंने कहा कि दुनिया भर में अमन होना चाहिए।
सोशल मीडिया पर हो टिप्पणी पर आजम बोले कि यह बहुत अच्छी बात है इससे पता चल रहा है कि देश में मुसलमानों के लिए कितनी नफरत है। यह बात पूरे देश को मालूम होती जा रही है कि मुसलमान अनवांटेड हैं, उनकी जान-माल और आबरू खतरे में है। सरकार के साथ साथ जनता का भी ऐसा सोचना है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया की जुबान को पूरी दुनिया के लोग देख रहे हैं। इसीलिए हम कहते हैं कि मुसलमानों के वोट का अधिकार खत्म हो जाना चाहिए। हमने खुद को नंबर तीन का शहरी मान लिया है।अब हम किरायेदार हैं। हमारी किरायेदारी कभी भी खत्म की जा सकती है।
वहीं रामपुर के एक युवक द्वारा सोशल मीडिया पर गलत टिप्पणी करने पर हुई एफआईआर पर आजम ख़ां ने कहा कि ग़लत लिखा है तो ग़लत है। हम ग़लत की कभी पैरवी नहीं करेंगे। हां, एक शख्स की गलती की सजा उसके परिवार को और उसके धर्म को देना गलत बात है। सोशल मीडिया पर जिस तरह से इस्लाम और मुसलमानों को जिन अल्फ़ाजों से नवाजा जा रहा है उससे आप अंदाजा लगा लीजिए कि मुसलमान किस हाल में हैं। ऐसे लोग तो दुश्मन की मदद कर रहे हैं। दुश्मन भी तो यही चाहता है।
सोशल मीडिया पर हो टिप्पणी पर आजम बोले कि यह बहुत अच्छी बात है इससे पता चल रहा है कि देश में मुसलमानों के लिए कितनी नफरत है। यह बात पूरे देश को मालूम होती जा रही है कि मुसलमान अनवांटेड हैं, उनकी जान-माल और आबरू खतरे में है। सरकार के साथ साथ जनता का भी ऐसा सोचना है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया की जुबान को पूरी दुनिया के लोग देख रहे हैं। इसीलिए हम कहते हैं कि मुसलमानों के वोट का अधिकार खत्म हो जाना चाहिए। हमने खुद को नंबर तीन का शहरी मान लिया है।अब हम किरायेदार हैं। हमारी किरायेदारी कभी भी खत्म की जा सकती है।
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वहीं रामपुर के एक युवक द्वारा सोशल मीडिया पर गलत टिप्पणी करने पर हुई एफआईआर पर आजम ख़ां ने कहा कि ग़लत लिखा है तो ग़लत है। हम ग़लत की कभी पैरवी नहीं करेंगे। हां, एक शख्स की गलती की सजा उसके परिवार को और उसके धर्म को देना गलत बात है। सोशल मीडिया पर जिस तरह से इस्लाम और मुसलमानों को जिन अल्फ़ाजों से नवाजा जा रहा है उससे आप अंदाजा लगा लीजिए कि मुसलमान किस हाल में हैं। ऐसे लोग तो दुश्मन की मदद कर रहे हैं। दुश्मन भी तो यही चाहता है।
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