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गांवों का अंधेरा दूर करने के लिए खर्च हुए साढ़े तीन सौ करोड़
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रामपुर। जिले में गांवों का अंधेरा दूर करने के लिए सरकार ने अब तक साढ़े तीन सौ करोड़ रुपये खर्च किए हैं। जबकि, करीब एक हजार करोड़ रुपये की परिजनाओं पर काम शुरु हो गया है। इसके अलावा 1559 गांवों का विद्युतीकरण किया गया है। एक लाख से अधिक उपभोक्ताओं को कनेक्शन जारी किए गए हैं।
केंद्र सरकार की ओर से गांवों का अंधेरा दूर करने के लिए सौभाग्य योजना शुरु की थी। इस योजना के तहत जिले में बहुत काम हुआ। वर्तमान में योजना के तहत 167.43 करोड़ रुपये के कार्य हुए हैं। सबसे ज्यादा समस्या थी कि गांवों में बिजली ही नहीं पहुंची थी। 1559 गांव अंधेरे में थे, जहां आंशिक रूप से विद्युतीकरण हुआ था। इसके अलावा लाइट कई कई दिनों तक गायब रहती थी, जिसकी वजह से लोग काफी परेशान थे। ऐसे में मोदी सरकार में सौभाग्य योजना के तहत गांवों रोशन करने का काम किया। 1559 मझरों का विद्युतीकरण किया गया, जिस पर 165 करोड़ से अधिक रुपये खर्च किए गए। बिजली चोरी रोकने के लिए एबीसी केबिल डालने का काम किया गया। 102312 घरों में बिजली के निशुल्क कनेक्शन जारी किए गए हैं। ये ऐसे उपभोक्ता हैं, जिनके घरों में कभी बल्ब जला ही नहीं था। इसके अलावा चार नए बिजलीघरों को ऊर्जीकृत करने का कार्य किया गया है, जिस पर करीब 19 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। 16 बिजलीघरों की क्षमतावृद्घि करने का कार्य हुआ है, ताकि लोगों को बेहतर बिजली मिले। लो वोल्टेज की समस्या न हो। पांच हजार ट्रांसफार्मर स्थापित किए गए हैं, जिस पर सौ करोड़ से भी अधिक रुपये खर्च हुए हैं। लालपुर बिजलीघर को चालू किया गया, जबकि टांडा एवं रामपुर के 132 केवी के बिजलीघर की क्षमता बढ़ाई गई है।
केंद्र सरकार की ओर से गांवों का अंधेरा दूर करने के लिए सौभाग्य योजना शुरु की थी। इस योजना के तहत जिले में बहुत काम हुआ। वर्तमान में योजना के तहत 167.43 करोड़ रुपये के कार्य हुए हैं। सबसे ज्यादा समस्या थी कि गांवों में बिजली ही नहीं पहुंची थी। 1559 गांव अंधेरे में थे, जहां आंशिक रूप से विद्युतीकरण हुआ था। इसके अलावा लाइट कई कई दिनों तक गायब रहती थी, जिसकी वजह से लोग काफी परेशान थे। ऐसे में मोदी सरकार में सौभाग्य योजना के तहत गांवों रोशन करने का काम किया। 1559 मझरों का विद्युतीकरण किया गया, जिस पर 165 करोड़ से अधिक रुपये खर्च किए गए। बिजली चोरी रोकने के लिए एबीसी केबिल डालने का काम किया गया। 102312 घरों में बिजली के निशुल्क कनेक्शन जारी किए गए हैं। ये ऐसे उपभोक्ता हैं, जिनके घरों में कभी बल्ब जला ही नहीं था। इसके अलावा चार नए बिजलीघरों को ऊर्जीकृत करने का कार्य किया गया है, जिस पर करीब 19 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। 16 बिजलीघरों की क्षमतावृद्घि करने का कार्य हुआ है, ताकि लोगों को बेहतर बिजली मिले। लो वोल्टेज की समस्या न हो। पांच हजार ट्रांसफार्मर स्थापित किए गए हैं, जिस पर सौ करोड़ से भी अधिक रुपये खर्च हुए हैं। लालपुर बिजलीघर को चालू किया गया, जबकि टांडा एवं रामपुर के 132 केवी के बिजलीघर की क्षमता बढ़ाई गई है।
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