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डॉक्टर ने मरीज को देखने से किया इनकार
Updated Fri, 13 Oct 2017 10:07 PM IST
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टापरी (किन्नौर)।
हिमाचल बासपा परियोजना के जिंदाल संजीवनी अस्पताल में डॉक्टर के पास गए मरीज को उसने नहीं देखा। इस संबंध में प्रभावित परिवार ने पुलिस थाना टापरी में शिकायत दर्ज करवाई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार वीरवार को संजीव कुमार, पुत्र पंछी लाल निवासी गांव व डाकघर चगांव, तहसील निचार, जिला किन्नौर अपनी बीमार पत्नी को लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र टापरी पहुंचा। यहां उपचार के बाद मरीज को एक्सरे के लिए जिंदाल संजीवनी अस्पताल भेजा गया। यहां डॉक्टर गौतम धर ने मरीज को इसलिए जांचने से इनकार कर दिया, क्योंकि उसे सरकारी अस्पताल में दिखाया गया था।
प्रभावित संजीव कुमार ने पुलिस थाना टापरी में शिकायत दर्ज करवाई है। थाना प्रभारी श्याम तोमर ने इस मामले पर संज्ञान लेने की बात कही है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी किन्नौर पदम नेगी ने कहा कि उन्हें इस बारे में कोई सूचना नहीं है। उन्होंने कहा कि यह अस्पताल उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं आता है। जिंदाल संजीवनी अस्पताल के डॉक्टर एमएल धर ने बताया की यह मामला उनके संज्ञान में नहीं है। अस्पताल का प्रथम कर्तव्य मरीज का उपचार करना है। इस प्रकार का रवैया डॉक्टरों और अस्पताल प्रशासन की संवेदनहीनता को दर्शाता है। डॉ. गौतम धर ने बताया कि स्टाफ के साथ उक्त व्यक्ति ने दुर्व्यवहार किया है। उनके कहने के अनुसार व्यक्ति इलाज करवाने से मना कर रहा था।
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हिमाचल बासपा परियोजना के जिंदाल संजीवनी अस्पताल में डॉक्टर के पास गए मरीज को उसने नहीं देखा। इस संबंध में प्रभावित परिवार ने पुलिस थाना टापरी में शिकायत दर्ज करवाई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार वीरवार को संजीव कुमार, पुत्र पंछी लाल निवासी गांव व डाकघर चगांव, तहसील निचार, जिला किन्नौर अपनी बीमार पत्नी को लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र टापरी पहुंचा। यहां उपचार के बाद मरीज को एक्सरे के लिए जिंदाल संजीवनी अस्पताल भेजा गया। यहां डॉक्टर गौतम धर ने मरीज को इसलिए जांचने से इनकार कर दिया, क्योंकि उसे सरकारी अस्पताल में दिखाया गया था।
प्रभावित संजीव कुमार ने पुलिस थाना टापरी में शिकायत दर्ज करवाई है। थाना प्रभारी श्याम तोमर ने इस मामले पर संज्ञान लेने की बात कही है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी किन्नौर पदम नेगी ने कहा कि उन्हें इस बारे में कोई सूचना नहीं है। उन्होंने कहा कि यह अस्पताल उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं आता है। जिंदाल संजीवनी अस्पताल के डॉक्टर एमएल धर ने बताया की यह मामला उनके संज्ञान में नहीं है। अस्पताल का प्रथम कर्तव्य मरीज का उपचार करना है। इस प्रकार का रवैया डॉक्टरों और अस्पताल प्रशासन की संवेदनहीनता को दर्शाता है। डॉ. गौतम धर ने बताया कि स्टाफ के साथ उक्त व्यक्ति ने दुर्व्यवहार किया है। उनके कहने के अनुसार व्यक्ति इलाज करवाने से मना कर रहा था।
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