{"_id":"5c0c1dd2bdec224169397aa5","slug":"11544297938-rampur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"दस्तावेजों और शिकायतों का पुलिंदा लेकर लखनऊ लौटी एसआईटी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दस्तावेजों और शिकायतों का पुलिंदा लेकर लखनऊ लौटी एसआईटी
Updated Sun, 09 Dec 2018 01:08 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रामपुर। मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय में सरकारी धन से हुए निर्माण कार्यों समेत तमाम शिकायतों और दस्तावेजों का पुलिंदा लेकर एसआईटी वापस लखनऊ लौट गई है। साथ ही शिकायतकर्ताओं एवं अफसरों को कहा गया है कि आवश्यकता पड़ने पर उन्हें लखनऊ बुलाया जा सकता है, जिस पर उन्हें तुरंत लखनऊ जाना होगा।
पूर्व मंत्री आजम खां की जौहर यूनिवर्सिटी में सरकारी धन से तमाम निर्माण कार्य हुए हैं। इसको लेकर शिकायतें की जा रही थीं कि सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया है। लिहाजा, इन तमाम शिकायतों की जांच के लिए एसआईटी रामपुर आई थी। बुधवार को आई टीम ने रामपुर आकर शिकायतकर्ताओं के बयान दर्ज किए। किसी जमीन पर जबरन कब्जा करने का आरोप लगाया तो किसी ने चकरोड़ों की जमीनों पर कब्जा करने का आरोप लगाया। भाजपा लघु उद्योग प्रकोष्ठ के क्षेत्रीय संयोजक आकाश सक्सेना हनी ने तमाम शिकायतों के बारे में विस्तार से जानाकरी देने के साथ ही साक्ष्य भी पेश किए। अधिवक्ता मुस्तफा हुसैन, कांग्रेस नेता फैसल खां लाल ने भी सबूत पेश किए। इसके अलावा ग्रामीणों ने भी अपने अपने बयान दर्ज कराए। बुधवार शाम को रामपुर पहुंची एसआईटी ने शुक्रवार को विश्वविद्यालय का निरीक्षण किया, जहां तमाम निर्माण कार्यों को देखा। संबंधित विभागों ने निर्माण संबंधी दस्तावेज भी मांगे, जो विभागों की ओर से दे दिए गए हैं।
चार दिन तक चली जांच शनिवार शाम को पूरी हो गई। शिकायकर्ताओं, ग्रामीणों एवं अफसरों के बयान लेने के बाद एसआईटी वापस लखनऊ लौट गई। सीओ अशोक कुमार ने शिकायतकर्ताओं से कहा कि यदि बीच में जरूरत पड़ी तो उन्हें लखनऊ बुलाया जा सकता है। लखनऊ आकर सवालों के जवाब देने होंगे। साथ ही किसी दस्तावेज की आवश्यकता पड़ी तो वह भी देने होंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
पूर्व मंत्री आजम खां की जौहर यूनिवर्सिटी में सरकारी धन से तमाम निर्माण कार्य हुए हैं। इसको लेकर शिकायतें की जा रही थीं कि सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया है। लिहाजा, इन तमाम शिकायतों की जांच के लिए एसआईटी रामपुर आई थी। बुधवार को आई टीम ने रामपुर आकर शिकायतकर्ताओं के बयान दर्ज किए। किसी जमीन पर जबरन कब्जा करने का आरोप लगाया तो किसी ने चकरोड़ों की जमीनों पर कब्जा करने का आरोप लगाया। भाजपा लघु उद्योग प्रकोष्ठ के क्षेत्रीय संयोजक आकाश सक्सेना हनी ने तमाम शिकायतों के बारे में विस्तार से जानाकरी देने के साथ ही साक्ष्य भी पेश किए। अधिवक्ता मुस्तफा हुसैन, कांग्रेस नेता फैसल खां लाल ने भी सबूत पेश किए। इसके अलावा ग्रामीणों ने भी अपने अपने बयान दर्ज कराए। बुधवार शाम को रामपुर पहुंची एसआईटी ने शुक्रवार को विश्वविद्यालय का निरीक्षण किया, जहां तमाम निर्माण कार्यों को देखा। संबंधित विभागों ने निर्माण संबंधी दस्तावेज भी मांगे, जो विभागों की ओर से दे दिए गए हैं।
विज्ञापन
चार दिन तक चली जांच शनिवार शाम को पूरी हो गई। शिकायकर्ताओं, ग्रामीणों एवं अफसरों के बयान लेने के बाद एसआईटी वापस लखनऊ लौट गई। सीओ अशोक कुमार ने शिकायतकर्ताओं से कहा कि यदि बीच में जरूरत पड़ी तो उन्हें लखनऊ बुलाया जा सकता है। लखनऊ आकर सवालों के जवाब देने होंगे। साथ ही किसी दस्तावेज की आवश्यकता पड़ी तो वह भी देने होंगे।
विज्ञापन