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पर्यूषण पर्व में दसलक्षण पूजन हुआ
Updated Wed, 06 Sep 2017 11:52 PM IST
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पर्यूषण पर्व में दसलक्षण पूजन
रामपुर। पर्यूषण पर्व में बुधवार को रत्नत्रर्य पर्व मनाया गया। श्रद्धालुओं ने पूजन किया। शास्त्री जी द्वारा प्रक्षाल व शांतिधारा कराकर पर्यूषण पर्व के महत्व को बताया गया। इस दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए।
फूटा महल स्थित श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर में सुबह को प्रक्षाल पूजन व शांतिधारा राजस्थान से आए पं. कोमल चंद्र शास्त्री ने कराया। शांतिधारा देवेंद्र जैन द्वारा की गई। इसके बाद पर्यूषण पर्व में रत्नत्रर्य पर्व मनाया गया। पंडित कोमल चंद्र शास्त्री ने श्रद्धालुओं को पर्यूषण पर्व और दसलक्षण पूजन के महत्व को समझाया। उन्होंने कहा कि पर्यूषण पर्व में प्रतिदिन एक धर्म का वर्णन किया जाता है। हर धर्म को मानने से मनुष्य जीवन सफल होता है। हमारे पूर्वज हमारे गौरव में स्व. कल्याण कुमार जैन, शशी जैन का जीवन परिचय लीना जैन, नितिन जैन ने सबके सम्मुख प्रस्तुत किया। इसके बाद रथ यात्रा की बोली हुई। जिसमें खवासी भारत भूषण जैन, मगंल कलश दिशा जैन, सारथी अनुराग जैन, इंद्र के लिए रमेश जैन, रितिक जैन, श्रीयांश जैन, शुभम जैन चुने गए। इसके बाद बच्चों को पुरस्कार वितरण किये गये। पूजन में डा. सुमेर जैन, प्रदीप जैन, देवेंद्र जैन, रीतेश, नितेश जैन, अनिल जैन, अजय जैन, विशाल जैन, कस्तूर चंद जैन, अंजू जैन, डा. शीनू जैन, चंद्रप्रभा, पारूल, नेहा, नीलम जैन, नीता जैन, भारत भूषण जैन, शुभम जैन आदि मौजूद रहे। सिविल लाइंस स्थित श्री आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में भी पर्यूषण पर्व पर पूजन व प्रवचन हुआ। मथुरा चौरासी से आए पं. जयसूर्या शास्त्री ने दसलक्षण धर्म का वर्णन किया। इस दौरान डा. जीके जैन, संजू, दिनेश सेठी, संजय खंडेलवाल, सुशील जैन, पूनम, शशि जैन आदि मौजूद रहे।
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रामपुर। पर्यूषण पर्व में बुधवार को रत्नत्रर्य पर्व मनाया गया। श्रद्धालुओं ने पूजन किया। शास्त्री जी द्वारा प्रक्षाल व शांतिधारा कराकर पर्यूषण पर्व के महत्व को बताया गया। इस दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए।
फूटा महल स्थित श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर में सुबह को प्रक्षाल पूजन व शांतिधारा राजस्थान से आए पं. कोमल चंद्र शास्त्री ने कराया। शांतिधारा देवेंद्र जैन द्वारा की गई। इसके बाद पर्यूषण पर्व में रत्नत्रर्य पर्व मनाया गया। पंडित कोमल चंद्र शास्त्री ने श्रद्धालुओं को पर्यूषण पर्व और दसलक्षण पूजन के महत्व को समझाया। उन्होंने कहा कि पर्यूषण पर्व में प्रतिदिन एक धर्म का वर्णन किया जाता है। हर धर्म को मानने से मनुष्य जीवन सफल होता है। हमारे पूर्वज हमारे गौरव में स्व. कल्याण कुमार जैन, शशी जैन का जीवन परिचय लीना जैन, नितिन जैन ने सबके सम्मुख प्रस्तुत किया। इसके बाद रथ यात्रा की बोली हुई। जिसमें खवासी भारत भूषण जैन, मगंल कलश दिशा जैन, सारथी अनुराग जैन, इंद्र के लिए रमेश जैन, रितिक जैन, श्रीयांश जैन, शुभम जैन चुने गए। इसके बाद बच्चों को पुरस्कार वितरण किये गये। पूजन में डा. सुमेर जैन, प्रदीप जैन, देवेंद्र जैन, रीतेश, नितेश जैन, अनिल जैन, अजय जैन, विशाल जैन, कस्तूर चंद जैन, अंजू जैन, डा. शीनू जैन, चंद्रप्रभा, पारूल, नेहा, नीलम जैन, नीता जैन, भारत भूषण जैन, शुभम जैन आदि मौजूद रहे। सिविल लाइंस स्थित श्री आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में भी पर्यूषण पर्व पर पूजन व प्रवचन हुआ। मथुरा चौरासी से आए पं. जयसूर्या शास्त्री ने दसलक्षण धर्म का वर्णन किया। इस दौरान डा. जीके जैन, संजू, दिनेश सेठी, संजय खंडेलवाल, सुशील जैन, पूनम, शशि जैन आदि मौजूद रहे।
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