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चीनी मिलें 15 दिन में करें शत-प्रतिशत भुगतान
Updated Thu, 07 Jun 2018 12:49 AM IST
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चीनी मिलें 15 दिन में करें शत-प्रतिशत भुगतान
रामपुर।
जिले में किसानों के लंबित गन्ना मूल्य भुगतान को लेकर डीएम ने समीक्षा बैठक की। जिसमें चीनी मिल प्रबंधनों को 15 दिन में शत-प्रतिशत भुगतान के लिए कहा गया है। ऐसा न करने पर कठोर कार्रवाई की चेतावनी भी दी है।
जिले में बिलासपुर की रूद्र बिलासपुर चीनी मिल ने 62 फीसदी, मिलक नारायनपुर स्थित त्रिवेणी शुगर मिल ने 80 फीसदी और शाहबाद के करीमगंज स्थित राणा शुगर मिल ने 61 फीसदी गन्ना मूल्य का भुगतान ही किया है। जिलाधिकारी महेंद्र बहादुर सिंह कलक्ट्रेट सभागार में गन्ना मूल्य भुगतान को लेकर बैठक की। जिसमें उन्होंने कहा कि किसान नकदी फसल के रूप में गन्ने की बुआई इसलिए करते हैं, जिससे उन्हें आर्थिक समस्याओं का सामना न करना पड़े। लेकिन चीनी मिलों के समय से भुगतान न करने के कारण किसानों को आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, जो निराशाजनक है। उन्होंने चीनी मिल प्रबंधनों को चेताते हुए कहा कि यदि 15 दिवस में भुगतान सुनिश्चित नहीं किया गया तो कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। कहा कि किसानों की समस्याओं का निस्तारण शासन एवं प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही क्षम्य नहीं है।
रामपुर।
जिले में किसानों के लंबित गन्ना मूल्य भुगतान को लेकर डीएम ने समीक्षा बैठक की। जिसमें चीनी मिल प्रबंधनों को 15 दिन में शत-प्रतिशत भुगतान के लिए कहा गया है। ऐसा न करने पर कठोर कार्रवाई की चेतावनी भी दी है।
जिले में बिलासपुर की रूद्र बिलासपुर चीनी मिल ने 62 फीसदी, मिलक नारायनपुर स्थित त्रिवेणी शुगर मिल ने 80 फीसदी और शाहबाद के करीमगंज स्थित राणा शुगर मिल ने 61 फीसदी गन्ना मूल्य का भुगतान ही किया है। जिलाधिकारी महेंद्र बहादुर सिंह कलक्ट्रेट सभागार में गन्ना मूल्य भुगतान को लेकर बैठक की। जिसमें उन्होंने कहा कि किसान नकदी फसल के रूप में गन्ने की बुआई इसलिए करते हैं, जिससे उन्हें आर्थिक समस्याओं का सामना न करना पड़े। लेकिन चीनी मिलों के समय से भुगतान न करने के कारण किसानों को आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, जो निराशाजनक है। उन्होंने चीनी मिल प्रबंधनों को चेताते हुए कहा कि यदि 15 दिवस में भुगतान सुनिश्चित नहीं किया गया तो कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। कहा कि किसानों की समस्याओं का निस्तारण शासन एवं प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही क्षम्य नहीं है।
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