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जर्जर काशीपुर मार्ग के गड्ढों में भरा बारिश का पानी
Updated Sat, 25 Aug 2018 12:41 AM IST
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दढ़ियाल। निर्माणाधीन दढ़ियाल - काशीपुर मार्ग बारिश के मौसम में बदहाल होकर रह गया है। सड़क में गहरे गड्ढे बने हैं जिनमें बारिश का पानी भरने से मार्ग ने जगह जगह तालाब का रूप ले लिया है। इससे लोगों को आवागमन में भारी परेशानी तो हो रही है साथ ही गड्ढे के कारण लोग हादसे का शिकार हो रहे हैं।
दढ़ियाल से उत्तराखंड के काशीपुर को जोड़ने वाले 9 किलोमीटर मार्ग के चौड़ीकरण का कार्य लोक निर्माण विभाग द्वारा करीब चार माह पहले प्रारंभ किया गया था। इस दौरान मार्ग पर मात्र पत्थर और सैंड बिछाया जा सका कि बारिश का मौसम शुरू हो गया। जिस पर संबंधित ठेकेदार ने निर्माण कार्य रोक दिया। अब हालत ये है कि मार्ग में जगह जगह गहरे गड्ढे हो गए हैं जिनमे बरसात का पानी भरने से मार्ग से गुजरना काफी खतरनाक हो गया है विशेषकर गढ्ढों से उखड़कर निकले पत्थर दो पहिया वाहन चालकों के लिए हादसों का सबब बन रहे हैं। प्रतिदिन कई लोग गड्ढों में गिरकर घायल हो रहे हैं। वहीं मार्ग पर चार पहिया वाहनों का गुजरना भी दुश्वार हो गया है। अक्सर वाहनों के टायर फटने और इंजन में खराबी आने से उन्हें मार्ग की दुरी तय करने में कई घंटे लग जाते है। बड़े वाहनों के गुजरने के दौरान उखड़ी सड़क के पत्थर साईकिल सवार और पैदल राहगीरों के लिए खतरा बन रहे हैं प्रतिदिन स्कूल . कालेज आने जाने वाले छात्रों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस मार्ग से त्रिवेणी चीनी मिल सहित बड़ी संख्या में काशीपुर की फैक्ट्रियों में काम करने वाले कर्मचारियों का प्रतिदिन आना जाना है जिन्हें सबसे अधिक परेशानी है उन्होंने लोकनिर्माण विभाग से मार्ग को समतल कराने की मांग की है।
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दढ़ियाल से उत्तराखंड के काशीपुर को जोड़ने वाले 9 किलोमीटर मार्ग के चौड़ीकरण का कार्य लोक निर्माण विभाग द्वारा करीब चार माह पहले प्रारंभ किया गया था। इस दौरान मार्ग पर मात्र पत्थर और सैंड बिछाया जा सका कि बारिश का मौसम शुरू हो गया। जिस पर संबंधित ठेकेदार ने निर्माण कार्य रोक दिया। अब हालत ये है कि मार्ग में जगह जगह गहरे गड्ढे हो गए हैं जिनमे बरसात का पानी भरने से मार्ग से गुजरना काफी खतरनाक हो गया है विशेषकर गढ्ढों से उखड़कर निकले पत्थर दो पहिया वाहन चालकों के लिए हादसों का सबब बन रहे हैं। प्रतिदिन कई लोग गड्ढों में गिरकर घायल हो रहे हैं। वहीं मार्ग पर चार पहिया वाहनों का गुजरना भी दुश्वार हो गया है। अक्सर वाहनों के टायर फटने और इंजन में खराबी आने से उन्हें मार्ग की दुरी तय करने में कई घंटे लग जाते है। बड़े वाहनों के गुजरने के दौरान उखड़ी सड़क के पत्थर साईकिल सवार और पैदल राहगीरों के लिए खतरा बन रहे हैं प्रतिदिन स्कूल . कालेज आने जाने वाले छात्रों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस मार्ग से त्रिवेणी चीनी मिल सहित बड़ी संख्या में काशीपुर की फैक्ट्रियों में काम करने वाले कर्मचारियों का प्रतिदिन आना जाना है जिन्हें सबसे अधिक परेशानी है उन्होंने लोकनिर्माण विभाग से मार्ग को समतल कराने की मांग की है।
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