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हाईवे के किनारे प्रसव के बाद महिला की मौत, नवजात की हालत नाजुक
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रायबरेली। लखनऊ-प्रयागराज हाईवे पर एक ढाबे के पास गुरुवार को महिला ने बच्चे को जन्म दिया। प्रसव के बाद प्रसूता व नवजात को एंबुलेंस से सीएचसी पहुंचाया गया। जहां डॉक्टर ने महिला को मृत घोषित कर दिया। नवजात की हालत गंभीर होने पर उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। बताते हैं प्रसूता मानसिक रूप से बीमार थी और रोजाना घूमा करती थी।
बछरावां थाना क्षेत्र के कसरावां गांव की रहने वाली प्रेमा देवी (32) पत्नी राजेंद्र कोरी रोज की तरह गुरुवार सुबह भी पति के मजदूरी पर चले जाने के बाद घर से निकल आई और लखनऊ-प्रयागराज हाईवे के किनारे एक ढाबे के पास बने रोडवेज बस स्टॉप के टीनशेड के नीचे बैठ गई। करीब 11 बजे पीड़ा के बाद बच्ची को जन्म दे दिया।
उसके कराहने व नवजात को देखकर मौके पर पहुंचे लोगों ने एंबुलेंस बुलवाकर उसे सीएचसी पहुंचाया। अस्पताल में प्रसूता को मृत घोषित कर दिया गया, जबकि नवजात की हालत नाजुक होने पर उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। मृत प्रेमा के पति राजेंद्र ने बताया कि उसकी पत्नी कई वर्षों से मानसिक रूप से बीमार थी। वह मेहनत मजदूरी कर उसका इलाज करा रहा था।
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उसका एक पुत्र राम सहारे (5), लड़की वैष्णवी (3) की है। मानसिक रूप से बीमार रहने के चलते प्रेमा घर में नहीं रुकती थी। मामले में सीएचसी अधीक्षक डॉ. एके जैसल ने बताया कि महिला मानसिक रूप से बीमार थी। जब तक उसे सीएचसी लाया गया तब तक अत्यधिक रक्तस्राव हो जाने के चलते उसकी हार्टबीट व पल्स रेट काफी कम हो गई थी। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। नवजात बच्ची का वजन भी कम होने के चलते उसकी स्थिति को गंभीर देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है।
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बछरावां थाना क्षेत्र के कसरावां गांव की रहने वाली प्रेमा देवी (32) पत्नी राजेंद्र कोरी रोज की तरह गुरुवार सुबह भी पति के मजदूरी पर चले जाने के बाद घर से निकल आई और लखनऊ-प्रयागराज हाईवे के किनारे एक ढाबे के पास बने रोडवेज बस स्टॉप के टीनशेड के नीचे बैठ गई। करीब 11 बजे पीड़ा के बाद बच्ची को जन्म दे दिया।
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उसके कराहने व नवजात को देखकर मौके पर पहुंचे लोगों ने एंबुलेंस बुलवाकर उसे सीएचसी पहुंचाया। अस्पताल में प्रसूता को मृत घोषित कर दिया गया, जबकि नवजात की हालत नाजुक होने पर उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। मृत प्रेमा के पति राजेंद्र ने बताया कि उसकी पत्नी कई वर्षों से मानसिक रूप से बीमार थी। वह मेहनत मजदूरी कर उसका इलाज करा रहा था।
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उसका एक पुत्र राम सहारे (5), लड़की वैष्णवी (3) की है। मानसिक रूप से बीमार रहने के चलते प्रेमा घर में नहीं रुकती थी। मामले में सीएचसी अधीक्षक डॉ. एके जैसल ने बताया कि महिला मानसिक रूप से बीमार थी। जब तक उसे सीएचसी लाया गया तब तक अत्यधिक रक्तस्राव हो जाने के चलते उसकी हार्टबीट व पल्स रेट काफी कम हो गई थी। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। नवजात बच्ची का वजन भी कम होने के चलते उसकी स्थिति को गंभीर देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है।