विकास को लगेंगे पंख, उम्मीदों से रोशन होगा नया साल
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नई सीएचसी का संचालन शुरू होने से लोगों को बेहतर इलाज मिलेगा। साथ ही लोगों को उम्मीद है कि जिला प्रशासन के अधिकारी और जनप्रतिनिधि भी उनकी समस्याओं के निस्तारण को लेकर तेजी दिखाएंगे, जिससे जिले में विकास का पहिया तेजी से दौड़ सकेगा।
प्रदेश सरकार ने जिले को चालू सत्र में 199 नए आंगनबाड़ी भवन दिए हैं। इनके निर्माण की प्रक्रिया 31 मार्च 2017 तक पूरी करने का लक्ष्य है। इसके लिए कार्यदाई संस्थाएं जिलाधिकारी के स्तर से तय कर दी गई हैं। प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र की लागत 8.60 लाख निर्धारित है।
नए भवन में बन जाने से किराए पर चल रहे आंगनबाड़ी केंद्रों को अपना भवन मिल जाएगा। इससे मासूम छत के नीचे ककहरा पढ़ना सीख सकेंगे। उन्हें साथ सुथरे बने किचेन में बना भोजन मिल पाएगा। इसके अलावा स्वच्छ प्रसाधन भी उनके प्रयोग में आएगा।
मुसाफिरों के आवागमन को सुगम बनाने के लिए कई प्रोजेक्टों के शुरू होने से लोगों कोफायदा मिलेगा। जेल रोड पर रेल क्रॉसिंग के ऊपर बन रहा ओवरब्रिज है तो दूसरा बछरावां ब्लॉक क्षेत्र में कंजेश्वरधाम के निकट सई पर निर्माणाधीन पुल।
दोनों ही कार्य नए साल पूरे हो जाएंगे। इसके अलावा पीएमजीएसवाई की निर्माणाधीन शिवगढ़-सूरजपुर सड़क का काम नए साल में पूरा हो जाएगा। करीब सात किलोमीटर लंबी इस रोड का निर्माण 3.5 करोड़ की लागत से कराया जा रहा है। इन कार्यों के पूर्ण से मुसाफिरों को आवागमन में काफी आसानी होगी।
नया साल ग्रामीण जनता को करोड़ों की सौगात देगा। राही ब्लॉक के खागीपुर सड़वा, रुस्तमपुर, दीनशाह गौरा ब्लॉक के जलालपुर धई और शिवगढ़ ब्लॉक क्षेत्र के राजापुर सीवन में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का निर्माण चल रहा है। इसके अलावा सलोन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भी बनाया जा रहा है।
ये पीएचसी और सीएचसी इस साल शुरू हो जाएंगी। यही नहीं जिला अस्पताल परिसर में निर्माणाधीन मैटरनिटीविंग के वर्ष 2017 में बन कर तैयार होने की पूरी उम्मीद है। करोड़ों के इन प्रोजेक्टों के धरातल पर आने के बाद रोगियों को काफी सहूलियत मिलेगी और इलाज के लिए दौड़भाग नहीं करनी पडे़गी।
नए साल में गरीबों को शुद्ध पेयजल मिलेगा। सौर ऊर्जा आधारित ग्रामीण पेयजल योजना के तहत 133 सोलर वाटर प्लांटों से लोगों को पानी मिलना शुरू हो जाएगा। एक सोलर प्लांट से ढाई सौ आबादी को जलापूर्ति करने का लक्ष्य रखा गया है।
एक्सईएन जनार्दन सिंह के मुताबिक 133 सोलर प्लांटों के निर्माण से पेयजल की समस्या दूर होगी। इसके अलावा देहात क्षेत्रों में 20 नई पानी की टंकियों का निर्माण कार्य कराया जा रहा है। नए साल में इन टंकियों से पानी की आपूर्ति भी शुरू करा दी जाएगी।
नए साल में शहर के अलावा अब नगर पंचायतों की बिजली व्यवस्था में सुधार किया जाएगा। इसके लिए केंद्र सरकार ने इंटीग्रेटेड पावर डेवलपमेंट (आईपीडीएस) योजना शुरू की है। योजना के तहत 25 करोड़ रुपये खर्च किये जाएंगे।
इस योजना के शुरू हो जाने से नगर पंचायत के करीब एक लाख से ज्यादा जनता को बिजली समस्या से निजात मिलेगी। नगर पंचायत परशदेपुर, लालगंज, डलमऊ, बछरावां, महराजगंज, ऊंचाहार, सलोन को नई योजना से फायदा मिलेगा।
ग्रामीण अंचलों को भरपूर बिजली देने के लिए सात नए सब स्टेशनों का निर्माण कराया जाएगा। इन उपकेंद्रों के निर्माण के लिए भूमि का चयन कर लिया गया। जल्द ही काम शुरू कराया जाएगा।
दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण ज्योति योजना से 17 करोड़ की लागत से उपकेंद्रों का निर्माण भुएमऊ, लाला का पुरवा, करहिया, कालू खेड़ा, कोंसा, भोजपुर, बरस में होगा। इन उपकेंद्रों के बन जाने से ग्रामीण क्षेत्र के लगभग तीन लाख उपभोक्ताओं को बिजली समस्या से निजात मिलेगी।