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ये क्या, ऐसे होती है यहां साफ-सफाई
अमर उजाला ब्यूरो/ रायबरेली
Updated Sat, 23 Jul 2016 11:45 PM IST
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रायबरेली में शनिवार को जिला अस्पताल में शौचालय मिली गंदगी को देख सीएमएस को फटकार लगाते प्रमुख सचिव महेश गुप्ता।
- फोटो : अमर उजाला
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अरे ये क्या है, क्या ऐसे ही होती है साफ-सफाई। जिला अस्पताल के प्रसाधन का हाल देख ग्रामीण अभियंत्रण विभाग(आरईडी) के प्रमुख सचिव महेश गुप्ता के मुंह से यही बात निकली। जिले का नोडल अफसर बनने के बाद पहली बार निरीक्षण करने पहुंचे प्रमुख सचिव अस्पताल की व्यवस्थाएं रामभरोसे मिलने से खफा दिखे।
उन्होंने इस पर नाराजगी जताई और सीएमएस डॉ. एनके श्रीवास्तव को व्यवस्था फिटफाट बनाने की हिदायत दी। उनके सामने अस्पताल में स्टाफ की कमी की भी बात सामने आई। इस पर वह गंभीर हुए और भरोसा दिया कि जल्द इस समस्या दूर करने के उचित कदम उठाए जाएंगे।
एक दिवसीय दौरे पर आए आरईडी के प्रमुख सचिव/नोडल अफसर महेश गुप्ता ने सबसे पहले जिला अस्पताल का जायजा लिया। यहां ओपीडी में मरीजों की भीड़ देखने को मिली। उन्होंने वार्डों का जायजा लिया। इसके बाद प्रमुख सचिव प्रसाधन कक्ष पहुंचे गए। वहां गंदगी मिलने पर उन्होंने नाराजगी जताई।
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निरीक्षण के दौरान ही एक युवक ने स्वास्थ्य प्रमाण पत्र न बनाने की शिकायत की। प्रमुख सचिव के निर्देश पर तत्काल कार्रवाई हुई और प्रमाण पत्र बनाया गया। मीडिया से बातचीत में प्रमुख सचिव ने कहा कि अस्पताल में साफ-सफाई व्यवस्था ठीक नहीं मिली। अस्पताल की ओपीडी पर रोगियों का लोड ज्यादा है।
वहीं सर्जन और विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी है। मीडिया ने जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों की कमी होने का मुद्दा उठाया। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में 22 दिन से डॉक्टर न होने और फार्मासिस्ट के द्वारा रोगियों का इलाज करने की बात भी रखी गई। जिला अस्पताल की पैथालॉजी के 11 बजे बंद होने से रोगियों को हो रही परेशानी का मु्द्दा भी उठा।
इसे प्रमुख सचिव ने गंभीरता से लिया और सीएमओ से इस संबंध में वार्ता करने की बात कही। प्रमुख सचिव महेश गुप्ता ने बचत भवन में सभी विभागाध्यक्षों की क्लास ली। प्रमुख सचिव ने साफ कहा कि लापरवाह और काम न करने वाले अफसर सुधर जाएं, वरना उन पर गाज गिरनी तय हैं।
बैठक के बाद उन्होंने लोहिया गांव सिधौंना, कृषि निदेशक और अमावां ब्लॉक का निरीक्षण किया। प्रमुख सचिव ने कहा कि हर हाल में नवंबर तक सभी निर्माण कार्य पूरे कर लिए जाएं। विकास कार्यों के लिए मिला बजट हर हाल में खर्च हो जाए। बैठक के दौरान उन्होंने सीएमओ डॉ. राकेश कुमार की जमकर क्लास ली।
इसके अलावा लोक निर्माण विभाग, जल निगम और जिला पंचायत राज विभाग के अफसरों को भी अधूरे काम जल्द से जल्द पूरे करने की हिदायत दी। अमावां ब्लॉक परिसर में बरगद का पौधा लगाकर अधिक से अधिक पौधरोपण करने के लिए प्रेरित किया। सिधौंना गांव के निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों ने पेयजल और बिजली की समस्या बताई।
इसे उन्होंने तत्काल दूर करने के निर्देश दिए। इस दौरान डीएम अनुज कुमार झा, सीडीओ अनूप कुमार और डीडीओ आरएन यादव मौजूद रहे। लखनऊ लौटते समय बछरावां ब्लॉक क्षेत्र के कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय गोझरा मनाखेड़ा का निरीक्षण किया। शिक्षकों के पद खाली होने की जानकारी पर उन्होंनेखाली पद शीघ्र भरने के निर्देश दिए।
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उन्होंने इस पर नाराजगी जताई और सीएमएस डॉ. एनके श्रीवास्तव को व्यवस्था फिटफाट बनाने की हिदायत दी। उनके सामने अस्पताल में स्टाफ की कमी की भी बात सामने आई। इस पर वह गंभीर हुए और भरोसा दिया कि जल्द इस समस्या दूर करने के उचित कदम उठाए जाएंगे।
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एक दिवसीय दौरे पर आए आरईडी के प्रमुख सचिव/नोडल अफसर महेश गुप्ता ने सबसे पहले जिला अस्पताल का जायजा लिया। यहां ओपीडी में मरीजों की भीड़ देखने को मिली। उन्होंने वार्डों का जायजा लिया। इसके बाद प्रमुख सचिव प्रसाधन कक्ष पहुंचे गए। वहां गंदगी मिलने पर उन्होंने नाराजगी जताई।
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निरीक्षण के दौरान ही एक युवक ने स्वास्थ्य प्रमाण पत्र न बनाने की शिकायत की। प्रमुख सचिव के निर्देश पर तत्काल कार्रवाई हुई और प्रमाण पत्र बनाया गया। मीडिया से बातचीत में प्रमुख सचिव ने कहा कि अस्पताल में साफ-सफाई व्यवस्था ठीक नहीं मिली। अस्पताल की ओपीडी पर रोगियों का लोड ज्यादा है।
वहीं सर्जन और विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी है। मीडिया ने जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों की कमी होने का मुद्दा उठाया। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में 22 दिन से डॉक्टर न होने और फार्मासिस्ट के द्वारा रोगियों का इलाज करने की बात भी रखी गई। जिला अस्पताल की पैथालॉजी के 11 बजे बंद होने से रोगियों को हो रही परेशानी का मु्द्दा भी उठा।
इसे प्रमुख सचिव ने गंभीरता से लिया और सीएमओ से इस संबंध में वार्ता करने की बात कही। प्रमुख सचिव महेश गुप्ता ने बचत भवन में सभी विभागाध्यक्षों की क्लास ली। प्रमुख सचिव ने साफ कहा कि लापरवाह और काम न करने वाले अफसर सुधर जाएं, वरना उन पर गाज गिरनी तय हैं।
बैठक के बाद उन्होंने लोहिया गांव सिधौंना, कृषि निदेशक और अमावां ब्लॉक का निरीक्षण किया। प्रमुख सचिव ने कहा कि हर हाल में नवंबर तक सभी निर्माण कार्य पूरे कर लिए जाएं। विकास कार्यों के लिए मिला बजट हर हाल में खर्च हो जाए। बैठक के दौरान उन्होंने सीएमओ डॉ. राकेश कुमार की जमकर क्लास ली।
इसके अलावा लोक निर्माण विभाग, जल निगम और जिला पंचायत राज विभाग के अफसरों को भी अधूरे काम जल्द से जल्द पूरे करने की हिदायत दी। अमावां ब्लॉक परिसर में बरगद का पौधा लगाकर अधिक से अधिक पौधरोपण करने के लिए प्रेरित किया। सिधौंना गांव के निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों ने पेयजल और बिजली की समस्या बताई।
इसे उन्होंने तत्काल दूर करने के निर्देश दिए। इस दौरान डीएम अनुज कुमार झा, सीडीओ अनूप कुमार और डीडीओ आरएन यादव मौजूद रहे। लखनऊ लौटते समय बछरावां ब्लॉक क्षेत्र के कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय गोझरा मनाखेड़ा का निरीक्षण किया। शिक्षकों के पद खाली होने की जानकारी पर उन्होंनेखाली पद शीघ्र भरने के निर्देश दिए।