{"_id":"943835e253fd87f882ce736d0e1d426c","slug":"voters-in-the-district-exceeds-the-standard-in-150-panchayats-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिले की 150 पंचायतों में मानक से अधिक वोटर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिले की 150 पंचायतों में मानक से अधिक वोटर
रायबरेली/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 05 Aug 2015 11:54 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गांवों में अपने वोटरों को बढ़ाने में इस बार ऐसा खेल हुआ कि जिले की 150 से अधिक ग्राम पंचायतों में मानक की धज्जियां उड़ गईं। करीब 50 ग्राम पंचायतों में तो जनसंख्या से अधिक वोटर ही बन गए हैं।
जनसंख्या का 65 प्रतिशत ही वोटर होने चाहिए, लेकिन मतदाता सूची के पुनरीक्षण कार्य में लगाए गए अधिकारियों व कर्मचारियों की लापरवाही के कारण राज्य चुनाव आयोग की मंशा तार-तार हो गई है।
मामला पकड़ में आने के बाद आयोग गंभीर हो गया है। लापरवाही करने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं।
जिले में मतदाता सूची के पुनरीक्षण का कार्य अंतिम दौर में है। वर्तमान समय में मतदाताओं के नाम कंप्यूटर में फीड कराए जा रहे हैं। इस बार इसमें बड़ा खेल किया गया है।
विज्ञापन
गांवों में भावी प्रत्याशियों ने इस कदर वोटर बढ़वाए कि मानक को ही ताक पर रख दिया गया। इस मनमानी को बीएलओ व सुपरवाइजरों ने गंभीरता से नहीं लिया।
बीएलओ क्षेत्र व गांव का होने के कारण जिसका आवेदन मिला, उसी को वोटर बना दिया। शासन स्तर पर मामला पकड़ में आया है।
जिले के जगतपुर ब्लॉक के बैरीहार, नवाबागंज, खजुरी, मनोहरगंज, शिवगढ़ ब्लॉक के आइमापुर, गुमावां, पड़रिया, चितवनियां, कुंभी, बंकागढ़ सहित जिले की 150 से अधिक ग्राम पंचायतों में वोटर बढ़ाने में मनमानी की गई है।
जनसंख्या का 65 प्रतिशत वोटर होने के मानक को पार करके जनसंख्या से अधिक वोटर बना दिए गए हैं। राज्य चुनाव आयोग स्तर पर मामला पकड़ में आने के बाद मानक से अधिक वोटर वाले गांवों में दोबारा जांच करने के साथ ही दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
आदेश आने के बाद यहां हड़कंप मच गया है। एडीएम वित्त एवं राजस्व शीतला प्रसाद का कहना है कि सूची को दुरुस्त करने के आदेश दिए गए हैं। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
जनसंख्या का 65 प्रतिशत ही वोटर होने चाहिए, लेकिन मतदाता सूची के पुनरीक्षण कार्य में लगाए गए अधिकारियों व कर्मचारियों की लापरवाही के कारण राज्य चुनाव आयोग की मंशा तार-तार हो गई है।
विज्ञापन
मामला पकड़ में आने के बाद आयोग गंभीर हो गया है। लापरवाही करने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं।
जिले में मतदाता सूची के पुनरीक्षण का कार्य अंतिम दौर में है। वर्तमान समय में मतदाताओं के नाम कंप्यूटर में फीड कराए जा रहे हैं। इस बार इसमें बड़ा खेल किया गया है।
विज्ञापन
गांवों में भावी प्रत्याशियों ने इस कदर वोटर बढ़वाए कि मानक को ही ताक पर रख दिया गया। इस मनमानी को बीएलओ व सुपरवाइजरों ने गंभीरता से नहीं लिया।
बीएलओ क्षेत्र व गांव का होने के कारण जिसका आवेदन मिला, उसी को वोटर बना दिया। शासन स्तर पर मामला पकड़ में आया है।
जिले के जगतपुर ब्लॉक के बैरीहार, नवाबागंज, खजुरी, मनोहरगंज, शिवगढ़ ब्लॉक के आइमापुर, गुमावां, पड़रिया, चितवनियां, कुंभी, बंकागढ़ सहित जिले की 150 से अधिक ग्राम पंचायतों में वोटर बढ़ाने में मनमानी की गई है।
जनसंख्या का 65 प्रतिशत वोटर होने के मानक को पार करके जनसंख्या से अधिक वोटर बना दिए गए हैं। राज्य चुनाव आयोग स्तर पर मामला पकड़ में आने के बाद मानक से अधिक वोटर वाले गांवों में दोबारा जांच करने के साथ ही दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
आदेश आने के बाद यहां हड़कंप मच गया है। एडीएम वित्त एवं राजस्व शीतला प्रसाद का कहना है कि सूची को दुरुस्त करने के आदेश दिए गए हैं। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।