{"_id":"699a04f9815881ddff02c9aa","slug":"villagers-furious-over-merger-of-school-raebareli-news-c-101-1-slko1032-151672-2026-02-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Raebareli News: विद्यालय का विलय होने पर भड़के ग्रामीण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Raebareli News: विद्यालय का विलय होने पर भड़के ग्रामीण
Sun, 22 Feb 2026 12:48 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Sun, 22 Feb 2026 12:48 AM IST
विज्ञापन
प्राथमिक विद्यालय गोंडा का बंद स्कूल खुलवाए जाने को लेकर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन।
गदागंज। दीनशाह गौरा ब्लॉक क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय गोंडा को बंद किए जाने के विरोध में ग्रामीणों ने शनिवार को प्रदर्शन किया। विद्यालय का विलय होने से बच्चों को पढ़ाई के लिए लगभग दो किमी. दूर जाना पड़ रहा है। इससे बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों में भय बना हुआ है।
पूर्व प्रधान शिव मोहन त्रिवेदी, राधा कृष्ण त्रिवेदी, धीरज बाजपेयी ने बताया कि विद्यालय 25 साल पहले बनवाया गया था। इसमें प्रतिदिन 45 से 50 बच्चे पढ़ाई करते थे। इस विद्यालय का विलय दो किमी. दूर स्थित देवगना कीरतपुर चरुहार के विद्यालय में कर दिया गया है। गांव के बच्चों को लंबी दूरी तय करके पढ़ने जाना पड़ता है।
रास्ते में आवारा कुत्ते और निराश्रित मवेशियों का झुंड घूमता रहता है। इससे बच्चों को चोट लगने या किसी अनहोनी का डर बना रहता है। ग्रामीणों ने विद्यालय का संचालन शुरू कराने की मांग की है। खंड शिक्षा अधिकारी सत्य प्रकाश सिंह ने बताया कि विद्यालय संचालन के लिए उच्चाधिकारियाें को पत्राचार किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
पूर्व प्रधान शिव मोहन त्रिवेदी, राधा कृष्ण त्रिवेदी, धीरज बाजपेयी ने बताया कि विद्यालय 25 साल पहले बनवाया गया था। इसमें प्रतिदिन 45 से 50 बच्चे पढ़ाई करते थे। इस विद्यालय का विलय दो किमी. दूर स्थित देवगना कीरतपुर चरुहार के विद्यालय में कर दिया गया है। गांव के बच्चों को लंबी दूरी तय करके पढ़ने जाना पड़ता है।
विज्ञापन
रास्ते में आवारा कुत्ते और निराश्रित मवेशियों का झुंड घूमता रहता है। इससे बच्चों को चोट लगने या किसी अनहोनी का डर बना रहता है। ग्रामीणों ने विद्यालय का संचालन शुरू कराने की मांग की है। खंड शिक्षा अधिकारी सत्य प्रकाश सिंह ने बताया कि विद्यालय संचालन के लिए उच्चाधिकारियाें को पत्राचार किया जाएगा।
विज्ञापन