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Raebareli News: शिक्षकों के देर से आने पर ग्रामीणों का हंगामा
Sun, 30 Aug 2026 01:27 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Sun, 30 Aug 2026 01:27 AM IST
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Team arriving to facilitate possession subjected to rude behavior
रायबरेली/डीह। डीह क्षेत्र स्थित प्राथमिक विद्यालय बेतौरा में शनिवार सुबह ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया। ग्रामीणों का आरोप था कि विद्यालय के शिक्षक प्रतिदिन देर से आते हैं। शनिवार को भी शिक्षक देर से पहुंचे और विद्यालय का ताला नहीं खुला, जिससे बच्चे बाहर खड़े रहे।
पहले एक शिक्षक देर से पहुंचा तो विद्यालय की चाबी नहीं मिली। इससे ग्रामीणों का गुस्सा और बढ़ गया। बाद में कुछ और शिक्षक भी विद्यालय पहुंचे। ग्रामीणों के हंगामे के कारण चाबी आने के बाद भी ताला नहीं खुल सका। इस घटना का वीडियो वायरल हुआ, जिसके बाद कई अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने हस्तक्षेप कर विद्यालय का ताला खुलवाया।
इस मामले में विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक सहित तीन शिक्षकों का वेतन रोक दिया गया है। चार लोगों से स्पष्टीकरण भी मांगा गया है। उपजिलाधिकारी अंकित कुमार और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राहुल सिंह के पहुंचने पर ग्रामीणों का गुस्सा शांत हुआ। प्रभारी खंड शिक्षा अधिकारी बृजलाल ने बताया कि विद्यालय में कुल 187 बच्चे नामांकित हैं, जिनमें केवल 13 बच्चे ही उपस्थित थे। विद्यालय में एक प्रभारी प्रधानाध्यापक, पांच सहायक अध्यापक और एक शिक्षामित्र तैनात हैं। इनमें चार लोग छुट्टी पर थे। पूरे मामले की जांच कराई गई है।
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तीन का वेतन रोका, स्पष्टीकरण मांगा
बीएसए राहुल सिंह ने बताया कि सहायक अध्यापक शैलेश तिवारी सुबह 7:50 बजे पहुंचे थे। उन्होंने प्रदर्शन की सूचना उच्चाधिकारियों को नहीं दी, जिस पर उनसे जवाब मांगा गया है। सहायक अध्यापक रामप्रताप और शिक्षामित्र दीप्ति सुबह 8:25 बजे पहुंचे, जिनका वेतन और मानदेय रोककर जवाब मांगा गया है। प्रभारी प्रधानाध्यापक नितीश पाल ने सुबह नौ बजे के बाद छुट्टी का आवेदन किया, उनका भी वेतन रोककर स्पष्टीकरण तलब किया गया है।
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पहले एक शिक्षक देर से पहुंचा तो विद्यालय की चाबी नहीं मिली। इससे ग्रामीणों का गुस्सा और बढ़ गया। बाद में कुछ और शिक्षक भी विद्यालय पहुंचे। ग्रामीणों के हंगामे के कारण चाबी आने के बाद भी ताला नहीं खुल सका। इस घटना का वीडियो वायरल हुआ, जिसके बाद कई अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने हस्तक्षेप कर विद्यालय का ताला खुलवाया।
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इस मामले में विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक सहित तीन शिक्षकों का वेतन रोक दिया गया है। चार लोगों से स्पष्टीकरण भी मांगा गया है। उपजिलाधिकारी अंकित कुमार और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राहुल सिंह के पहुंचने पर ग्रामीणों का गुस्सा शांत हुआ। प्रभारी खंड शिक्षा अधिकारी बृजलाल ने बताया कि विद्यालय में कुल 187 बच्चे नामांकित हैं, जिनमें केवल 13 बच्चे ही उपस्थित थे। विद्यालय में एक प्रभारी प्रधानाध्यापक, पांच सहायक अध्यापक और एक शिक्षामित्र तैनात हैं। इनमें चार लोग छुट्टी पर थे। पूरे मामले की जांच कराई गई है।
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तीन का वेतन रोका, स्पष्टीकरण मांगा
बीएसए राहुल सिंह ने बताया कि सहायक अध्यापक शैलेश तिवारी सुबह 7:50 बजे पहुंचे थे। उन्होंने प्रदर्शन की सूचना उच्चाधिकारियों को नहीं दी, जिस पर उनसे जवाब मांगा गया है। सहायक अध्यापक रामप्रताप और शिक्षामित्र दीप्ति सुबह 8:25 बजे पहुंचे, जिनका वेतन और मानदेय रोककर जवाब मांगा गया है। प्रभारी प्रधानाध्यापक नितीश पाल ने सुबह नौ बजे के बाद छुट्टी का आवेदन किया, उनका भी वेतन रोककर स्पष्टीकरण तलब किया गया है।