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एमसीएफ में गार्ड भर्ती में धांधली का शिकायती पत्र और वीडियो वायरल, मचा हड़कंप
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लालगंज (रायबरेली)। आधुनिक रेल डिब्बा कारखाने में कार्यरत सिक्योरिटी एजेंसी के कर्मचारियों से रुपए लेकर गार्डों की भर्ती करने का आरोप वाला शिकायती पत्र और एक बैठक का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल है। जीएम ने इसका संज्ञान लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं।
उत्तर प्रदेश पूर्व सैनिक कल्याण निगम को दिए गए पत्र में सुरक्षाकर्मियों ने बताया कि एक वर्ष पहले रुपए लेकर उन्हें भर्ती किया गया। बाद में 30 जून को सभी गार्डों को कोरोना के चलते छंटनी के नाम पर निकाल दिया गया।
आरोप है कि बाद में सिक्योरिटी एजेंसी के कुछ कर्मचारी रुपए लेकर गार्डों की भर्ती कर रहे है। कल्याण निगम को दिए पत्र में सिक्योरिटी एजेंसी के फील्ड अफसर से लेकर आरपीएफ के अधिकारियों पर भी उनके नामों का उल्लेख करते हुए भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए हैं।
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जीएम ने दिए हैं जांच के आदेश: सीपीआरओ
कारखाने के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी वीके दुबे ने बताया कि यह सिक्योरिटी एजेंसी का अंदरूनी मामला है। इसका रेलवे से कोई लेना देना नहीं है। फिर सोशल मीडिया में वायरल वीडियो और पत्र जीएम विनय मोहन श्रीवास्तव को भी मिला है। उन्होंने इसकी जांच के आदेश दिए हैं।
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उत्तर प्रदेश पूर्व सैनिक कल्याण निगम को दिए गए पत्र में सुरक्षाकर्मियों ने बताया कि एक वर्ष पहले रुपए लेकर उन्हें भर्ती किया गया। बाद में 30 जून को सभी गार्डों को कोरोना के चलते छंटनी के नाम पर निकाल दिया गया।
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आरोप है कि बाद में सिक्योरिटी एजेंसी के कुछ कर्मचारी रुपए लेकर गार्डों की भर्ती कर रहे है। कल्याण निगम को दिए पत्र में सिक्योरिटी एजेंसी के फील्ड अफसर से लेकर आरपीएफ के अधिकारियों पर भी उनके नामों का उल्लेख करते हुए भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए हैं।
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जीएम ने दिए हैं जांच के आदेश: सीपीआरओ
कारखाने के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी वीके दुबे ने बताया कि यह सिक्योरिटी एजेंसी का अंदरूनी मामला है। इसका रेलवे से कोई लेना देना नहीं है। फिर सोशल मीडिया में वायरल वीडियो और पत्र जीएम विनय मोहन श्रीवास्तव को भी मिला है। उन्होंने इसकी जांच के आदेश दिए हैं।