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कक्षा दो के बच्चे नहीं लिख पाते ककहरा
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 24 Feb 2016 11:50 PM IST
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बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधरने का नाम नहीं ले रही है। बुधवार को बीएसए ने जगतपुर क्षेत्र के स्कूलों का निरीक्षण किया तो कक्षा एक व दो के बच्चे ककहरा तक नहीं लिख पाए।
कक्षा तीन से लेकर पांच तक के बच्चे हिंदी की किताब तक नहीं पढ़ पाए। बीएसए ने शिक्षकों को कड़ी फटकार लगाते हुए 15 दिन में शिक्षा की गुणवत्ता को सुधारने का आदेश दिया।
बीएसए रामसागर पति त्रिपाठी ने जगतपुर ब्लॉक क्षेत्र के प्राथमिक स्कूल पूरे त्रिलोक सिंह का निरीक्षण किया तो यहां शिक्षिकाएं तो मौजूद मिलीं। लेकिन शिक्षा का स्तर खराब मिला।
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कक्षा एक व दो के बच्चे ककहरा नहीं लिख पाए। किताब भी पढ़ नहीं पाए। कक्षा तीन व चार के बच्चे भी हिंदी की किताब भी नहीं पढ़ पाए। केवल रितुराज ने पढ़ने का प्रयास किया।
कक्षा पांच की सोनम, आंसी, विनीता, सोनाली सहित अन्य छात्राएं हिंदी के साधारण शब्दों को भी नहीं पढ़ सकीं। इस पर बीएसए ने प्रधानाध्यापिका रेनू बाला, शिक्षिका निशा सिंह, शिक्षामित्र सुनीता देवी को कड़ी फटकार लगाते हुए 15 दिन में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने का आदेश दिया।
दोबारा चेकिंग में खामियां मिली तो कार्रवाई की चेतावनी दी। जगतपुर के बीईओ अखिलानंद राय को भी रिपोर्ट देने के आदेश दिए।
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कक्षा तीन से लेकर पांच तक के बच्चे हिंदी की किताब तक नहीं पढ़ पाए। बीएसए ने शिक्षकों को कड़ी फटकार लगाते हुए 15 दिन में शिक्षा की गुणवत्ता को सुधारने का आदेश दिया।
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बीएसए रामसागर पति त्रिपाठी ने जगतपुर ब्लॉक क्षेत्र के प्राथमिक स्कूल पूरे त्रिलोक सिंह का निरीक्षण किया तो यहां शिक्षिकाएं तो मौजूद मिलीं। लेकिन शिक्षा का स्तर खराब मिला।
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कक्षा एक व दो के बच्चे ककहरा नहीं लिख पाए। किताब भी पढ़ नहीं पाए। कक्षा तीन व चार के बच्चे भी हिंदी की किताब भी नहीं पढ़ पाए। केवल रितुराज ने पढ़ने का प्रयास किया।
कक्षा पांच की सोनम, आंसी, विनीता, सोनाली सहित अन्य छात्राएं हिंदी के साधारण शब्दों को भी नहीं पढ़ सकीं। इस पर बीएसए ने प्रधानाध्यापिका रेनू बाला, शिक्षिका निशा सिंह, शिक्षामित्र सुनीता देवी को कड़ी फटकार लगाते हुए 15 दिन में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने का आदेश दिया।
दोबारा चेकिंग में खामियां मिली तो कार्रवाई की चेतावनी दी। जगतपुर के बीईओ अखिलानंद राय को भी रिपोर्ट देने के आदेश दिए।