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अवैध संबंध में पति ने ही पत्नी-बेटी और प्रेमी का किया था कत्ल
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रायबरेली। थाना क्षेत्र नसीराबाद के बभनपुर गांव में हुए तिहरे हत्याकांड का शनिवार को पर्दाफाश हो गया। अवैध संबंध के चलते युवक ने पत्नी, उसके प्रेमी व बेटी का कत्ल किया था। नसीराबाद पुलिस और एसओजी टीम ने आरोपी पति को गोवा से गिरफ्तार करके जेल भेज दिया। पुलिस के अनुसार आरोपी ने क्रूरता के साथ हत्या की वारदात को अंजाम दिया था।
पत्नी-प्रेमी का दुपट्टे से गला कसकर और बेटी का मुंह दबाकर गला दबाकर पहले बेसुध किया था और फिर तीनों को जिंदा जला दिया था। मासूूम बेटी का कत्ल उसने इसलिए कर दिया था कि वह उसे अपनी नाजायज औलाद समझ रहा था। पुलिस ने आरोपी की बाइक बरामद कर ली है। यही नहीं आरोपी के पास से पुलिस ने नकदी भी बरामद की है।
पुलिस कार्यालय के किरण हाल में आयोजित प्रेस कान्फ्रेंस में पुलिस अधीक्षक स्वप्निल ममगाई ने बताया कि पहली मार्च को नसीराबाद क्षेत्र के बभनपुर गांव की रहने वाली मोनी यादव, उसकी बेटी अवनी और इंद्रकुमार अग्रहरि उर्फ ननचू की हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद से मृतका मोनी यादव का पति शिवकुमार यादव उर्फ शीबू फरार था। नसीराबाद थानेदार रवेंद्र सोनकर, एसओजी प्रभारी अमरेश कुमार त्रिपाठी ने टीम के साथ गोवा से शीबू को दबोच लिया। पूछताछ में शीबू ने सिलसिलेवार पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी और बताया कि उसने ही पत्नी-बेटी और ननचू की हत्या की थी।
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एसपी ने बताया कि मृतका मोनी यादव और ननचू के बीच अवैध संबंध थे। इसकी जानकारी आरोपी शीबू को हो गई थी। इसी वजह से शीबू ने पहले पत्नी-प्रेमी का दुपट्टे से गला कसकर बेसुध कर दिया था। इसके बाद बेटी का मुंह दबाया था। बेसुध होने पर तीनों को जिंदा जलाकर मार दिया था। इसके बाद मामले को आत्महत्या का रूप देकर आरोपी शीबू बाइक लेकर फरार हो गया। एसपी ने बताया कि बेटी को इसलिए मार दिया था कि वह प्रेमी ननचू की औलाद है।
एसपी के मुताबिक आरोपी शीबू शातिर किस्म का है। उसने पूरे घटनाक्रम की साजिश पहले ही रच ली थी। मर्डर करने के बाद बड़ी चालाकी से वह फरार हो गया। पुलिस के हाथ उस तक न पहुंच सके, इसलिए वह 35 सिम का प्रयोग कर रहा था। गोवा से हुई गिरफ्तारी के बाद से शीबू के पास से सभी सिम पुलिस ने बरामद किए। एसपी का कहना है कि शीबू का पिता उसे रोजी-रोटी के लिए रुपये देता था। पिता की ओर से शीबू को दिए गए दो लाख 11 हजार 340 रुपये बरामद किए गए।
एसपी ने बताया कि तिहरे हत्याकांड के खुलासे में पुलिस टीमों का सराहनीय योगदान रहा। नसीराबाद थानेदार रवेंद्र सोनकर, एसओजी प्रभारी अमरेश कुमार त्रिपाठी, मीडिया सेल प्रभारी राजेश सिंह, उपनिरीक्षक अजय यादव, मुख्य आरक्षी संतोष कुमार समेत 14 सदस्यीय पुलिस टीम को 20 हजार रुपये के ईनाम से पुरस्कृत किया जाएगा।
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पत्नी-प्रेमी का दुपट्टे से गला कसकर और बेटी का मुंह दबाकर गला दबाकर पहले बेसुध किया था और फिर तीनों को जिंदा जला दिया था। मासूूम बेटी का कत्ल उसने इसलिए कर दिया था कि वह उसे अपनी नाजायज औलाद समझ रहा था। पुलिस ने आरोपी की बाइक बरामद कर ली है। यही नहीं आरोपी के पास से पुलिस ने नकदी भी बरामद की है।
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पुलिस कार्यालय के किरण हाल में आयोजित प्रेस कान्फ्रेंस में पुलिस अधीक्षक स्वप्निल ममगाई ने बताया कि पहली मार्च को नसीराबाद क्षेत्र के बभनपुर गांव की रहने वाली मोनी यादव, उसकी बेटी अवनी और इंद्रकुमार अग्रहरि उर्फ ननचू की हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद से मृतका मोनी यादव का पति शिवकुमार यादव उर्फ शीबू फरार था। नसीराबाद थानेदार रवेंद्र सोनकर, एसओजी प्रभारी अमरेश कुमार त्रिपाठी ने टीम के साथ गोवा से शीबू को दबोच लिया। पूछताछ में शीबू ने सिलसिलेवार पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी और बताया कि उसने ही पत्नी-बेटी और ननचू की हत्या की थी।
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एसपी ने बताया कि मृतका मोनी यादव और ननचू के बीच अवैध संबंध थे। इसकी जानकारी आरोपी शीबू को हो गई थी। इसी वजह से शीबू ने पहले पत्नी-प्रेमी का दुपट्टे से गला कसकर बेसुध कर दिया था। इसके बाद बेटी का मुंह दबाया था। बेसुध होने पर तीनों को जिंदा जलाकर मार दिया था। इसके बाद मामले को आत्महत्या का रूप देकर आरोपी शीबू बाइक लेकर फरार हो गया। एसपी ने बताया कि बेटी को इसलिए मार दिया था कि वह प्रेमी ननचू की औलाद है।
एसपी के मुताबिक आरोपी शीबू शातिर किस्म का है। उसने पूरे घटनाक्रम की साजिश पहले ही रच ली थी। मर्डर करने के बाद बड़ी चालाकी से वह फरार हो गया। पुलिस के हाथ उस तक न पहुंच सके, इसलिए वह 35 सिम का प्रयोग कर रहा था। गोवा से हुई गिरफ्तारी के बाद से शीबू के पास से सभी सिम पुलिस ने बरामद किए। एसपी का कहना है कि शीबू का पिता उसे रोजी-रोटी के लिए रुपये देता था। पिता की ओर से शीबू को दिए गए दो लाख 11 हजार 340 रुपये बरामद किए गए।
एसपी ने बताया कि तिहरे हत्याकांड के खुलासे में पुलिस टीमों का सराहनीय योगदान रहा। नसीराबाद थानेदार रवेंद्र सोनकर, एसओजी प्रभारी अमरेश कुमार त्रिपाठी, मीडिया सेल प्रभारी राजेश सिंह, उपनिरीक्षक अजय यादव, मुख्य आरक्षी संतोष कुमार समेत 14 सदस्यीय पुलिस टीम को 20 हजार रुपये के ईनाम से पुरस्कृत किया जाएगा।