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संक्रामक रोग की चपेट में आकर चार की मौत
रायबरेली/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 29 Jul 2015 12:05 AM IST
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संक्रामक रोग से मंगलवार को चार लोगों की सासें थम गईं। बुखार से तीन और डायरिया से एक व्यक्ति की मौत हुई। वहीं बुखार आने पर 12 बच्चों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
आए दिन डायरिया और बुखार से लोगों की मौतें हो रही हैं, वहीं स्वास्थ्य विभाग इसको लेकर चौकन्ना नजर नहीं आ रहा है। अस्पताल में इलाज के नाम पर खानापूरी की जा रही है।
हरचंदपुर के डिघौरा निवासी कमलेश (19) और बाराबंकी जिले के हैदरगढ़ निवासी भागीरथ (70) को कई दिन से बुखार आ रहा था। जिला अस्पताल में परिवारीजनों ने दोनों को भर्ती कराया, जहां दोनों ने दम तोड़ दिया।
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वहीं बच्चा वार्ड में रहनुमा (2) निवासी राही, सचिन (9) निवासी जगतपुर, अमन (2) निवासी रामनगर, सुल्तान (3) निवासी छोटी बाजार, बुद्धेश्वर (11) निवासी दीनशाहगौरा के अलावा आशीष (5), आदित्य (9), शिवांश (8), गुड़िया (12), रूपेश (8), शुभ (12), नीलू (12) को बुखार से पीड़ित होने पर भर्ती कराया गया है।
डलमऊ प्रतिनिधि के मुताबिक, मुराईबाग कस्बा निवासी पवन कुमार श्रीवास्तव (60) प्राइवेट शिक्षक थे। दो दिन से उल्टी-दस्त से पीड़ित थे। पवन का सीएचसी में इलाज चल रहा था।
कुछ राहत मिलने पर परिवारीजन सोमवार की शाम पवन को लेकर घर चले गए। सुबह पवन ने दम तोड़ दिया। मृतक का बेटा विजय कुमार श्रीवास्तव पत्र समाचार विक्रेता है। पिता की मौत से परिवारीजनों में कोहराम मच गया।
तिलोई प्रतिनिधि के मुताबिक, अमेठी जिले के नेेपाल का पुरवा निवासी सूरज (10) को कई दिन से बुखार आ रहा था। उसका शंकरगंज स्थित एक निजी क्लीनिक में इलाज चल रहा था।
सुबह उसने दम तोड़ दिया। उधर, सीएमओ राकेश कुमार का कहना है कि रोगियों के इलाज में लापरवाही पर कार्रवाई की जाएगी।
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आए दिन डायरिया और बुखार से लोगों की मौतें हो रही हैं, वहीं स्वास्थ्य विभाग इसको लेकर चौकन्ना नजर नहीं आ रहा है। अस्पताल में इलाज के नाम पर खानापूरी की जा रही है।
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हरचंदपुर के डिघौरा निवासी कमलेश (19) और बाराबंकी जिले के हैदरगढ़ निवासी भागीरथ (70) को कई दिन से बुखार आ रहा था। जिला अस्पताल में परिवारीजनों ने दोनों को भर्ती कराया, जहां दोनों ने दम तोड़ दिया।
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वहीं बच्चा वार्ड में रहनुमा (2) निवासी राही, सचिन (9) निवासी जगतपुर, अमन (2) निवासी रामनगर, सुल्तान (3) निवासी छोटी बाजार, बुद्धेश्वर (11) निवासी दीनशाहगौरा के अलावा आशीष (5), आदित्य (9), शिवांश (8), गुड़िया (12), रूपेश (8), शुभ (12), नीलू (12) को बुखार से पीड़ित होने पर भर्ती कराया गया है।
डलमऊ प्रतिनिधि के मुताबिक, मुराईबाग कस्बा निवासी पवन कुमार श्रीवास्तव (60) प्राइवेट शिक्षक थे। दो दिन से उल्टी-दस्त से पीड़ित थे। पवन का सीएचसी में इलाज चल रहा था।
कुछ राहत मिलने पर परिवारीजन सोमवार की शाम पवन को लेकर घर चले गए। सुबह पवन ने दम तोड़ दिया। मृतक का बेटा विजय कुमार श्रीवास्तव पत्र समाचार विक्रेता है। पिता की मौत से परिवारीजनों में कोहराम मच गया।
तिलोई प्रतिनिधि के मुताबिक, अमेठी जिले के नेेपाल का पुरवा निवासी सूरज (10) को कई दिन से बुखार आ रहा था। उसका शंकरगंज स्थित एक निजी क्लीनिक में इलाज चल रहा था।
सुबह उसने दम तोड़ दिया। उधर, सीएमओ राकेश कुमार का कहना है कि रोगियों के इलाज में लापरवाही पर कार्रवाई की जाएगी।