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जहरीली गैस से एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत

Thu, 01 Jun 2017 12:50 AM IST
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूराे
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूराे Updated Thu, 01 Jun 2017 12:50 AM IST
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Three people of a single family die from poisonous gas
जहरीली गैस से तीन लोगों की मौत के बाद लगा मजमा व जांच करती पुलिस। - फोटो : अमर उजाला
बछरावां थाना क्षेत्र के बल्दीखेड़ा मजरे पहनासा गांव में बुधवार को जहरीली गैस की चपेट में आने से एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई। मरने वालों में दो सगे भाई और एक महिला शामिल है।
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यह दर्दनाक हादसा उस समय हुआ, जब कुएं से बेड़न डालने के लिए भिगोए गए धान के बीज निकाले जा रहे थे। पहले महिला गैस की वजह से कुएं में गिरी और फिर उसे बचाने के चक्कर में दो सगे भाइयों की सांसें हमेशा के लिए थम गईं। घटना से गांव में हड़कंप मच गया।
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सूचना पर सीओ व थानेदार ने पहुंचकर घटना की जांच की और शवों को बाहर निकाला। बल्दीखेड़ा मजरे पहनासा गांव निवासी चंद्रशेखर (40) पुत्र राधेलाल किसानी करता था। धान की नर्सरी डालने के लिए धान के बीज पहले पानी में भिगोए जाते हैं।
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इसलिए चंद्रशेखर ने घर के सामने स्थित कुएं में  धान के बीज डाल दिए थे। बुधवार दोपहर बाद चंद्रशेखर की पत्नी शांती (38) कांटे के जरिए कुएं से धान के बीज बाहर निकाल रही थी। पानी के हिचकोले मारने से इसी दौरान जहरीली गैस कुएं के अंदर से निकलने लगी।

जहरीली गैस की वजह से शांती कुएं में गिर गई। यह देख उसका पति चंद्रशेखर उसे बचाने के लिए कुएं में कूद गया। इसके बाद उसका देवर रमेश (25) भी कुएं में कूद गया।
एक के बाद एक तीन लोगों के कुएं में कूदने की घटना से हड़कंप मच गया।

ग्रामीणों का मजमा लग गया। सूचना पर सीओ महराजगंज गोपीनाथ सोनी, थानेदार अनिल सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। फायर बिग्रेड की गाड़ी भी पहुंच गई। कुएं से तीनों को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।

सीओ का कहना है कि कुएं के अंदर जहरीली गैस बन गई थी। इसी गैस की वजह से एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हुई है। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। बल्दीखेड़ा गांव के लोग शायद ही यह दर्दनाक हादसा कभी भूल पाएं।

देखते ही देखते पलभर में तीन जिंदगियां हमेशा के लिए इस दुनिया से उठ गई। इससे पूरा गांव रो पड़ा। सबका यही कहना था कि उनके गांव में इस तरह का हादसा कभी नहीं हुआ। मृतक चंद्रशेखर के दो बेटे रामू, श्याम और दो बेटियां नीतू, रीतू हैं।

वहीं मृतक रमेश की पत्नी गीता है, जबकि दो बेटियां गुड़िया व राखी हैं। अब परिवार की रोजी-रोटी कैसे चलेगी, यही सोचकर हर कोई परेशान है। खेती से ही परिवार की जीविका चलती है। पति रमेश की मौत से पत्नी गीता व बेटों की विशुनदेई बेहोश हैं। परिवार के लोग इनको होश में लाने के लिए पानी की छींटे मारते रहे। इस घटना से गांव वाले भी गमगीन हैं।


जिला अस्पताल के डॉ. अल्ताफ हुसैन का कहना है कि कुएं के अंदर अक्सर मिथेन, नाइट्रस ऑक्साइड गैस बन जाती है। इससे ही एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत होने की आशंका है। कुएं की जांच के बाद पूरी तरह से साफ हो पाएगा कि दो सगे भाइयों व महिला की मौत की क्या वजह रही।
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