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दलाली से मिले पैसों के लेनदेन में हुआ था कत्ल
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रायबरेली। एआरटीओ दफ्तर में दलाली से मिले पैसों के लेनदेन को लेकर फोटो कॉपी दुकान संचालक कृष्ण मोहन सिंह उर्फ शुभम की हत्या की गई थी। पूछताछ के बाद पुलिस ने सोमवार को दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया। वहीं फरार दो अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस प्रयास कर रही है। पकड़े गए आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने घटना में प्रयुक्त की गई स्कूूटी भी बरामद कर ली है।
पुलिस कार्यालय स्थित किरण हाल में आयोजित प्रेस कान्फ्रेंस में अपर पुलिस अधीक्षक विश्वजीत श्रीवास्तव ने बताया कि मिल एरिया थाना क्षेत्र के काजी का पुरवा मजरे परिगवां गांव निवासी कृष्ण मोहन सिंह उर्फ शुभम (25) का 31 जनवरी को अपहरण करके उसकी हत्या कर दी गई थी। मृतक एआरटीओ दफ्तर के बाहर फोटो कॉपी की दुकान चलाता था। सीओ सदर वंदना सिंह की अगुवाई में मिल एरिया थानेदार विनय कुमार सिंह ने पुलिस टीम के साथ सदर कोतवाली क्षेत्र के पल्लू टंडा निवासी कृष्ण कुमार उर्फ पप्पू मिस्त्री, हरचंदपुर थाना क्षेत्र के गढ़ी खास गांव निवासी संजय यादव को गिरफ्तार किया। वहीं हरदासपुर निवासी अरुण साहू और शुभेंद्र कुमार उर्फ छोटू फरार है, जिनकी गिरफ्तारी के लिए प्रयास किया जा रहा है।
एएसपी ने बताया कि पकड़े गए आरोपी संजय यादव ने पूछताछ में बताया कि हम सब एआरटीओ दफ्तर में दलाली का काम करते थे। हम लोगों को जो पैसा मिलता था, उसे आपस में बांट लेते थे। कुछ समय से मृतक शुभम हम लोगों को बराबर पैसा नहीं देता था। इसको लेकर रंजिश हो गई थी। कम समय में मृतक शुभम अधिक पैसा कमाने लग गया था। यह बात हम लोगों को अखर रही थी। इसीलिए हम लोगों ने शुभम को रास्ते से हटाने का योजना बनाई। इसके तहत हम चार लोगों ने मिलकर उसका अपहरण कर लिया। ईंट से सिर पर वार करके पहले शुभम की हत्या की। इसके बाद कपड़ा उतारकर शव को शारदा नहर किनारे जमीन में गड्ढा खोदकर दफना दिया। अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। आरोपी संजय यादव के खिलाफ चार आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। फरार आरोपियों की तलाश कराने के लिए पुलिस टीम गठित की गई है।
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एफआईआर दर्ज कराने का बनाता था दबाव
आरोपी संजय यादव ने बताया कि उसके दोस्त एवं फरार आरोपी अरुण साहू के भाई का एक युवक की बहन के साथ प्रेम-प्रसंग चल रहा था। युवक और मृतक दोस्त थे। प्रेम-प्रसंग की जानकारी होने पर मृतक और युवक उसके दोस्त और उसके भाई के खिलाफ मिल एरिया थाने में एफआईआर दर्ज कराने का दबाव बनाते थे। इससे भी हम लोग मृतक से तंग आ चुके थे। इसके बाद उसकी हत्या ही कर दी।
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पुलिस कार्यालय स्थित किरण हाल में आयोजित प्रेस कान्फ्रेंस में अपर पुलिस अधीक्षक विश्वजीत श्रीवास्तव ने बताया कि मिल एरिया थाना क्षेत्र के काजी का पुरवा मजरे परिगवां गांव निवासी कृष्ण मोहन सिंह उर्फ शुभम (25) का 31 जनवरी को अपहरण करके उसकी हत्या कर दी गई थी। मृतक एआरटीओ दफ्तर के बाहर फोटो कॉपी की दुकान चलाता था। सीओ सदर वंदना सिंह की अगुवाई में मिल एरिया थानेदार विनय कुमार सिंह ने पुलिस टीम के साथ सदर कोतवाली क्षेत्र के पल्लू टंडा निवासी कृष्ण कुमार उर्फ पप्पू मिस्त्री, हरचंदपुर थाना क्षेत्र के गढ़ी खास गांव निवासी संजय यादव को गिरफ्तार किया। वहीं हरदासपुर निवासी अरुण साहू और शुभेंद्र कुमार उर्फ छोटू फरार है, जिनकी गिरफ्तारी के लिए प्रयास किया जा रहा है।
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एएसपी ने बताया कि पकड़े गए आरोपी संजय यादव ने पूछताछ में बताया कि हम सब एआरटीओ दफ्तर में दलाली का काम करते थे। हम लोगों को जो पैसा मिलता था, उसे आपस में बांट लेते थे। कुछ समय से मृतक शुभम हम लोगों को बराबर पैसा नहीं देता था। इसको लेकर रंजिश हो गई थी। कम समय में मृतक शुभम अधिक पैसा कमाने लग गया था। यह बात हम लोगों को अखर रही थी। इसीलिए हम लोगों ने शुभम को रास्ते से हटाने का योजना बनाई। इसके तहत हम चार लोगों ने मिलकर उसका अपहरण कर लिया। ईंट से सिर पर वार करके पहले शुभम की हत्या की। इसके बाद कपड़ा उतारकर शव को शारदा नहर किनारे जमीन में गड्ढा खोदकर दफना दिया। अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। आरोपी संजय यादव के खिलाफ चार आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। फरार आरोपियों की तलाश कराने के लिए पुलिस टीम गठित की गई है।
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एफआईआर दर्ज कराने का बनाता था दबाव
आरोपी संजय यादव ने बताया कि उसके दोस्त एवं फरार आरोपी अरुण साहू के भाई का एक युवक की बहन के साथ प्रेम-प्रसंग चल रहा था। युवक और मृतक दोस्त थे। प्रेम-प्रसंग की जानकारी होने पर मृतक और युवक उसके दोस्त और उसके भाई के खिलाफ मिल एरिया थाने में एफआईआर दर्ज कराने का दबाव बनाते थे। इससे भी हम लोग मृतक से तंग आ चुके थे। इसके बाद उसकी हत्या ही कर दी।