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Raebareli News: बजट की कमी नहीं फिर भी बाहर की लिखी जा रही दवा

Sat, 31 May 2025 01:08 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली Updated Sat, 31 May 2025 01:08 AM IST
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There is no shortage of budget but still medicines are being prescribed from outside
एम्स के बाहर दवा के पैकेट और पर्चा को दिखाते बुजुर्ग मरीज।
रायबरेली। जिले के सरकारी अस्पतालों में दवा की कोई कमी नहीं है। पर्याप्त बजट मिल रहा और साथ ही आवश्यकता के अनुरूप दवा की स्थानीय खरीद के साथ जेम पोर्टल पर भी दवा का टेंडर डाला जाता है।
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दवा की कमी न हो, इसके लिए हरचंदपुर के रहवा में काॅर्पोरेशन का दवा का गोदाम खुला है। जिससे जरूरत पड़ने पर दवा सरकारी अस्पतालों में आती हैं। इसके बाद भी दवा का खेल चल रहा है। बाहर की दवा मरीजों को लिखी जा रही हैं। असल में मेडिकल स्टोर और दवा कंपनियों के प्रतिनिधियों का चिकित्सकों के साथ गठजोड़ पूरी व्यवस्था पर हावी है।
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जिला अस्पताल के साथ ही सभी सीएचसी और पीएचसी को कॉर्पोरेशन से सीधे दवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। महिला और पुरुष अस्पतालों को 20 प्रतिशत का बजट इसलिए दिया जाता है कि कॉर्पोरेशन से जो दवाएं न मिलें, उनकी खरीद अस्पताल के स्तर से कर मरीजों को उपलब्ध करा दी जाएं। वहीं, अस्पताल प्रशासन लगातार दावा करता रहा है कि मरीजों को देने के लिए स्टोर में पर्याप्त दवाएं उपलब्ध हैं। इसके बाद भी मरीजों को बाजार से खरीदने के लिए दवाएं की पर्ची थमाई जा रही है।
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चहेतों को टेंडर दिलाने से होती है दवा की कमी
शासन के आदेश पर जेम पोर्टल पर दवा खरीदने के लिए टेंडर डालने की प्रक्रिया होती है। इसमें खेल भी होता है। स्वास्थ्य विभाग के कर्ताधर्ता अपने चहेतों को कम बिड में टेंडर डलवा देते हैं। पूर्व में ऐसा कई बार जिला अस्पताल में हो चुका है। बताया जाता है कि जब किसी चहेती कंपनी का टेंडर पास हो जाता हैै तो सर्जिकल आइटम और जरूरी दवा की खरीद मनमाने ढंग से होती है। साथ ही दवा और सर्जिकल आइटम को खरीदे बिना ही भुगतान करा दिया जाता है। इस कारण भी दवा की कमी होती रहती है।


डॉक्टरों को सख्त आदेश दिए गए हैं कि वे बाजार की दवाएं एक भी मरीज को नहीं लिखेंगे। अस्पताल में पर्याप्त दवाएं उपलब्ध हैं। यदि कोई दवा अस्पताल में नहीं है तो डॉक्टर लिखकर भेजेंं। लोकल परचेज कराकर दवाएं मरीजों को दी जाएंगी। ओपीडी कक्षों में किसी भी बाहरी लोगों के प्रवेश को भी प्रतिबंधित किया गया है।
- पुष्पेंद्र कुमार, सीएमएस जिला अस्पताल
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