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जिला अस्पताल की ओपीडी में लागू हुई टोकन व्यवस्था
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूराे
Updated Thu, 04 Aug 2016 11:27 PM IST
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डिसप्ले स्क्रीन।
- फोटो : getty images
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जिला अस्पताल की ओपीडी में टोकन व्यवस्था लागू हो गई है। फिलहाल इसे तीन चिकित्सकों के कक्षों में बतौर प्रयोग के लिए शुरू किया गया है। यदि प्रयास सफल रहा तो सभी 19 ओपीडी में इसे लागू कर दिया जाएगा। इस व्यवस्था से रोगियों को लाइन लगाने और धक्के खाने से छुटकारा मिल जाएगा।
कई जनपदों के अस्पतालों में चल रही टोकन व्यवस्था को यहां लागू करने के लिए जिला अस्पताल प्रशासन कई दिनों से प्रयास कर रहा था। गुरुवार को नई व्यवस्था शुरू कर दी गई। सीएमएस डॉ. एनके श्रीवास्तव ने बताया कि अस्पताल में आयुष विभाग को मिलाकर 19 ओपीडी चलती हैं।
अभी प्रयोग के लिए इस व्यवस्था को ईएनटी के अलावा वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. बीरबल और डॉ. प्रभाकर के कक्षों में शुरू किया गया है। प्रयास सफल रहा तो अस्पताल की सभी ओपीडी में यह टोकन व्यवस्था लागू कर दी जाएगी।
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नई व्यवस्था के लागू होने से रोगियों को काफी राहत मिलेगी। चिकित्सकों की ओपीडी कक्ष के बाहर एक टोकन नंबर दिखाने वाली स्क्रीन लगाई गई है। रजिस्ट्रेशन काउंटर से पर्चा बनवाने के बाद जिस डॉक्टर को दिखाना होगा, रोगी उसकी ओपीडी में अपना पर्चा जमा कर देगा।
ओपीडी से उसे एक टोकन मिलेगा। इसके बाद क्रम से रोगियों को बुलाया जाएगा। जिस रोगी का टोकन नंबर स्क्रीन पर आएगा, उसका इलाज चिकित्सक करेंगे।
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कई जनपदों के अस्पतालों में चल रही टोकन व्यवस्था को यहां लागू करने के लिए जिला अस्पताल प्रशासन कई दिनों से प्रयास कर रहा था। गुरुवार को नई व्यवस्था शुरू कर दी गई। सीएमएस डॉ. एनके श्रीवास्तव ने बताया कि अस्पताल में आयुष विभाग को मिलाकर 19 ओपीडी चलती हैं।
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अभी प्रयोग के लिए इस व्यवस्था को ईएनटी के अलावा वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. बीरबल और डॉ. प्रभाकर के कक्षों में शुरू किया गया है। प्रयास सफल रहा तो अस्पताल की सभी ओपीडी में यह टोकन व्यवस्था लागू कर दी जाएगी।
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नई व्यवस्था के लागू होने से रोगियों को काफी राहत मिलेगी। चिकित्सकों की ओपीडी कक्ष के बाहर एक टोकन नंबर दिखाने वाली स्क्रीन लगाई गई है। रजिस्ट्रेशन काउंटर से पर्चा बनवाने के बाद जिस डॉक्टर को दिखाना होगा, रोगी उसकी ओपीडी में अपना पर्चा जमा कर देगा।
ओपीडी से उसे एक टोकन मिलेगा। इसके बाद क्रम से रोगियों को बुलाया जाएगा। जिस रोगी का टोकन नंबर स्क्रीन पर आएगा, उसका इलाज चिकित्सक करेंगे।