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आंखों में दिख रहा अपनों के खोने का गम और गुस्सा
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महराजगंज (रायबरेली)। पहाड़पुर गांव के लोगों ने कभी ऐसा भयानक मंजर नहीं देखा था। जहां पर सुबह से ही लोगों की हंसी ठिठौली का दौर शाम तक रहता था, वहां हर गलियां सूनी हैं। हर तरफ सन्नाटा है।
अपनों को खोने का गम लोगों की आंखों में दिख रहा है। पुलिस और आईटीबीपी के जवानों का कड़ा पहरा है, जो हर संदिग्ध पर नजर रख रहे हैं।
मृतकों के घरों पर नाते-रिश्तेदारों का आना-जाना लगा है। ढांढस बंधाने के बाद भी गमजदा परिवारों के आंसू थमने का नाम नहीं रहे हैं। हर जुबां पर एक ही सवाल है कि आखिर यह सब कैसे हो गया।
महराजगंज कोतवाली क्षेत्र में हुए शराब कांड में एक महिला समेत 10 लोगों की मौत के बाद पहाड़पुर समेत अन्य गांवों में वीरानी सी छाई है।
खासकर पहाड़पुर गांव में छह लोगों की मौत के बाद पुलिस और आईटीबीपी के जवानों का पहरा बैठा दिया गया है। एएसपी विश्वजीत श्रीवास्तव, सीओ रामकिशोर सिंह ने शुक्रवार को गांव पहुंचकर लोगों से बात करके पूरे प्रकरण का सच जानने का प्रयास किया।
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गांव के 75 वर्षीय राममिलन यादव कहते हैं कि उनकी इतनी उम्र हो गई है, लेकिन उनके गांव में इस तरह की घटना कभी नहीं हुई। घटना में शामिल आरोपियों पर कार्रवाई जरूर होनी चाहिए। राम अवध यादव, आशीष सिंह, रणविजय सिंह उर्फ पप्पू कहते हैं कि शराब ने कई परिवारों की जिंदगी भर न भूलने वाला गम दिया है।
मामले में सख्त कार्रवाई की जाए। वहीं पीड़ित परिवार के सदस्य घटना से गमगीन हैं और उनके आंसूू नहीं बंद हो रहे हैं। उधर, आरोपी देशी शराब के ठेकेदार धीरेंद्र सिंह के घर पर सन्नाटा पसरा है।
पुलिस की मौजूदगी में हुआ अंतिम संस्कार
पहाड़पुर की रहने वाली सुखरानी (60), बंसीलाल (50), रामसुमेर (46), सरोज कुमार (40), पहाड़पुर गांव निवासी पंकज सिंह (28) और जतुआ टप्पा निवासी मिश्रीलाल (55), सहामतगंज निवासी कल्लू, डेडउवा गांव निवासी चंद्रपाल (45) की जहरीली शराब से पीने से मौत हो गई थी। गुरुवार शाम गांव में ही पुलिस की मौजूदगी में शवों का अंतिम संस्कार किया गया।
अंतिम संस्कार के दौरान लोगों की आंखें नम हो गईं। उधर, मध्य प्रदेश के नौगवां छतरपुर निवासी राजबाबू (30), हमीरपुर जिले के राठ थाना क्षेत्र के होता निवासी कासिम (35) की भी मौत हुई थी। इन दोनों के परिवारीजन यहां पहुंचकर शव एंबुलेंस से लेकर घरों के लिए रवाना हो गए।
कोतवाली में ही रुकने के दिए गए आदेश
शराब कांड के मामले में कोतवाल नारायण कुशवाहा, थुलवासां चौकी इंचार्ज राजकुमार और चार सिपाहियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया था। इन सभी पुलिस कर्मियों से कोतवाली में रहने के लिए कहा गया है, ताकि पूरे घटना के बारे में पूछताछ हो सके। उधर, एएसपी ने कोतवाली पहुंचकर घटना के बारे में जानकारी ली।
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अपनों को खोने का गम लोगों की आंखों में दिख रहा है। पुलिस और आईटीबीपी के जवानों का कड़ा पहरा है, जो हर संदिग्ध पर नजर रख रहे हैं।
मृतकों के घरों पर नाते-रिश्तेदारों का आना-जाना लगा है। ढांढस बंधाने के बाद भी गमजदा परिवारों के आंसू थमने का नाम नहीं रहे हैं। हर जुबां पर एक ही सवाल है कि आखिर यह सब कैसे हो गया।
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महराजगंज कोतवाली क्षेत्र में हुए शराब कांड में एक महिला समेत 10 लोगों की मौत के बाद पहाड़पुर समेत अन्य गांवों में वीरानी सी छाई है।
खासकर पहाड़पुर गांव में छह लोगों की मौत के बाद पुलिस और आईटीबीपी के जवानों का पहरा बैठा दिया गया है। एएसपी विश्वजीत श्रीवास्तव, सीओ रामकिशोर सिंह ने शुक्रवार को गांव पहुंचकर लोगों से बात करके पूरे प्रकरण का सच जानने का प्रयास किया।
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गांव के 75 वर्षीय राममिलन यादव कहते हैं कि उनकी इतनी उम्र हो गई है, लेकिन उनके गांव में इस तरह की घटना कभी नहीं हुई। घटना में शामिल आरोपियों पर कार्रवाई जरूर होनी चाहिए। राम अवध यादव, आशीष सिंह, रणविजय सिंह उर्फ पप्पू कहते हैं कि शराब ने कई परिवारों की जिंदगी भर न भूलने वाला गम दिया है।
मामले में सख्त कार्रवाई की जाए। वहीं पीड़ित परिवार के सदस्य घटना से गमगीन हैं और उनके आंसूू नहीं बंद हो रहे हैं। उधर, आरोपी देशी शराब के ठेकेदार धीरेंद्र सिंह के घर पर सन्नाटा पसरा है।
पुलिस की मौजूदगी में हुआ अंतिम संस्कार
पहाड़पुर की रहने वाली सुखरानी (60), बंसीलाल (50), रामसुमेर (46), सरोज कुमार (40), पहाड़पुर गांव निवासी पंकज सिंह (28) और जतुआ टप्पा निवासी मिश्रीलाल (55), सहामतगंज निवासी कल्लू, डेडउवा गांव निवासी चंद्रपाल (45) की जहरीली शराब से पीने से मौत हो गई थी। गुरुवार शाम गांव में ही पुलिस की मौजूदगी में शवों का अंतिम संस्कार किया गया।
अंतिम संस्कार के दौरान लोगों की आंखें नम हो गईं। उधर, मध्य प्रदेश के नौगवां छतरपुर निवासी राजबाबू (30), हमीरपुर जिले के राठ थाना क्षेत्र के होता निवासी कासिम (35) की भी मौत हुई थी। इन दोनों के परिवारीजन यहां पहुंचकर शव एंबुलेंस से लेकर घरों के लिए रवाना हो गए।
कोतवाली में ही रुकने के दिए गए आदेश
शराब कांड के मामले में कोतवाल नारायण कुशवाहा, थुलवासां चौकी इंचार्ज राजकुमार और चार सिपाहियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया था। इन सभी पुलिस कर्मियों से कोतवाली में रहने के लिए कहा गया है, ताकि पूरे घटना के बारे में पूछताछ हो सके। उधर, एएसपी ने कोतवाली पहुंचकर घटना के बारे में जानकारी ली।