पुराने नोट पर नहीं मिल रहा खाद-बीज
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सहकारी बैंक शाखाओं से ग्राहकों को बड़ी रकम नहीं मिल पा रही है। शादी वाले परिवारों को सप्ताह में 24000 रुपये देने का प्रयास किया जा रहा है, यह बैंक शाखा में कैश की उपलब्धता पर निर्भर करता है। अन्य ग्राहकों को न्यूनतम 2000 से लेकर 5000 रुपये तक दिए जा रहे हैं।
रायबरेली में साधन सहकारी समितियों की संख्या 185 है। इसमें 3.5 लाख किसान सहकारी समितियों के सदस्य हैं। इसके अलावा दो दर्जन से ज्यादा सहकारी बैंक शाखाओं में दो लाख ग्राहक हैं। किसानों को ऋण के रूप में खाद-बीज दिया जा रहा है।
सहकारी बैंक के मुख्य प्रबंधक संजय पांडेय ने कहा कि उनके बैंक को पुराने नोट लेने या बदलने की अनुमति नहीं है। नया आदेश आते ही उस पर अमल किया जाएगा। साधन सहकारी समितियां जिले में सहकारी बैंक के अधीन काम करती हैं। इस कारण वहां भी पुराने नोट नहीं लिए जा रहे हैं। सामान्य मुख्यालय की सहकारी बैंक शाखा की मुख्य शाखा में दोपहर डेढ़ बजे काउंटर पर इक्का-दुक्का ग्राहक खड़े थे।
इदिरा नगर की कंचन के पति को डेंगू हो गया है उनके इलाज को ज्यादा पैसे की आवश्यकता है। लेकिन विड्रॉल भरने पर दो हजार रुपये का भुगतान किया गया। वहीं मीना 10-10 के एक हजार रुपये जमा करने के लिए आई थी।
पुराने 1000-500 रुपये के नोट बंद होने के बाद यहां जमा करने वाले ग्राहकों की संख्या घट गई है। बैंक अपने ग्राहकों को धन उपलब्धता के आधार पर भुगतान कर रहा है। साधन सहकारी समिति पदमनपुर बिजौली परशदेपुर में सन्नाटा पसरा था।
किसान ताला देख वापस लौट रहे थे। मौके पर मिले अटांवा गांव निवासी राम गोपाल का कहना था कि खाद लेने आया था, लेकिन यहां कोई नहीं है। रामगोपाल के साथ आए त्रिलोकपुर निवासी त्रिलोक सिंह का कहना था कि सचिव से खाद देने को कहा था तो सचिव ने कहा कि नए नोट लाओ तभी खाद मिलेगी।
पदमनपुर साधन सहकारी समिति के सचिव शिव प्रसाद पाल ने बताया कि उन्हें 1000-500 रुपये के पुराने नोट से खाद बीज देने का कोई आदेश नहीं मिला है। सहकारी बैंक के शाखा प्रबंधक सुनील कुमार मिश्रा ने बताया कि अभी ऐसा कोई आदेश नहीं मिला है।
आदेश मिलते ही इस पर अमल किया जाएगा। डीह क्षेत्र की साधन सहकारी समिति डीह में 1000-500 सौ रुपये के नोट नहीं लिए जा रहे हैं। यहां खाद-बीज लेने बुधवार को आए किसान विमलेश ने बताया कि उन्हें बैरंग लौटना पड़ रहा है।
रोजाना यहां कई किसान आते हैं लेकिन सबको 100-100 के पुराने नोट लाने को कहा जाता है। समिति के सचिव अशोक सिंह ने बताया कि आदेश नहीं मिला है। इसलिए किसानों को पुराने नोट पर खाद बीज नहीं दिया जा रहा है।
महराजगंज की साधन सहकारी समिति अतरेहटा में भी पूरी तरह सन्नाटा पसरा रहा। यहां मिले जिहवा के किसान सुरेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि समिति से नए नोटों पर ही खाद बीज देने की बात कही जा रही है। अभी तत ज्यादातर किसानों के पास नए नोट नहीं हैं।
सहकारी बैंक महराजगंज के प्रबंधक वेद प्रकाश पांडेय ने बताया कि पुराने नोटों पर खाद देने संबंधी कोई भी आदेश नहीं आया है। आदेश आता है तो उसके अनुरूप काम किया जाएगा।सलोन साधन सहकारी समिति में भी किसानाें को खाद बीज नहीं मिल पा रहा है।
यहां किसान राम अभिलाख ने बताया कि वह यहां बीज लेने आये थे लेकिन उनसे कहा जा रहा है कि पुराने नोटों पर खाद बीज नहीं मिलेगी। जिला सहकारी बैंक प्रबंधक मृगेंद्र सिंह ने बताया कि किसानों से पुराने नोट लेने कोई आदेश नहीं मिला है। इस कारण पुराने नोट समितियों में नहीं लिए जा रहे हैं।
जगतपुर क्षेत्र की साधन समिति गोकुलपुर रोझइया में भी किसानों को पुराने नोटों से खाद-बीज नहीं मिल पा रहा है। नए आदेश की जानकारी मिलने पर समिति में आए किसान राम नरायन ने बताया कि यहां के कर्मचारियों का कहना है कि पुराने नोटों पर कोई भी बीज या खाद नहीं मिल पाएगा। यहां के सचिव केशव लाल यादव ने बताया कि यहां ऐसा कोई आदेश नहीं आया है।