फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Raebareli News ›   The last farewell to martyr Ankesh was given with tearful eyes

Raebareli News: नम आंखों से दी बलिदानी अंकेश को अंतिम विदाई

Fri, 11 Apr 2025 12:23 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली Updated Fri, 11 Apr 2025 12:23 AM IST
विज्ञापन
The last farewell to martyr Ankesh was given with tearful eyes
गदागंज थाना क्षेत्र के शहीद अंकेश तिवारी के गांव मनिहर गर्वी में सलामी देते सीओ अरुण कुमार नौवह - फोटो : संवाद
गदागंज (रायबरेली)। गुवाहाटी-मेघालय सीमा पर तैनात सैनिक अंकेश तिवारी का बृहस्पतिवार को अंतिम संस्कार नम आंखों के बीच कर दिया गया। बड़े भाई अभिषेक तिवारी ने मुखाग्नि दी। इस दौरान भारत माता की जय के नारे लगाए गए। परिवार के साथ लोगों की आंखें भी आंसुओं से भर गईं।
विज्ञापन


मनिहर गर्वी निवासी सेवानिवृत्त फौजी राम प्रकाश तिवारी के बेटे अंकेश तिवारी गुवाहाटी-मेघालय सीमा पर सेना में तैनात थे। रविवार को उनकी शहादत का समाचार मिलते ही गांव में शोक की लहर दौड़ गई। बुधवार को सेना के जवान अंकेश तिवारी का पार्थिव शरीर गांव लेकर पहंचे। पिता रामप्रकाश का कहना है कि बेटे के मौत का कारण जानने की कोशिश की गई, लेकिन सेना के जवानों ने कुछ भी बताने से मना कर दिया।
विज्ञापन


देर शाम ऊंचाहार विधायक डाॅ. मनोज पांडेय गांव पहुंचे और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से बात की। इसके बाद रक्षा मंत्रालय की ओर से अंकेश तिवारी के ऑन ड्यूटी बलिदान होने की बताई गई। बृहस्पतिवार को लखनऊ से आए मेजर सुधीर यादव विक्रम सिंह ने भी परिवारजनों से बातचीत की और अंकेश तिवारी का निधन ड्यूटी के दौरान होने की बात बताई। इसके बाद सेना के जवानों ने राजकीय सम्मान के साथ शव का अंतिम संस्कार कराया। इस मौके पर उप जिलाधिकारी ऊंचाहार सिद्धार्थ कुमार, क्षेत्राधिकारी डलमऊ अरुण कुमार ने श्रद्धांजलि अर्पित की।
विज्ञापन
विज्ञापन




बेटे की अर्थी उठते ही बेसुध हुई मां
बेटे अंकेश तिवारी के अंतिम संस्कार की प्रक्रिया चल रही थी। 24 घंटे दरवाजे पर बेटे का शव रखा रहा। इस दौरान अंकेश की मां विमन और अन्य परिवारजनों का रो-रो कर बुरा हाल हो गया। बेटे की अर्थी उठी तो मां बेसुध हो गईं। लोगों ने उनको ढाढंस बंधाया।




माता-पिता से रोज होती थी बात
पिता राम प्रकाश तिवारी ने बताया कि प्रतिदिन सुबह बेटे का फोन आता था। रोते हुए मां विमन तिवारी ने बताया 15 फरवरी को वह अपने भाई अभिषेक तिवारी की शादी में घर आया था। पांच मार्च को वापस ड्यूटी पर चला गया। उसके बाद अचानक उनकी शहादत की खबर आई। गांव में भी लोगों ने बताया कि अंकेश मिलनसार स्वभाव के थे। जब भी गांव आते वह हर किसी से मिलते थे। उनकी मौत से हर कोई अचंभित है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed