फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Raebareli News ›   The big well being lost being lost from neglect

उपेक्षा से अस्तित्व खोता जा रहा बड़ा कुआं

Sat, 15 Apr 2017 12:49 AM IST
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूराे
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूराे Updated Sat, 15 Apr 2017 12:49 AM IST
विज्ञापन
The big well being lost being lost from neglect
रायबरेली नगर के किला बाजार स्थित बड़ा कुआं। - फोटो : अमर उजाला
बदलती चकाचौंध में इतिहास के पन्नों में दर्ज बड़ा कुआं अपना अस्तित्व खोता जा रहा है। अंग्रेजों की ओर से बनवाए गए इस कुएं के जीर्णोद्रार के लिए कोई आगे नहीं आ रहा है। हालात ये हैं कि कूड़े करकट में यह कुआं तब्दील होता जा रहा है। इसे पाटा जा रहा है और बेशकीमती जमीन पर कब्जा किया जा रहा है। न तो जनप्रतिनिधियों की इसकी फिक्र है और न ही अफसरों को। शहर के किला बाजार मोहल्ले में बड़ा कुआं है।
विज्ञापन


मान्यता है कि शहर के तेलियाकोट मोहल्ले में अंग्रेजों के जमाने में इस कुंए को बनवाया गया था। इसी कुएं से अंग्रेज अपनी प्यास बुझाते थे। कहा जाता है कि इस कुएं का जुड़ाव समुद्र से था। एक बार कुएं में पानी समुद्र से आने लगा था। ऐेसे में शहर में बाढ़ आने का खतरा उत्पन्न हो गया था। इस पर लोहे का तावा कुएं में रखवा दिया गया था।
विज्ञापन


जिले की धरोहर के रूप में इस कुएं की पहचान तो जरूर मिली, लेकिन यह आज अपनों की ही उपेक्षा का शिकार है। चुनावों के दौरान लंबी चौड़ी बात करने वाले जनप्रतिनिधि भी इस पहचान के सौंदयीकरण के लिए आगे नहीं आते हैं। जिला प्रशासन के अफसर भी इससे मुह मोडे़ हुए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


नतीजतन यह कुआं कूड़े करकट के ढेर में तब्दील होता जा रहा है। इसे पाटकर जमीन पर कब्जा किया जा रहा है। इसको लेकर कोई प्रयास नहीं किए गए तो यह कुआं इतिहास के पन्नों में ही दर्ज होकर रह जाएगा।

समाजसेवी जगदीश शुक्ला कहते हैं कि बड़ा कुआं जिले की धरोहर है। इसलिए जिला प्रशासन को चाहिए कि बड़ा कुआं के सौंदर्यीकरण के लिए प्रयास करें। कुएं की साफ-सफाई कराई जाए। आज भी लोग कुएं को देखने के लिए पहुंचते हैं, लेकिन उसकी हालत देख मायूस हो जाते हैं। कुएं की पहचान को बचाने के लिए सबको आगे आने की जरूरत है।


तेलियाकोट के रहने वाले मनोज कुमार, राकेश कुमार, दिलशेर, आरिफ कहते हैं कि बड़ा कुआं उपेक्षा का शिकार है। इसकी बदहाली दूर करने के लिए कोई ध्यान नहीं दे रहा है। कूड़ा करकट से कुएं को पाटा जा रहा है, जो गलत है। जरूरत है कि इस कुएं को जो पहचान मिली है, उसे बरकरार रखने के लिए इसका सौंदर्यीकरण कराया जाए। यही हाल रहा तो इतिहास से इस कुएं का अस्तित्व समाप्त हो जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed