फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Raebareli News ›   Teams are not visiting villages; how will the livestock get vaccinated

Raebareli News: गांवों में नहीं जा रही टीमें, कैसे लगे पशुओं को टीके

Wed, 12 Aug 2026 01:04 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली Updated Wed, 12 Aug 2026 01:04 AM IST
विज्ञापन
Teams are not visiting villages; how will the livestock get vaccinated
रोहनिया क्षेत्र के परसीपुर के डिहवा गांव में टीका लगाते पशु चिकित्सा कर्मी।
रायबरेली। पशुओं को मुंहपका और खुरपका बीमारी से बचाने के लिए शुरू कराया गया अभियान कागजों तक में सीमित है। धरातल पर डॉक्टर व पैरावेट गांवों में नजर नहीं आ रहे हैं। टीकाकरण में लगी 54 टीमें सदस्यों की कमी से जूझ रही हैं। यही वजह है कि टीकाकरण टीमें तमाम गांवों तक पहुंच नहीं पा रही हैं।
विज्ञापन


खुरपका-मुंहपका से मवेशियों के बचाव के लिए पशुपालकों को टीके का इंतजार है। संवाद न्यूज एजेंसी की टीम ने मंगलवार को पड़ताल की तो टीकाकरण अभियान का सच सामने आ गया। पशुपालकों की जुबानी से टीकाकरण अभियान की पोल खुल गई। लक्ष्य 5.65 लाख के सापेक्ष अब तक 82 हजार पशुओं को टीका लगाया गया है।
विज्ञापन



टीमें गांवों में नहीं पहुंची, कैसे लगे टीके
ऊंचाहार। ब्लाॅक क्षेत्र में टीकाकरण अभियान कागजों तक सीमित है। पचखरा गांव के पशुपालक किसान अर्जुन दुबे, अभिषेक मिश्रा, सोहन यादव व रामखेलावन सरोज बताते हैं कि पशुओं को अभी तक टीके नहीं लग सके हैं। गांव में टीम कब आएगी, इसकी जानकारी नहीं है। परसू गांव के पशुपालक रमेश कुमार, रतीपाल, राकेश कुमार पाल बताते हैं कि पशुओं को टीके नहीं लगे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


ईश्वरदासपुर, पचखरा, गंगौली, रामसांडा व किसुनदासपुर के पंचायत सचिव राजकुमार व आइमा जहनियां, शुकुकरूल्लापुर, ऊंचाहार देहात, सेहरामऊ व निगोहा पंचायत सचिव अभिषेक शुक्ला ने बताया कि गांवों में पशुओं का टीकाकरण नहीं हुआ है। पशु चिकित्साधिकारी डॉ. दिलीप सिंह ने बताया कि 400 पशुओं को प्रतिदिन टीका लगाया जाता है। स्टाफ की कमी के चलते कुछ दिक्कतें जरूर आ रही हैं।


20 दिन में महज 94 पशुओं को लगे टीके
नसीराबाद। टीकाकरण अभियान शुरू हुए करीब 20 दिन का समय बीत चुका है। रमसापुर लहेंगा गांव में महज 94 पशुओं को ही टीका लगाया जा सका है। प्रतिदिन 400 से 500 पशुओं को टीका लगाने का लक्ष्य रखा गया है, लेकिन इसको लेकर तेजी नहीं दिखाई जा रही है। गांव निवासी पशुपालक राकेशचंद्र, अनिल ओझा, संतोष यादव बताते हैं कि विभाग टीकाकरण अभियान को लेकर सक्रिय नहीं है।

ग्राम प्रधान सत्यदेव सिंह बताते हैं कि अभियान सुस्त गति से चल रहा है। पंचायत सचिव सुनील यादव ने बताया कि पशुओं में टीका लगाए जाने की जानकारी है। हालांकि कार्य सुस्त गति से हो रहा है। पशुधन प्रसार अधिकारी संजय कुमार मिश्रा ने बताया कि सात गांवों में करीब 3500 पशुओं का टीकाकरण किया जा चुका है।


डेला गांव में शुरुआत तक नहीं
डीह। डेला गांव में टीकाकरण अभियान की शुरुआत अब तक नहीं हो सकी है। पशुपालक शशि सिंह, सुनीता, विमलेश मौर्य, अजीत सिंह बताते हैं कि उनके पशुओं को टीका नहीं लग सका है। कोई टीम टीका लगाने गांव अब तक नहीं आई है। पशुओं को टीका लगने की किसी ने कोई जानकारी तक नहीं दी है।

ग्राम प्रधान राजकुमारी ने बताया कि पशुपालन विभाग की टीमों को घर-घर जाकर पशुओं में टीका लगाना है। उनके गांव में अभी तक कोई टीम नहीं आई है। पंचायत सचिव मनदीप मौर्या ने पशुओं को टीका लगाया गया है या नहीं, इसकी जानकारी नहीं है। पशु चिकित्साधिकारी डॉ. यशवंत सिंह ने बताया कि डेला गांव में पशुओं को टीका लगाया जा चुका है।


पांच पशुओं को टीका लगा वापस लौटी टीम
रोहनिया। रोहनिया ब्लॉक क्षेत्र के डिहवा निवासी पशुपालक विनोद यादव, सरवन कुमार, नितिन साहू, उदयभान सिंह बताते हैं कि टीकाकरण अभियान महज खानापूर्ति तक सीमित है। सोमवार को टीम गांव आई और महज पांच पशुओं को टीका लगाकर वापस लौट गई। प्रधान पति संजय कुमार ने बताया कि अभियान के नाम पर लापरवाही बरती जा रही है।

ज्यादातर पशुओं को टीका नहीं लग सका है। ऐसे में पशुओं को बीमारी से कैसे बचाया जा सकता है। पंचायत सहायक रितिका सिंह ने बताया कि टीकाकरण अभियान रफ्तार नहीं पकड़ पा रहा है। इस वजह से पशुपालकों को दिक्कतें हो रही हैं। पशु चिकित्साधिकारी डॉ.मनोज कुमार ने बताया कि संविदा कर्मियों के कार्य बहिष्कार के चलते काम प्रभावित हो रहा है।


100 पशुओं को ही लगे टीके
गदागंज। गोंडा गांव में लगभग पशुओं की संख्या 200 है, लेकिन इसमें 100 पशुओं को ही टीका लगाया गया है। पशुपालक भोलाशंकर त्रिवेदी, राधाकृष्ण त्रिवेदी, प्रेमशंकर शुक्ला बताते हैं कि विभाग की तरफ से टीकाकरण अभियान को लेकर कोई तैयारी नहीं की गई। टीम घर-घर तक नहीं जाती है।

ग्राम प्रधान सतीश कुमार कहते हैं कि पशुओं को जब टीके ही नहीं लगे तो वह बीमारियों से कैसे बचेंगे। पंचायत सचिव आलोक कुमार वर्मा ने बताया कि उन्हें टीकाकरण अभियान की जानकारी नहीं है। डॉ. पशु चिकित्सा अधिकारी अमित कुमार बरनवाल ने बताया कि दो टीमें टीकाकरण अभियान में लगाई गई हैं। टीमें गांवों में जाकर पशुओं को टीका लगा रही हैं।


एक दिन में 200 पशुओं को टीका लगाने का है लक्ष्य
टीकाकरण अभियान के लिए कुल 54 टीमें गठित की गई हैं। एक टीम को प्रतिदिन 200 पशुओं को टीका लगाने का लक्ष्य दिया गया है। विभाग का दावा है कि अब तक 82 हजार पशुओं को टीका लगाया जा चुका है। एक टीम ने औसतन 10 गांवों में जाकर टीकाकरण किया है। इस टीम में एक पशु चिकित्सक, एक पैरावेट और कर्मचारी लगाए गए हैं।

बावजूद इसके टीकाकरण अभियान सुस्त गति से चल रहा है। इसकी मुख्य वजह पैरावेट की हड़ताल और स्टाफ की कमी बताई जा रही है। जिले में पशुओं के लिए 5 लाख 65 हजार वैक्सीन उपलब्ध है।



पैरावेट व स्टाफ की कमी से जरूर दिक्कतें आ रही हैं। जिले में शत प्रतिशत पशुओं में टीका लगाने का प्रयास किया जा रहा है। मंगलवार तक 82 हजार पशुओं को टीका लगाया जा चुका है। जिन गांवों में टीमें अभी तक नहीं पहुंची हैं, वहां पर भी जल्द टीका लगाने का कार्य कराया जाएगा।
डॉ. कुलदीप द्विवेदी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed