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Raebareli News: परचा के लिए बहाया पसीना, उल्टी-दस्त व बुखार के 16 राेगी भर्ती
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जिला अस्पताल में ब्लड की जांच रिपोर्ट लेने के लिए लगी लोगों की भीड़।
रायबरेली। जिला अस्पताल की ओपीडी में अव्यवस्थाएं चरम पर पहुंच गई हैं। ओपीडी के लिए ऑनलाइन परचा अनिवार्य किए जाने के बाद बृहस्पतिवार को भी मरीजों को पसीना बहाना पड़ा। चार में मात्र दो काउंटरों पर ही परचे बनाए गए। ऐसी स्थिति में मरीजों को अपराह्न दो बजे तक लाइन में खड़े होकर परेशान होना पड़ा। व्यापारियों ने इसकी शिकायत भी जिलाधिकारी से की, लेकिन सीएमएस पर इसका कोई असर नहीं पड़ा। उधर, आपातकाल में आए उल्टी-दस्त और बुखार के 16 मरीजों को भर्ती करके इलाज शुरू किया गया।
जिला अस्पताल में मैनुअल परचा बनाने का काम रोक दिया गया है। ऑनलाइन परचा बनाने के लिए चार काउंटर खोले गए हैं, लेकिन बृहस्पतिवार को एक प्रिंटर खराब हो गया और एक कंप्यूटर ने काम ठीक से नहीं किया। ऐसी स्थिति में मरीजों को दो काउंटरों के माध्यम से परचा बनवाना पड़ा। भीड़ अधिक होने के कारण मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। मरीजों की समस्याओं को सुनने वाला कोई नहीं दिखा। स्थिति यह रही कि ओपीडी कक्षों के बाहर सन्नाटा दिखा, लेकिन परचा काउंटरों पर मरीजों की लंबी लाइन देखने को मिली। तमाम मरीज परचा न बनने के कारण वापस लौट आए।
उधर, ठंडी-गर्मी के चपेट में आने से उल्टी-दस्त और बुखार के कारण कई मरीजों को हालत बिगड़ गई। बृहस्पतिवार को आपातकाल पहुंचे बाबूलाल (65), संध्या (4), अनामिका (9), ओम (4), रामपाल (65), गीता (36), सत्य नारायण (65), शिवाकांत (62), श्रीसती (35), निखिल (55), अरहान (4), सावित्री (49), रामनाथ (65) आदि मरीजों को भर्ती करके इलाज शुरू किया गया।
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चिकित्सक डॉ. गौरव त्रिवेदी का कहना है कि मौसम में उतार-चढ़ाव है। ऐसी स्थिति में एहतियात बरतने की जरूरत है। समस्या होने पर मरीजों को अस्पताल लाकर इलाज शुरू कराएं। सीएमएस पुष्पेंद्र कुमार का कहना है कि अस्पताल में इलाज और जांच के पर्याप्त बंदोबस्त हैं। शुरुआत होने के कारण ऑनलाइन परचा बनवाने में समस्या हो रही है।
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जिला अस्पताल में मैनुअल परचा बनाने का काम रोक दिया गया है। ऑनलाइन परचा बनाने के लिए चार काउंटर खोले गए हैं, लेकिन बृहस्पतिवार को एक प्रिंटर खराब हो गया और एक कंप्यूटर ने काम ठीक से नहीं किया। ऐसी स्थिति में मरीजों को दो काउंटरों के माध्यम से परचा बनवाना पड़ा। भीड़ अधिक होने के कारण मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। मरीजों की समस्याओं को सुनने वाला कोई नहीं दिखा। स्थिति यह रही कि ओपीडी कक्षों के बाहर सन्नाटा दिखा, लेकिन परचा काउंटरों पर मरीजों की लंबी लाइन देखने को मिली। तमाम मरीज परचा न बनने के कारण वापस लौट आए।
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उधर, ठंडी-गर्मी के चपेट में आने से उल्टी-दस्त और बुखार के कारण कई मरीजों को हालत बिगड़ गई। बृहस्पतिवार को आपातकाल पहुंचे बाबूलाल (65), संध्या (4), अनामिका (9), ओम (4), रामपाल (65), गीता (36), सत्य नारायण (65), शिवाकांत (62), श्रीसती (35), निखिल (55), अरहान (4), सावित्री (49), रामनाथ (65) आदि मरीजों को भर्ती करके इलाज शुरू किया गया।
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चिकित्सक डॉ. गौरव त्रिवेदी का कहना है कि मौसम में उतार-चढ़ाव है। ऐसी स्थिति में एहतियात बरतने की जरूरत है। समस्या होने पर मरीजों को अस्पताल लाकर इलाज शुरू कराएं। सीएमएस पुष्पेंद्र कुमार का कहना है कि अस्पताल में इलाज और जांच के पर्याप्त बंदोबस्त हैं। शुरुआत होने के कारण ऑनलाइन परचा बनवाने में समस्या हो रही है।