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नए साल के स्वागत के लिए सजावट तो कहीं उपेक्षा
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 29 Dec 2015 11:25 PM IST
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वहीं नगर पालिका के पार्क उपेक्षित पड़े हैं। इनकी देखरेख नहीं होने के कारण यहां पर अव्यवस्थाओं का बोलबाला है। यहां तक शहीद स्मारक भी बदहाल है। झूले टूट गए हैं तो हरियाली पूरी तरह से समाप्त हो चुकी है।
शहर में नए साल पर सबसे अधिक भीड़ इंदिरा उद्यान और शहीद स्मारक पर लगती है। इन दोनों स्थानों पर करीब दो से तीन हजार लोग नए साल पर एकत्र होते हैं।
उद्यान विभाग की ओर से शहीद स्मारक को नए साल में लोगों को आकर्षित करने के लिए सजाया जा रहा है। गुलाब, गेंदा, गेलोडियस आदि फूल पुष्पवाटिका में खिलने लगे हैं।
वहीं नगर पालिका परिषद के हाथी पार्क को छोड़ कोई भी ऐसा पार्क नहीं जहां पर सफाई हो। ज्यादातर स्थानों पर बाउंड्रीवाल क्षतिग्रस्त हो चुके हैं।
शहीदों की स्मृति में बनी शहीद स्मारक पूरी तरह से बदहाल है। नए साल को लेकर यहां पर कोई भी तैयारी नहीं चल रही है। बच्चों के झूले और बेंच टूट चुके हैं।
शहीदों की याद को ताजा करने वाली मूर्तियां क्षतिग्रस्त हो चुकी है। देखरेख करने वाले अफसर भी बजट का रोना रो रहे हैं।
आरडीए के एक्सईएन एसके सिन्हा ने कहा कि हाल ही में बजट मिलने पर पार्क का निर्माण कराया गया है। मेंटीनेंस के लिए कोई बजट नहीं मिलता है। अराजकतत्व सजावटी सामग्री को नुकसान पहुंचा रहे है।
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शहर में पार्कों की बदहाल होती दशा से अब लोगों का आकर्षण कम होता जा रहा है। अयोध्यापुरी की नेहा सिंह का कहना है कि ज्यादातर पार्क बदहाल है।
इंदिरा उद्यान में भी पहले जैसा आकर्षण नहीं रहा। इंदिरा नगर के अमित यादव का कहना है कि शहीद स्मारक से सूर्य अस्त और सूर्योदय का मनोरम दृश्य देखने के लिए लोगों का तांता लगता था।
अब ऐसी स्थिति नहीं रह गई है। निराला नगर अशोक कुमार और सम्राट नगर विष्णु मौर्या का कहना है कि पार्क की दशा खराब होने के कारण रेस्टोरेंट में जश्न बनाने जाएंगे।
डीएफओ ओपी सिंह ने कहा कि नए वर्ष के आगमन पर इंदिरा उद्यान को सजाया जा रहा है। ज्यादातर स्थानीय लोग ही यहां पर आते हैं। उनके आकर्षित करने के लिए पुष्पवाटिका में अलग-अलग किस्म के पौधे लगाए गए हैं।
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शहर में नए साल पर सबसे अधिक भीड़ इंदिरा उद्यान और शहीद स्मारक पर लगती है। इन दोनों स्थानों पर करीब दो से तीन हजार लोग नए साल पर एकत्र होते हैं।
उद्यान विभाग की ओर से शहीद स्मारक को नए साल में लोगों को आकर्षित करने के लिए सजाया जा रहा है। गुलाब, गेंदा, गेलोडियस आदि फूल पुष्पवाटिका में खिलने लगे हैं।
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वहीं नगर पालिका परिषद के हाथी पार्क को छोड़ कोई भी ऐसा पार्क नहीं जहां पर सफाई हो। ज्यादातर स्थानों पर बाउंड्रीवाल क्षतिग्रस्त हो चुके हैं।
शहीदों की स्मृति में बनी शहीद स्मारक पूरी तरह से बदहाल है। नए साल को लेकर यहां पर कोई भी तैयारी नहीं चल रही है। बच्चों के झूले और बेंच टूट चुके हैं।
शहीदों की याद को ताजा करने वाली मूर्तियां क्षतिग्रस्त हो चुकी है। देखरेख करने वाले अफसर भी बजट का रोना रो रहे हैं।
आरडीए के एक्सईएन एसके सिन्हा ने कहा कि हाल ही में बजट मिलने पर पार्क का निर्माण कराया गया है। मेंटीनेंस के लिए कोई बजट नहीं मिलता है। अराजकतत्व सजावटी सामग्री को नुकसान पहुंचा रहे है।
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शहर में पार्कों की बदहाल होती दशा से अब लोगों का आकर्षण कम होता जा रहा है। अयोध्यापुरी की नेहा सिंह का कहना है कि ज्यादातर पार्क बदहाल है।
इंदिरा उद्यान में भी पहले जैसा आकर्षण नहीं रहा। इंदिरा नगर के अमित यादव का कहना है कि शहीद स्मारक से सूर्य अस्त और सूर्योदय का मनोरम दृश्य देखने के लिए लोगों का तांता लगता था।
अब ऐसी स्थिति नहीं रह गई है। निराला नगर अशोक कुमार और सम्राट नगर विष्णु मौर्या का कहना है कि पार्क की दशा खराब होने के कारण रेस्टोरेंट में जश्न बनाने जाएंगे।
डीएफओ ओपी सिंह ने कहा कि नए वर्ष के आगमन पर इंदिरा उद्यान को सजाया जा रहा है। ज्यादातर स्थानीय लोग ही यहां पर आते हैं। उनके आकर्षित करने के लिए पुष्पवाटिका में अलग-अलग किस्म के पौधे लगाए गए हैं।