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कोरोना के कारण 10 माह बाद एक दूजे के हुए 65 जोड़े
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मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह के दौरान कन्यादान करते परिवारीजन।
- फोटो : RAIBARAILY
रायबरेली। कोरोना के कारण थमा मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का कार्यक्रम 10 माह बाद शनिवार को हुआ। आईटीआई कैंपस में 65 जोड़ों ने सात फेरे लेकर सातों जन्मों तक साथ रहने की कसमें खाईं। हिंदू रीति-रिवाज से शादी की रस्में पूरी कराई गईं। अधिकारियों व अन्य लोगों ने वर-वधू को आशीर्वाद दिया।
पिछले मार्च से ही कोरोना का कहर बढ़ने के कारण मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह का कार्यक्रम ठप हो गया था।
कोरोना का खतरा थमने के बाद शनिवार को वित्तीय वर्ष में सामूहिक विवाह का पहला आयोजन हुआ। अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) राम अभिलाष ने कार्यक्रम में पहुंचकर वर और वधू को आशीर्वाद दिया। रीति-रिवाज से जोड़ों ने फेरे लेकर साथ जीने-मरने की कसमें खाई।
कविता-बृजेश, पूजा-अंबिका, गीता-राजकुमार, चांदी-जीतेंद्र, गायत्री-आशीष कुमार, रेनू-उमेश, किरन-राजकुमार, मोनी-सुरेंद्र, प्रीती-राहुल, नीशू-मुकेश, केतकी-कृष्णकुमार सहित 65 जोड़ों की शादी रीति-रिवाज से कराई गई। कार्यक्रम में समाज कल्याण अधिकारी डॉ. वैभव त्रिपाठी, एसडीएम सदर अंशिका दीक्षित, सीओ सिटी अंजनी कुमार, पीडी प्रेमचंद्र पटेल, सीवीओ डॉ. गजेंद्र सिंह, डीडीओ शोभनाथ चौरसिया, सुनीता सिंह, सूरज मौर्या, राजकरन, आशीष पांडेय, मुकेश सिंह, दर्शना त्रिपाठी, अनुराग पांडेय, दिलीप यादव, शिव सिंह, श्याम साधू, महेंद्र अग्रवाल, ज्ञान प्रकाश तिवारी, कंचन तिवारी, अनीता श्रीवास्तव आदि ने वर-वधू को आशीर्वाद दिया।
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शादी में खर्च हुए 33.15 लाख, खाते में भेजे 22.75 लाख
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत शनिवार को हुई 65 गरीब बेटियों की शादी में समाज कल्याण विभाग की ओर से 33.15 लाख रुपये खर्च किए गए। इसमें सभी बेटियों के खातों में 35-35 हजार रुपये के हिसाब से 22.15 लाख रुपये भेजे गए हैं। जिला समाज कल्याण अधिकारी डॉ. वैभव त्रिपाठी ने बताया कि जोड़ों को 10-10 हजार रुपये में साड़ी, पायल, बिछिया, थाली, लोटा, कटोरी, बाल्टी, टंकी, ट्रॉली बैग, प्रेशर कुकर, परात सहित 16 प्रकार के सामान भी दिए गए हैं। योजना के तहत तय धनराशि 3.90 लाख रुपये शादी के कार्यक्रम में खर्च किए गए हैं। प्रति शादी में 51 हजार रुपये का बजट शासन से मिला है।
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पिछले मार्च से ही कोरोना का कहर बढ़ने के कारण मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह का कार्यक्रम ठप हो गया था।
कोरोना का खतरा थमने के बाद शनिवार को वित्तीय वर्ष में सामूहिक विवाह का पहला आयोजन हुआ। अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) राम अभिलाष ने कार्यक्रम में पहुंचकर वर और वधू को आशीर्वाद दिया। रीति-रिवाज से जोड़ों ने फेरे लेकर साथ जीने-मरने की कसमें खाई।
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कविता-बृजेश, पूजा-अंबिका, गीता-राजकुमार, चांदी-जीतेंद्र, गायत्री-आशीष कुमार, रेनू-उमेश, किरन-राजकुमार, मोनी-सुरेंद्र, प्रीती-राहुल, नीशू-मुकेश, केतकी-कृष्णकुमार सहित 65 जोड़ों की शादी रीति-रिवाज से कराई गई। कार्यक्रम में समाज कल्याण अधिकारी डॉ. वैभव त्रिपाठी, एसडीएम सदर अंशिका दीक्षित, सीओ सिटी अंजनी कुमार, पीडी प्रेमचंद्र पटेल, सीवीओ डॉ. गजेंद्र सिंह, डीडीओ शोभनाथ चौरसिया, सुनीता सिंह, सूरज मौर्या, राजकरन, आशीष पांडेय, मुकेश सिंह, दर्शना त्रिपाठी, अनुराग पांडेय, दिलीप यादव, शिव सिंह, श्याम साधू, महेंद्र अग्रवाल, ज्ञान प्रकाश तिवारी, कंचन तिवारी, अनीता श्रीवास्तव आदि ने वर-वधू को आशीर्वाद दिया।
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शादी में खर्च हुए 33.15 लाख, खाते में भेजे 22.75 लाख
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत शनिवार को हुई 65 गरीब बेटियों की शादी में समाज कल्याण विभाग की ओर से 33.15 लाख रुपये खर्च किए गए। इसमें सभी बेटियों के खातों में 35-35 हजार रुपये के हिसाब से 22.15 लाख रुपये भेजे गए हैं। जिला समाज कल्याण अधिकारी डॉ. वैभव त्रिपाठी ने बताया कि जोड़ों को 10-10 हजार रुपये में साड़ी, पायल, बिछिया, थाली, लोटा, कटोरी, बाल्टी, टंकी, ट्रॉली बैग, प्रेशर कुकर, परात सहित 16 प्रकार के सामान भी दिए गए हैं। योजना के तहत तय धनराशि 3.90 लाख रुपये शादी के कार्यक्रम में खर्च किए गए हैं। प्रति शादी में 51 हजार रुपये का बजट शासन से मिला है।