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बारिश में छतों से टपका पानी, सामान लेकर भागे कर्मचारी
अमर उजाला ब्यूरो/ रायबरेली
Updated Tue, 02 Aug 2016 12:19 AM IST
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रायबरेली में सोमवार को विकास भवन के पीआरडी कार्यालय में छत से पानी टपकने पर इस तरह बाल्टी व टंकी रख कर काम करते कर्मचारी।
- फोटो : अमर उजाला
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विकास भवन की इमारत किस कदर जर्जर हो गई है, इसका नजारा सोमवार को हुई बारिश में देखने को मिला। छतें टपकने लगी, दफ्तरों में पानी फैल गया। कई दफ्तरों में छतों से आ रहे पानी को फैलने से रोकने के लिए टंकियां और बाल्टी रखी। कई कार्यालयों में सरकारी दस्तावेज भीग गए तो कहीं पर छाते रखकर उन्हें बचाया गया।
विकास भवन की इमारत के मरम्मत और रखरखाव की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड की है। इसके लिए बजट भी मिलता है, बावजूद इसके भवन की मरम्मत नहीं कराई जा रही है। भवन की छतें पूरी तरह से जर्जर हो गई हैं।
स्थिति यह है कि सोमवार को बरसात हुई तो पीआरडी, जिला पंचायत राज विभाग और बीएसए दफ्तर समेत कई कार्यालयों की छतें टपकने लगी। पीआरडी कार्यालय में कर्मचारियों ने टंकी और डस्टविन रखकर टपक रहे पानी को फैलने से रोकने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली तो दफ्तर छोड़कर बाहर आ गए।
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इसी तरह डीपीआरओ संजय यादव के दफ्तर में भी डस्टविन रखनी पड़ी। वहीं इसी विभाग के एक कार्यालय में जब काम करना मुश्किल हुआ तो कर्मचारी कंप्यूटर लेकर दूसरे कमरे में चले गए। छतों से टपक रहे पानी से फाइलों को बचाने के लिए कर्मचारियों ने छाता लगा दिया। यही नहीं अन्य कई कार्यालयों में भी कर्मचारी पानी से बचने के लिए जद्दोजहद करते दिखे।
मुख्य विकास अधिकारी अनूप कुमार ने बताया कि विकास भवन की इमारत की स्थिति काफी खराब है। बारिश के दौरान कई दफ्तरों में पानी छतों से टपकने लगता है। इमारत की मरम्मत की जिम्मेदारी पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड की है। एक्सईएन को मरम्मत के लिए पत्र लिखा गया है।
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विकास भवन की इमारत के मरम्मत और रखरखाव की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड की है। इसके लिए बजट भी मिलता है, बावजूद इसके भवन की मरम्मत नहीं कराई जा रही है। भवन की छतें पूरी तरह से जर्जर हो गई हैं।
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स्थिति यह है कि सोमवार को बरसात हुई तो पीआरडी, जिला पंचायत राज विभाग और बीएसए दफ्तर समेत कई कार्यालयों की छतें टपकने लगी। पीआरडी कार्यालय में कर्मचारियों ने टंकी और डस्टविन रखकर टपक रहे पानी को फैलने से रोकने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली तो दफ्तर छोड़कर बाहर आ गए।
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इसी तरह डीपीआरओ संजय यादव के दफ्तर में भी डस्टविन रखनी पड़ी। वहीं इसी विभाग के एक कार्यालय में जब काम करना मुश्किल हुआ तो कर्मचारी कंप्यूटर लेकर दूसरे कमरे में चले गए। छतों से टपक रहे पानी से फाइलों को बचाने के लिए कर्मचारियों ने छाता लगा दिया। यही नहीं अन्य कई कार्यालयों में भी कर्मचारी पानी से बचने के लिए जद्दोजहद करते दिखे।
मुख्य विकास अधिकारी अनूप कुमार ने बताया कि विकास भवन की इमारत की स्थिति काफी खराब है। बारिश के दौरान कई दफ्तरों में पानी छतों से टपकने लगता है। इमारत की मरम्मत की जिम्मेदारी पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड की है। एक्सईएन को मरम्मत के लिए पत्र लिखा गया है।