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अपनों को देख छलक पड़े खुशी के आंसू
अमर उजाला ब्यूरो/ रायबरेली
Updated Tue, 19 Jul 2016 12:08 AM IST
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सोमवार को रायबरेली रेलवे स्टेशन पहुंचा अमरनाथ यात्रा का जत्था।
- फोटो : अमर उजाला
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हालात ऐसे थे कि अपनों से मिलने की उम्मीद टूट चुकी थी। बस रह-रहकर आंसू छलक पड़ते थे और अपनों की याद आने लगती। गुजरते ही पत्थर बरसने लगते। ऊपर वाले का शुक्र था कि हम सब सकुशल रहे। सोमवार को अमरनाथ यात्रा से लौटे लोगों का दर्द यही था।
अपनों से मिलने की खुशी उनमें साफ दिख रही थी, लेकिन कुरेदने पर वहां पर मिली पीड़ा को बताना नहीं भूले। हरचंदपुर निवासी पुष्पेंद्र सिंह, लालगंज क्षेत्र के बड़ा गांव निवासी रामगोपाल व किला बाजार निवासी लकी गुप्ता कहते हैं कि मौजूदा समय में जम्मू-कश्मीर के हालात ठीक नहीं है। खासकर अमरनाथ यात्रियों के लिए।
अमरनाथ यात्रियों को देखकर ही पत्थर बरसने लगते हैं। वैसे तो खाने-पाने की कोई कमी नहीं थी, लेकिन हर पल मौत का खतरा था। भरोसा नहीं था कि कब क्या हो जाए। सेना के जवान न हो तो स्थिति और बद से बदतर हो जाए। जवानों हर मुश्किल से हम लोगों को सकुशल निकालकर मुकाम तक पहुंचाया।
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रुक-रुककर आगे कदम बढ़ते रहे और आखिर बाबा अमरनाथ के दर्शन हो गए। यह यात्रा हमेशा याद रहेगी। हम लोग मौत से निकलकर आए और अपनों से मिले तो जान में जान आयी। शहर निवासी राजेंद्र अवस्थी, सेमरपहा की सुमन, हरचंदपुर क्षेत्र के फरीदपुर निवासी दिलीप तिवारी कहते हैं कि वहां के लोग आते हैं तो हम लोग बहुत प्यार देते हैं, लेकिन वहां जाने पर हम लोगों को पत्थर मिलते हैं।
पत्थरबाजी के कारण हर पल मौत का खतरा रहा। चंद्रकूट, सैतानी नाला समेत अन्य स्थानों पर हम सब लोग कई दिन तक रुके रहे। उम्मीद नहीं कर रहे थे कि जिस तरह के हालात हैं, वैसे हम लोग अपनों से मुलाकात कर पाएंगे। अमरनाथ यात्रियों की सुरक्षा गंभीर मामला है। सेना के जवान न होते तो शायद हम लोग यहां न आ पाते। सेना के जवान वहां पर भगवान बनकर काम कर रहे हैं।
इससे पूर्व अमरनाथ यात्रा पर 145 लोगों का गया जत्था सोमवार को अर्चना एक्सप्रेस से यहां रेलवे स्टेशन पर पहुंचा। ऊं शिव शक्ति मानव सेवा मंडल, वैश्य महा सम्मेलन के पदाधिकारी और नगर पालिकाध्यक्ष मो. इलियास के नेतृत्व में ढोल नगाड़ों के साथ अमरनाथ यात्रियों का स्वागत किया गया। पहला जत्था मंडल के अध्यक्ष राजेंद्र अवस्थी की अगुवाई में स्टेशन पर पहुंचा।
पालिकाध्यक्ष ने कहा कि अमरनाथ यात्रियों ने विपरीत परिस्थितियों में भी दर्शन किए, यह काबिल-ए-तारीफ है। इस मौके पर महेंद्र अग्रवाल, राहुल गुप्ता, राजेश अग्रवाल आदि ने अमरनाथ यात्रियों का स्वागत किया।
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अपनों से मिलने की खुशी उनमें साफ दिख रही थी, लेकिन कुरेदने पर वहां पर मिली पीड़ा को बताना नहीं भूले। हरचंदपुर निवासी पुष्पेंद्र सिंह, लालगंज क्षेत्र के बड़ा गांव निवासी रामगोपाल व किला बाजार निवासी लकी गुप्ता कहते हैं कि मौजूदा समय में जम्मू-कश्मीर के हालात ठीक नहीं है। खासकर अमरनाथ यात्रियों के लिए।
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अमरनाथ यात्रियों को देखकर ही पत्थर बरसने लगते हैं। वैसे तो खाने-पाने की कोई कमी नहीं थी, लेकिन हर पल मौत का खतरा था। भरोसा नहीं था कि कब क्या हो जाए। सेना के जवान न हो तो स्थिति और बद से बदतर हो जाए। जवानों हर मुश्किल से हम लोगों को सकुशल निकालकर मुकाम तक पहुंचाया।
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रुक-रुककर आगे कदम बढ़ते रहे और आखिर बाबा अमरनाथ के दर्शन हो गए। यह यात्रा हमेशा याद रहेगी। हम लोग मौत से निकलकर आए और अपनों से मिले तो जान में जान आयी। शहर निवासी राजेंद्र अवस्थी, सेमरपहा की सुमन, हरचंदपुर क्षेत्र के फरीदपुर निवासी दिलीप तिवारी कहते हैं कि वहां के लोग आते हैं तो हम लोग बहुत प्यार देते हैं, लेकिन वहां जाने पर हम लोगों को पत्थर मिलते हैं।
पत्थरबाजी के कारण हर पल मौत का खतरा रहा। चंद्रकूट, सैतानी नाला समेत अन्य स्थानों पर हम सब लोग कई दिन तक रुके रहे। उम्मीद नहीं कर रहे थे कि जिस तरह के हालात हैं, वैसे हम लोग अपनों से मुलाकात कर पाएंगे। अमरनाथ यात्रियों की सुरक्षा गंभीर मामला है। सेना के जवान न होते तो शायद हम लोग यहां न आ पाते। सेना के जवान वहां पर भगवान बनकर काम कर रहे हैं।
इससे पूर्व अमरनाथ यात्रा पर 145 लोगों का गया जत्था सोमवार को अर्चना एक्सप्रेस से यहां रेलवे स्टेशन पर पहुंचा। ऊं शिव शक्ति मानव सेवा मंडल, वैश्य महा सम्मेलन के पदाधिकारी और नगर पालिकाध्यक्ष मो. इलियास के नेतृत्व में ढोल नगाड़ों के साथ अमरनाथ यात्रियों का स्वागत किया गया। पहला जत्था मंडल के अध्यक्ष राजेंद्र अवस्थी की अगुवाई में स्टेशन पर पहुंचा।
पालिकाध्यक्ष ने कहा कि अमरनाथ यात्रियों ने विपरीत परिस्थितियों में भी दर्शन किए, यह काबिल-ए-तारीफ है। इस मौके पर महेंद्र अग्रवाल, राहुल गुप्ता, राजेश अग्रवाल आदि ने अमरनाथ यात्रियों का स्वागत किया।