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अपराधियों पर कसेगा शिकंजा, बनेंगी नई सात पुलिस चौकियां
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रायबरेली। जिले में सात और नई पुलिस चौकियां बनाई जाएंगी। इससे न सिर्फ अपराधियों के खिलाफ और शिकंजा कस सकेगा, बल्कि पांच थाना क्षेत्रों में पुलिसिंग व्यवस्था में भी सुधार आएगा। शासन से आए पत्र के बाद राजस्व विभाग ने जमीन की तलाश लगभग पूरी कर ली है और पूरा खाका तैयार करके उच्चाधिकारियों को भेज दिया है। जल्द हरी झंडी मिलने के बाद नई चौकियों के निर्माण का कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
डलमऊ कोतवाली क्षेत्र में ऊंचाहार-डलमऊ मार्ग पर पखरौली, डलमऊ-जगतपुर मार्ग पर संतपुर, डलमऊ-लालगंज मार्ग पर मकदूमपुर उर्फ शेखनपुर में नई पुलिस चौकियां स्थापित की जाएंगी। पखरौली में बनने वाली पुलिस चौकी के लिए पांच बिस्वा, संतपुर के लिए आठ, जबकि मकदूूमपुर में बनने वाली पुलिस चौकी के लिए 10 बिस्वा जमीन चिह्नित कर ली गई है। यह चौकियां डलमऊ, लालगंज, गदागंज, जगतपुर थाना क्षेत्र के सीमा क्षेत्र के अंतर्गत बनाई जाएंगी, जिससे इन संबंधित थाना क्षेत्रों में पुलिसिंग व्यवस्था और चुस्त दुरुस्त होने के साथ अपराधियों पर प्रभावी कार्रवाई हो सकेगी। साथ-साथ आम जनता की शिकायत पर तुरंत पुलिस मौके पर पहुंच सकेगी, क्योंकि चौकियां न होने के कारण संबंधित पीड़ित अपनी शिकायत थाने में करता है, लेकिन पुलिस को पहुंचने में समय लगता है।
एसडीएम डलमऊ आशीष कुुमार मिश्रा कहते हैं कि नई चौकियां स्थापित कराने के लिए जमीन मिल गई है। इसका प्रस्ताव उच्चाधिकारियों के पास भेजा जा रहा है। इसी तरह ऊंचाहार कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत जमुनापुर चौराहा, सबीसपुर, उसरैना, चड़रई में पुलिस चौकियां बनवाई जाएंगी। सुरक्षा के लिहाज से ऊंचाहार संवेदनशील माना जाता है। वजह ऊंचाहार क्षेत्र प्रतापगढ़ जिले के बॉर्डर से जुड़ा है। प्रतापगढ़ के अपराधियों का अच्छा खासा दखल ऊंचाहार क्षेत्र ही नहीं, बल्कि जिले तक में रहता है। यहां पर चौकियां स्थापित होने पर अपराधियों पर निगरानी होने के साथ उन पर शिकंजा कस सकेगा। साथ-साथ आम जनता को न्याय पाने के लिए ऊंचाहार कोतवाली न जाकर चौकी पुलिस को अपनी व्यथा बता सकेंगे। चौकियां स्थापित कराने के लिए राजस्व विभाग जमीन की तलाश कर रहा है। ऊंचाहार कोतवाल शिवशंकर सिंह कहते हैं कि चौकियां बनने से निश्चित तौर से पुलिसिंग व्यवस्था में और सुधार आएगा। (संवाद)
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ऊंचाहार क्षेत्र में पांच जगह बनेंगे पांच पिंक बूथ
लखनऊ की तर्ज पर महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए ऊंचाहार कोतवाली क्षेत्र में पांच पिंक बूथ भी बनाए जाने हैैं। इसके लिए जमीन की तलाश की जा रही है। ऊंचाहार कोतवाल शिवशंकर सिंह बताते हैं कि कंदरावां, कोतवाली चौराहा, सवैया तिराहा, एनटीपीसी गेट नंबर दो और जमुनापुर में पिंक बूथ बनाए जाने प्रस्तावित हैं। जमीन की तलाश कराई जा रही है। पिंक बूथ में जाकर महिलाएं बेहिचक होकर अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगी। पिंक बूथ में मौजूद महिला सिपाही पीड़ित महिलाओं की व्यथा सुनकर उनकी समस्या का निराकरण कराएंगी।
कुल हो जाएंगी 41 पुलिस चौकियां
नई पुलिस चौकियां बनाए जाने पर जिले में कुल पुलिस चौकियों की संख्या 41 हो जाएगी। मौजूदा समय में जिले में महिला थाना समेत कुल 19 थाने, जबकि 34 पुलिस चौकियां हैं। नई चौकियां बन जाने पर संख्याबल बढ़ जाएगा। इसका फायदा आम जनता को मिल सकेगा। कहा जा रहा है कि आने वाले समय में अन्य जगहों पर भी पुलिस चौकियां बनाए जाने को लेकर प्रयास चल रहा है।
अटौरा चौकी को थाना बनाए जाने का प्रस्ताव लंबित
शासन में अटौरा चौकी को थाना बनाए जाने का प्रस्ताव लंबित है। अटौरा चौकी गुरुबख्शगंज थाने के अंतर्गत आती है। अटौरा चौकी और गुरुबख्शगंज थाने के बीच की दूरी 20 किमी है। अटौरा क्षेत्र में होने वाली आपराधिक घटनाओं की एफआईआर दर्ज कराने के लिए पीड़ितों को काफी दूर गुरुबख्शगंज थाने जाना पड़ता है। इससे पीड़ितों को आने-जाने में परेशानी होती है। करीब एक साल पहले अटौरा चौकी को थाना बनाए जाने और महराजगंज कोतवाली क्षेत्र में चंदापुर को पुलिस चौकी बनाए जाने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया था। चंदापुर पुलिस चौकी को तो हरी झंडी मिल गई थी, लेकिन अटौरा चौकी को थाना बनाए जाने के प्रस्ताव को हरी झंडी मिलने का अब तक इंतजार है। अपर पुलिस अधीक्षक विश्वजीत श्रीवास्तव कहते हैं कि अटौरा चौकी को थाना बनाए जाने का प्रस्ताव भेजा गया है। शासन से हरी झंडी मिलने के बाद ही अटौरा चौकी को थाना बनाए जाने का रास्ता साफ हो सकेगा।
पुलिसिंग व्यवस्था को हाईटेक बनाने का काम किया जा रहा है। जिले में सात नई पुलिस चौकियां बनने से निश्चित तौर से न सिर्फ पुलिसिंग मजबूत होगी, बल्कि आम जनता को भी इससे बहुत फायदा होगा। खासकर जहां पर चौकियां बनाई जाएंगी, वहां पर रहने वाले लोग थाने न जाकर सबसे पहले चौकियों पर पहुंचकर अपनी शिकायत बताएंगे, जिससे उन्हें त्वरित न्याय मिल सकेगा। -आलोक प्रियदर्शी, पुलिस अधीक्षक
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डलमऊ कोतवाली क्षेत्र में ऊंचाहार-डलमऊ मार्ग पर पखरौली, डलमऊ-जगतपुर मार्ग पर संतपुर, डलमऊ-लालगंज मार्ग पर मकदूमपुर उर्फ शेखनपुर में नई पुलिस चौकियां स्थापित की जाएंगी। पखरौली में बनने वाली पुलिस चौकी के लिए पांच बिस्वा, संतपुर के लिए आठ, जबकि मकदूूमपुर में बनने वाली पुलिस चौकी के लिए 10 बिस्वा जमीन चिह्नित कर ली गई है। यह चौकियां डलमऊ, लालगंज, गदागंज, जगतपुर थाना क्षेत्र के सीमा क्षेत्र के अंतर्गत बनाई जाएंगी, जिससे इन संबंधित थाना क्षेत्रों में पुलिसिंग व्यवस्था और चुस्त दुरुस्त होने के साथ अपराधियों पर प्रभावी कार्रवाई हो सकेगी। साथ-साथ आम जनता की शिकायत पर तुरंत पुलिस मौके पर पहुंच सकेगी, क्योंकि चौकियां न होने के कारण संबंधित पीड़ित अपनी शिकायत थाने में करता है, लेकिन पुलिस को पहुंचने में समय लगता है।
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एसडीएम डलमऊ आशीष कुुमार मिश्रा कहते हैं कि नई चौकियां स्थापित कराने के लिए जमीन मिल गई है। इसका प्रस्ताव उच्चाधिकारियों के पास भेजा जा रहा है। इसी तरह ऊंचाहार कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत जमुनापुर चौराहा, सबीसपुर, उसरैना, चड़रई में पुलिस चौकियां बनवाई जाएंगी। सुरक्षा के लिहाज से ऊंचाहार संवेदनशील माना जाता है। वजह ऊंचाहार क्षेत्र प्रतापगढ़ जिले के बॉर्डर से जुड़ा है। प्रतापगढ़ के अपराधियों का अच्छा खासा दखल ऊंचाहार क्षेत्र ही नहीं, बल्कि जिले तक में रहता है। यहां पर चौकियां स्थापित होने पर अपराधियों पर निगरानी होने के साथ उन पर शिकंजा कस सकेगा। साथ-साथ आम जनता को न्याय पाने के लिए ऊंचाहार कोतवाली न जाकर चौकी पुलिस को अपनी व्यथा बता सकेंगे। चौकियां स्थापित कराने के लिए राजस्व विभाग जमीन की तलाश कर रहा है। ऊंचाहार कोतवाल शिवशंकर सिंह कहते हैं कि चौकियां बनने से निश्चित तौर से पुलिसिंग व्यवस्था में और सुधार आएगा। (संवाद)
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ऊंचाहार क्षेत्र में पांच जगह बनेंगे पांच पिंक बूथ
लखनऊ की तर्ज पर महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए ऊंचाहार कोतवाली क्षेत्र में पांच पिंक बूथ भी बनाए जाने हैैं। इसके लिए जमीन की तलाश की जा रही है। ऊंचाहार कोतवाल शिवशंकर सिंह बताते हैं कि कंदरावां, कोतवाली चौराहा, सवैया तिराहा, एनटीपीसी गेट नंबर दो और जमुनापुर में पिंक बूथ बनाए जाने प्रस्तावित हैं। जमीन की तलाश कराई जा रही है। पिंक बूथ में जाकर महिलाएं बेहिचक होकर अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगी। पिंक बूथ में मौजूद महिला सिपाही पीड़ित महिलाओं की व्यथा सुनकर उनकी समस्या का निराकरण कराएंगी।
कुल हो जाएंगी 41 पुलिस चौकियां
नई पुलिस चौकियां बनाए जाने पर जिले में कुल पुलिस चौकियों की संख्या 41 हो जाएगी। मौजूदा समय में जिले में महिला थाना समेत कुल 19 थाने, जबकि 34 पुलिस चौकियां हैं। नई चौकियां बन जाने पर संख्याबल बढ़ जाएगा। इसका फायदा आम जनता को मिल सकेगा। कहा जा रहा है कि आने वाले समय में अन्य जगहों पर भी पुलिस चौकियां बनाए जाने को लेकर प्रयास चल रहा है।
अटौरा चौकी को थाना बनाए जाने का प्रस्ताव लंबित
शासन में अटौरा चौकी को थाना बनाए जाने का प्रस्ताव लंबित है। अटौरा चौकी गुरुबख्शगंज थाने के अंतर्गत आती है। अटौरा चौकी और गुरुबख्शगंज थाने के बीच की दूरी 20 किमी है। अटौरा क्षेत्र में होने वाली आपराधिक घटनाओं की एफआईआर दर्ज कराने के लिए पीड़ितों को काफी दूर गुरुबख्शगंज थाने जाना पड़ता है। इससे पीड़ितों को आने-जाने में परेशानी होती है। करीब एक साल पहले अटौरा चौकी को थाना बनाए जाने और महराजगंज कोतवाली क्षेत्र में चंदापुर को पुलिस चौकी बनाए जाने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया था। चंदापुर पुलिस चौकी को तो हरी झंडी मिल गई थी, लेकिन अटौरा चौकी को थाना बनाए जाने के प्रस्ताव को हरी झंडी मिलने का अब तक इंतजार है। अपर पुलिस अधीक्षक विश्वजीत श्रीवास्तव कहते हैं कि अटौरा चौकी को थाना बनाए जाने का प्रस्ताव भेजा गया है। शासन से हरी झंडी मिलने के बाद ही अटौरा चौकी को थाना बनाए जाने का रास्ता साफ हो सकेगा।
पुलिसिंग व्यवस्था को हाईटेक बनाने का काम किया जा रहा है। जिले में सात नई पुलिस चौकियां बनने से निश्चित तौर से न सिर्फ पुलिसिंग मजबूत होगी, बल्कि आम जनता को भी इससे बहुत फायदा होगा। खासकर जहां पर चौकियां बनाई जाएंगी, वहां पर रहने वाले लोग थाने न जाकर सबसे पहले चौकियों पर पहुंचकर अपनी शिकायत बताएंगे, जिससे उन्हें त्वरित न्याय मिल सकेगा। -आलोक प्रियदर्शी, पुलिस अधीक्षक