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टाट-पट्टी से मिलेगा छुटकारा, 448 जूनियर हाईस्कूलों में आएगा फर्नीचर
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रायबरेली। जिले के उन जूनियर हाईस्कूलों के छात्र-छात्राओं को अब टाटपट्टी पर बैठकर नहीं पढ़ना नहीं पड़ेगा, जहां फर्नीचर उपलब्ध नहीं है। ऐसे स्कूलों के बच्चे भी डेस्क-बेंच पर बैठकर पढ़ सकेंगेे।
जिले के 448 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में जल्दी ही फर्नीचर उपलब्ध हो जाएगा। इसके बाद जिले का कोई भी जूनियर हाईस्कूल ऐसा नहीं रहेगा, जहां फर्नीचर उपलब्ध न हो।
बेसिक शिक्षा परिषद से संचालित उच्च प्राथमिक विद्यालयों की संख्या 623 है। करीब तीन साल पहले शासन से बजट मिलने पर 140 जूनियर हाईस्कूलों में फर्नीचर की आपूर्ति हुई थी। जबकि 35 विद्यालयों में विभिन्न संस्थाओं के सहयोग से फर्नीचर उपलब्ध कराया जा चुका है।
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इस तरह 175 विद्यालयों में बच्चे डेस्क-बेंच पर बैठकर पढ़ाई कर रहे हैं, जबकि 448 विद्यालयों में छात्र-छात्राओं को टाटपट्टी या जमीन पर बैठना पड़ रहा है। ऐसे में जिन जूनियर हाईस्कूलों में फर्नीचर उपलब्ध नहीं हैं, वहां डेस्क-बेंच खरीदने के लिए करीब छह महीने पहले बजट का आवंटन किया गया था।
बजट आवंटन के बाद प्रक्रिया शुरू हुई। अब इस प्रक्रिया के पूरा होने की उम्मीद नजर आ रही है। जिले के 448 जूनियर हाईस्कूलों में 13 हजार सेट डेस्क-बेंच उपलब्ध कराए जाने हैं। यह डेस्क-बेंच तीन सीट वाली होंगी, जिस पर बच्चे आसानी से बैठ सकें। जल्दी ही क्रय आदेश जारी कर दिया जाएगा।
फर्नीचर की आपूर्ति भी इसी महीने शुरू होने की उम्मीद है। जैसे-जैसे फर्नीचर की आपूर्ति होती रहेगी, वैसे-वैसे उन्हें छात्र संख्या के अनुरूप जूनियर हाईस्कूलों में पहुंचाया जाता रहेगा। फर्नीचर पहुंचने के बाद कक्षा छह, सात और आठ में पढ़ने वाले बच्चे डेस्क-बेंच पर बैठ सकेंगे।
जिले के जिन जूनियर हाईस्कूलों में फर्नीचर नहीं है, वहां फर्नीचर की व्यवस्था कराने के लिए बजट आवंटित हुआ है। जल्दी से जल्दी फर्नीचर उपलब्ध हो सके, इसके लिए प्रक्रिया चल रही है। जल्दी ही क्रय आदेश जारी कर दिया जाएगा। इसके बाद आपूर्ति शुरू हो जाएगी।
- शिवेंद्र प्रताप सिंह, बीएसए
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जिले के 448 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में जल्दी ही फर्नीचर उपलब्ध हो जाएगा। इसके बाद जिले का कोई भी जूनियर हाईस्कूल ऐसा नहीं रहेगा, जहां फर्नीचर उपलब्ध न हो।
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बेसिक शिक्षा परिषद से संचालित उच्च प्राथमिक विद्यालयों की संख्या 623 है। करीब तीन साल पहले शासन से बजट मिलने पर 140 जूनियर हाईस्कूलों में फर्नीचर की आपूर्ति हुई थी। जबकि 35 विद्यालयों में विभिन्न संस्थाओं के सहयोग से फर्नीचर उपलब्ध कराया जा चुका है।
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इस तरह 175 विद्यालयों में बच्चे डेस्क-बेंच पर बैठकर पढ़ाई कर रहे हैं, जबकि 448 विद्यालयों में छात्र-छात्राओं को टाटपट्टी या जमीन पर बैठना पड़ रहा है। ऐसे में जिन जूनियर हाईस्कूलों में फर्नीचर उपलब्ध नहीं हैं, वहां डेस्क-बेंच खरीदने के लिए करीब छह महीने पहले बजट का आवंटन किया गया था।
बजट आवंटन के बाद प्रक्रिया शुरू हुई। अब इस प्रक्रिया के पूरा होने की उम्मीद नजर आ रही है। जिले के 448 जूनियर हाईस्कूलों में 13 हजार सेट डेस्क-बेंच उपलब्ध कराए जाने हैं। यह डेस्क-बेंच तीन सीट वाली होंगी, जिस पर बच्चे आसानी से बैठ सकें। जल्दी ही क्रय आदेश जारी कर दिया जाएगा।
फर्नीचर की आपूर्ति भी इसी महीने शुरू होने की उम्मीद है। जैसे-जैसे फर्नीचर की आपूर्ति होती रहेगी, वैसे-वैसे उन्हें छात्र संख्या के अनुरूप जूनियर हाईस्कूलों में पहुंचाया जाता रहेगा। फर्नीचर पहुंचने के बाद कक्षा छह, सात और आठ में पढ़ने वाले बच्चे डेस्क-बेंच पर बैठ सकेंगे।
जिले के जिन जूनियर हाईस्कूलों में फर्नीचर नहीं है, वहां फर्नीचर की व्यवस्था कराने के लिए बजट आवंटित हुआ है। जल्दी से जल्दी फर्नीचर उपलब्ध हो सके, इसके लिए प्रक्रिया चल रही है। जल्दी ही क्रय आदेश जारी कर दिया जाएगा। इसके बाद आपूर्ति शुरू हो जाएगी।
- शिवेंद्र प्रताप सिंह, बीएसए