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एम्स में आरटीपीसीआर टेस्टिंग शुरू, 500 सैंपल क्षमता
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रायबरेली। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) को इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) से कोरोना की जांच के लिए लाइसेंस मिलने के बाद सोमवार से आरटीपीसीआर जांच शुरू कर दी गई है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से पहले दिन एम्स को जांच के लिए 101 आरटीपीसीआर सैंपल दिए गए हैं। एम्स में एक दिन में 500 सैंपल की जांच करने की क्षमता है। हालांकि इस सप्ताह स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्रति दिन 100 सैंपल ही जांच के लिए भेजे जाएंगे।
एम्स के रजिस्ट्रार व वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी समीर शुक्ला ने बताया कि एम्स के निदेशक प्रो. अरविंद राजवंशी और अध्यक्ष डॉ. प्रमोद गर्ग व अन्य अधिकारियों के प्रयास से कोरोना की आरटीपीसीआर जांच करने के लिए आईसीएमआर से लाइसेंस मिल गया है। लाइसेंस मिलने के बाद सोमवार से माइक्रोबायोलॉजी विभाग की ओर से कोरोना की जांच शुरू कर दी गई है। स्वास्थ्य विभा की ओर से पहले दिन सोमवार को जांच के लिए 101 सैंपल दिए गए हैं। सैंपलों की जांच शुरू करा दी गई है। मंगलवार की सुबह रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग को उपलब्ध करवा दी जाएगी। उन्होंने बताया कि एम्स में एक दिन में 500 सैंपलों की जांच करने की क्षमता है। आगे जरूरत पडने पर क्षमता को और बढ़ाया जाएगा। उधर कोरोना जांच प्रभारी डॉ. ऋषी बागची ने बताया कि एम्स को जांच के लिए आरटीपीसीआर के 101 सैंपल भेजे गए हैं। इस सप्ताह सौ-सौ सैंपल ही भेजे जाएंगे। अगले सप्ताह से सैंपलों की संख्या बढ़ाई जाएगी।
अब तक केजीएमयू लखनऊ से होती थी आरटीपीसीआर जांच
जिले में कोरोना के आरटीपीसीआर सैंपलों के जांच की सुविधा जिले स्तर पर न होने पर केजीएमयू लखनऊ सैंपलों को भेजकर जांच करवानी पड़ती थी। ऐसी स्थिति में जांच रिपोर्ट आने के देरी होती थी। अब एम्स में जांच की सुविधा होने से सैंपलों की रिपोर्ट तत्काल आ जाएगी, जिससे संक्रमित मिलने वाले मरीजों को तुरंत इलाज शुरू हो सकेगा। इस व्यवस्था के शुरू होने से कोरोना के संक्रमण को रोकने में काफी सहूलियत मिलेगी।
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एम्स के रजिस्ट्रार व वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी समीर शुक्ला ने बताया कि एम्स के निदेशक प्रो. अरविंद राजवंशी और अध्यक्ष डॉ. प्रमोद गर्ग व अन्य अधिकारियों के प्रयास से कोरोना की आरटीपीसीआर जांच करने के लिए आईसीएमआर से लाइसेंस मिल गया है। लाइसेंस मिलने के बाद सोमवार से माइक्रोबायोलॉजी विभाग की ओर से कोरोना की जांच शुरू कर दी गई है। स्वास्थ्य विभा की ओर से पहले दिन सोमवार को जांच के लिए 101 सैंपल दिए गए हैं। सैंपलों की जांच शुरू करा दी गई है। मंगलवार की सुबह रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग को उपलब्ध करवा दी जाएगी। उन्होंने बताया कि एम्स में एक दिन में 500 सैंपलों की जांच करने की क्षमता है। आगे जरूरत पडने पर क्षमता को और बढ़ाया जाएगा। उधर कोरोना जांच प्रभारी डॉ. ऋषी बागची ने बताया कि एम्स को जांच के लिए आरटीपीसीआर के 101 सैंपल भेजे गए हैं। इस सप्ताह सौ-सौ सैंपल ही भेजे जाएंगे। अगले सप्ताह से सैंपलों की संख्या बढ़ाई जाएगी।
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अब तक केजीएमयू लखनऊ से होती थी आरटीपीसीआर जांच
जिले में कोरोना के आरटीपीसीआर सैंपलों के जांच की सुविधा जिले स्तर पर न होने पर केजीएमयू लखनऊ सैंपलों को भेजकर जांच करवानी पड़ती थी। ऐसी स्थिति में जांच रिपोर्ट आने के देरी होती थी। अब एम्स में जांच की सुविधा होने से सैंपलों की रिपोर्ट तत्काल आ जाएगी, जिससे संक्रमित मिलने वाले मरीजों को तुरंत इलाज शुरू हो सकेगा। इस व्यवस्था के शुरू होने से कोरोना के संक्रमण को रोकने में काफी सहूलियत मिलेगी।
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