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Raebareli News: पेंशनरों के अटके बिल, बिना चढ़ावे के नहीं होता काम

Sun, 18 Dec 2022 06:30 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sun, 18 Dec 2022 06:30 AM IST
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Retired
शहर के इंदिरा गांधी उद्यान के पास रहने वाले चंद्रशेेखर चतुर्वेदी वर्ष 2008 में सिंचाई विभाग से सेवानिवृत्त हुए थे। 14 साल से पेंशन के भरोसे पर हैं। अब सेहत भी ठीक नहीं रहती। इसके बावजूद इलाज के लिए पैसा मिल पाना आसान नहीं होता। दौड़भाग के बाद भी मेडिकल बिल पास कराने के लिए सुविधा शुल्क देना मजबूरी बन गया है। ऐसे में मेडिकल बिल पास करने में सहूलियत मिलनी चाहिए।
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पांच माह बाद भी जीपीएफ का इंतजार
ऊंचाहार क्षेत्र के पूरे रूप सिंह गांव निवासी अवधेश बहादुर सिंह पेंशनर दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए जिला मुख्यालय पहुुंचे थे। पेंशनरों को आ रही समस्या पर पूछा गया तो उन्होंने अपना दर्द बयां करते हुए बताया कि वह नलकूप विभाग सेे जुलाई 2022 में रिटायर हुए। पांच माह बीतने वाले हैं, लेकिन उन्हें जीपीएफ और बीमा का पैसा अब तक नहीं मिल पाया है। अपना हक पाने के लिए अब विभाग केे चक्कर काटना पड़ रहे हैं।
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हमारी बात को संज्ञान में ले अफसर
शहर के शांति नगर निवासी शिवकांत राही ब्लॉक से ग्राम पंचायत अधिकारी के पद से जुलाई 2021 में सेवानिवृत्त हुए हैं। बताया कि पेंशन तो हर माह आ जाती है, लेकिन बीमार होने पर मेडिकल बिल पास करानेे के लिए दौड़भाग करना पड़ती है। पेंशनरों को इस अहम परेशानी से छुटकारा दिलाने के लिए ठोस पहल की जरूरत है।
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10 फीसदी देने पर मिला इलाज का पैसा
बस्तेपुर निवासी वृंदावन सुक्ला वर्ष 2007 में सिंचाई विभाग से रिटायर हुए थे। बताया िक एक बार बीमार पड़ने पर इलाज में खर्च हुआ पैसा पाने के लिए तीन माह तक दौड़ लगाई लेकिन मेडिकल बिल पास नहीं हुआ। थक हारकर सीएमओ कार्यालय में एक एजेंट को 10 फीसदी कमीशन देते ही उनका बिल पास कर इलाज पर खर्च पैसा मिल गया।
रायबरेली। राही ब्लॉक सभागार में शनिवार को पेंशनर्स दिवस कार्यक्रम में जुटे सेवानिवृत्त और पारिवारिक पेंशनरों की पीड़ा खुलकर सामने आई। सर्वाधिक पीड़ा अटके मेडिकल बिलों के कारण दुश्वार बने इलाज को लेकर दिखी।
उनका कहना था कि सीएमओ व अन्य विभागीय कार्यालयों में बिना सुविधा शुल्क के चिकित्सा प्रतिपूर्ति बिल पारित कराना एक बड़ी चुनौती बनता है। अधिकतर पेंशनरों का कहना था कि शासन की तरफ से पेंशनर्स की परेशानी दूर कराने के लिए हर साल पेंशनर्स दिवस का आयोजन होता है। इसके बावजूद जिले में मौजूद 16 हजार पेंशनधारकों की परेशानी को दूर कराने का आश्वासन बस कागजों में ही सिमटा रहता है।
राही ब्लॉक सभागार में पेेंशनर दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में एडीएम प्रशासन अमित कुमार ने कहा कि पेंशनरों की हर समस्या को दूर कराया जाएगा। सुनवाई को मौजूद विभिन्न विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि यदि किसी पेंशनर को कोई समस्या है तो उसे लंबित न रखा जाए। सरकारी सेवा में आनेे वाले हर व्यक्ति को एक दिन अवकाश ग्रहण करना पड़ता है। इस लिए पेंशनर्स की पीड़ा को खुद की परेशानी समझ कर दूर कराना चाहिए।

जिला कोषाधिकारी जितेंद्र सिंह ने बताया कि कोषागार स्तर से अब पेंशनरों के खाते में हर माह की एक तारीख को पेंशन राशि का स्थानांतरण उनके खाते में हो जाता है। इस अवसर पर सेवानिवृत्त कर्मचारी एवं पेंशनर्स एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष रविंद्र कुमार श्रीवास्तव, संरक्षक बीएस सक्सेना, वरिष्ठ उपाध्यक्ष दयाराम यादव, रामविलास वर्मा, परमेश्वरी दयाल श्रीवास्तव समेत अन्य पेंशनर्स मौजूद रहे।
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