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Raebareli News: छह साल से सिंचाई समस्या झेल रहे किसानों को राहत
Sat, 25 Jul 2026 01:11 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Sat, 25 Jul 2026 01:11 AM IST
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गंगा नदी में लगा पंप कैनाल। -संवाद
रायबरेली। डलमऊ गंगा नदी में लगे पंप कैनाल से जुड़े करीब एक लाख किसानों को छह साल बाद सिंचाई की समस्या से राहत मिली है। अब तक यहां लगे जर्जर मोटरों व पंपों से भरपूर पानी नहीं मिल पा रहा था। इससे पैदावार पर असर पड़ता था। किसानों ने बताया कि छह साल बाद पहली बार सभी नहरों में भरपूर पानी पहुंचा है।
पंप कैनाल में 20 मोटर और पंप लगे हैं। इनसे करीब 80 नहरों में पानी जाता है। इनसे दीनशाह गौरा, जगतपुर, ऊंचाहार, डलमऊ, ऊंचाहार और सतांव ब्लॉक क्षेत्र के करीब एक लाख किसान सिंचाई करते हैं। पंप कैनाल में वर्ष 2005 में मोटर बदले गए थे। इनके चलने की आयु सीमा 15 साल थी। वैसे इन्हें 2020 में बदल जाना चाहिए था। बावजूद इसके इन्हें नहीं बदला गया।
छह साल तक किसी तरह ठोक-पीट कर चलाया जा रहा था। पंप और मोटर खराब होने से किसानाें को भरपूर पानी नहीं मिल पा रहा था। हर साल खरीफ और रबी सीजन में किसानों को पेयजल संकट से जूझना पड़ रहा था। भाकियू नेताओं और किसानों ने इस समस्या को दूर कराने के लिए कई बार धरना-प्रदर्शन किया। इसके बाद शासन ने संज्ञान लिया।
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शासन ने सिंचाई खंड छह के अधिकारियों से प्रस्ताव मांगा। करीब 30 करोड़ रुपये की लागत से छह माह पहले मोटरों और पंपों को बदलने का काम शुरू हुआ। सभी मोटर और पंप बदलने के बाद किसानों को भरपूर पानी मिल रहा है।
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किसानों ने कहा कि अब बढ़ेगी पैदावार
भाकियू नेता मनोज कुमार, अशोक बाजपेयी, रामसिंह यादव व शिवकरन ने बताया कि कभी लो वोल्टेज की समस्या, तो कभी मोटरों में खराबी के चलते पंप क्षमता से नहीं चल पा रहे थे। इससे किसानों को सिंचाई के संकट से जूझना पड़ रहा था। इसका असर फसलों की पैदावार पर पड़ता था, लेकिन भरपूर पानी मिलने से पैदावार बढ़ेगी।
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अधिक क्षमता से पानी दे रहे पंप
डलमऊ गंगा नदी में लगे पंप कैनाल के मोटरों की खासियत यह है कि 33 केवी बिजली की जगह अब यह 11 केवी से चलेंगे। इनके पंप अधिक क्षमता से पानी दे रहे हैं। इससे एक ओर जहां बिजली की बचत हुई, वहीं किसानों को अधिक पानी मिल रहा है। इसके पहले के मोटर 33 केवी क्षमता से चलते थे, पानी भी कम देते थे। बिजली की अधिक खपत होती थी।
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मांग के हिसाब से चल रहे 14 पंप
पंप कैनाल में 20 पंप लगे हैं। नहर की क्षमता के हिसाब से अधिकतम 14 पंप चलाए जा सकते हैं, जो चल रहे हैं। छह पंप रिजर्व में रखे हैं, ताकि कभी कोई दिक्कत आए, तो रिजर्व पंपों को चलाकर पानी की कमी पूरी की जा सके। जब से नए पंप लगे हैं, पानी की कोई दिक्कत नहीं हो रही है।
-मो. एमएस सिद्दीकी, एक्सईएन, खंड छह
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पंप कैनाल में 20 मोटर और पंप लगे हैं। इनसे करीब 80 नहरों में पानी जाता है। इनसे दीनशाह गौरा, जगतपुर, ऊंचाहार, डलमऊ, ऊंचाहार और सतांव ब्लॉक क्षेत्र के करीब एक लाख किसान सिंचाई करते हैं। पंप कैनाल में वर्ष 2005 में मोटर बदले गए थे। इनके चलने की आयु सीमा 15 साल थी। वैसे इन्हें 2020 में बदल जाना चाहिए था। बावजूद इसके इन्हें नहीं बदला गया।
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छह साल तक किसी तरह ठोक-पीट कर चलाया जा रहा था। पंप और मोटर खराब होने से किसानाें को भरपूर पानी नहीं मिल पा रहा था। हर साल खरीफ और रबी सीजन में किसानों को पेयजल संकट से जूझना पड़ रहा था। भाकियू नेताओं और किसानों ने इस समस्या को दूर कराने के लिए कई बार धरना-प्रदर्शन किया। इसके बाद शासन ने संज्ञान लिया।
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शासन ने सिंचाई खंड छह के अधिकारियों से प्रस्ताव मांगा। करीब 30 करोड़ रुपये की लागत से छह माह पहले मोटरों और पंपों को बदलने का काम शुरू हुआ। सभी मोटर और पंप बदलने के बाद किसानों को भरपूर पानी मिल रहा है।
किसानों ने कहा कि अब बढ़ेगी पैदावार
भाकियू नेता मनोज कुमार, अशोक बाजपेयी, रामसिंह यादव व शिवकरन ने बताया कि कभी लो वोल्टेज की समस्या, तो कभी मोटरों में खराबी के चलते पंप क्षमता से नहीं चल पा रहे थे। इससे किसानों को सिंचाई के संकट से जूझना पड़ रहा था। इसका असर फसलों की पैदावार पर पड़ता था, लेकिन भरपूर पानी मिलने से पैदावार बढ़ेगी।
अधिक क्षमता से पानी दे रहे पंप
डलमऊ गंगा नदी में लगे पंप कैनाल के मोटरों की खासियत यह है कि 33 केवी बिजली की जगह अब यह 11 केवी से चलेंगे। इनके पंप अधिक क्षमता से पानी दे रहे हैं। इससे एक ओर जहां बिजली की बचत हुई, वहीं किसानों को अधिक पानी मिल रहा है। इसके पहले के मोटर 33 केवी क्षमता से चलते थे, पानी भी कम देते थे। बिजली की अधिक खपत होती थी।
मांग के हिसाब से चल रहे 14 पंप
पंप कैनाल में 20 पंप लगे हैं। नहर की क्षमता के हिसाब से अधिकतम 14 पंप चलाए जा सकते हैं, जो चल रहे हैं। छह पंप रिजर्व में रखे हैं, ताकि कभी कोई दिक्कत आए, तो रिजर्व पंपों को चलाकर पानी की कमी पूरी की जा सके। जब से नए पंप लगे हैं, पानी की कोई दिक्कत नहीं हो रही है।
-मो. एमएस सिद्दीकी, एक्सईएन, खंड छह