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125 शहरी अपात्र परिवार डकार रहे थे राशन, 800 कार्ड सरेंडर
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केस एक- पति सफाईकर्मी, पत्नी लंबे समय से ले रही राशन
शहर के चकभीखमपुर निवासी रानी के नाम से राशन कार्ड संख्या 115840103135 बना है। उसका पति रामरतन सफाई कर्मचारी है। महिला ने आपूर्ति कार्यालय में पति के सफाई कर्मचारी होने के कारण राशन कार्ड सरेंडर करने की अर्जी लगाई है।
केस दो-आयकर दाता व सरकारी पेंशनर का राशन से इंकार
फिरोज गांधी नगर निवासी ऊषा जायसवाल ने अपने राशन कार्ड संख्या 115840115641 को निरस्त किए जाने के लिए आवेदन किया है। महिला ने अपने प्रार्थना पत्र में स्पष्ट किया है कि आयकर दाता होने के साथ ही सरकारी पेंशनर हैं। भूलवश पात्र गृहस्थी का कार्ड बन गया था।
केस तीन- पक्का घर, पति कर रहा डॉक्टरी, ले रहे थे राशन
शहर के तेलियाकोट की रहने वाली जूही ने भी अपना राशन कार्ड निरस्त कराने की पेशकश की है। कार्ड संख्या 115840125673 को निरस्त कराने के लिए दिए गए आवेदन में महिला ने पक्का घर और पति के डॉक्टरी करने की बात लिखी है। भूलवश कार्ड बनने की बात की है।
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रायबरेली। शासन की डंडा उठने के बाद लंबे समय से गरीबों का राशन डकार रहे शहरी क्षेत्र के 125 से अधिक अपात्र परिवारों ने राशन कार्ड निरस्त करने के लिए अर्जी दी है।
जिले में अब तक करीब 800 अपात्र लोगों ने आपूर्ति कार्यालयों में पहुंचकर अंत्योदय व पात्र गृहस्थी के राशन कार्ड को निरस्त कराने के लिए पत्र सौंपा है। कार्ड सरेंडर करने वालों में 100 से अधिक आयकरदाता भी शामिल हैं। कार और पक्के घरवालों की संख्या काफी अधिक है।
जिले में अंत्योदय के 1,01,913 राशनकार्ड व पात्र गृहस्थी के 4,58,929 राशनकार्ड बने हैं। शासन ने सभी राशन कार्डों की पात्रता के जांच के आदेश दिए हैं।
साथ ही आयकरदाता, चार पहिया वाहन, ट्रैक्टर, हॉर्वेस्टर, एसी, जनरेटर, पांच एकड़ से अधिक जमीन, ग्रामीण क्षेत्र में दो लाख और नगरीय क्षेत्र में तीन लाख से अधिक परिवार की आय वालों को राशन कार्ड निरस्त कराने के आदेश दिए हैं।
सरकार का डंडा उठने और जांच का काम शुरू होने के साथ ही अपात्र अपना राशन कार्ड सरेंडर में जुट गए हैं। अब तक करीब 800 अपात्रों ने कार्डों को निरस्त कराने के लिए आपूर्ति कार्यालयों में आवेदन दे दिया है।
अंत्योदय व पात्र गृहस्थी का राशन कार्ड सरेंडर करने का काम तेज हो गया है। अब तक जिले में करीब 800 अपात्र लोगों ने राशन कार्ड सरेंडर कर दिया है। टीमों ने गांवों में घर-घर पहुंचकर राशन कार्डों की पात्रता की जांच जुट गई हैं।
विमल कुमार शुक्ला, डीएसओ
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शहर के चकभीखमपुर निवासी रानी के नाम से राशन कार्ड संख्या 115840103135 बना है। उसका पति रामरतन सफाई कर्मचारी है। महिला ने आपूर्ति कार्यालय में पति के सफाई कर्मचारी होने के कारण राशन कार्ड सरेंडर करने की अर्जी लगाई है।
केस दो-आयकर दाता व सरकारी पेंशनर का राशन से इंकार
फिरोज गांधी नगर निवासी ऊषा जायसवाल ने अपने राशन कार्ड संख्या 115840115641 को निरस्त किए जाने के लिए आवेदन किया है। महिला ने अपने प्रार्थना पत्र में स्पष्ट किया है कि आयकर दाता होने के साथ ही सरकारी पेंशनर हैं। भूलवश पात्र गृहस्थी का कार्ड बन गया था।
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केस तीन- पक्का घर, पति कर रहा डॉक्टरी, ले रहे थे राशन
शहर के तेलियाकोट की रहने वाली जूही ने भी अपना राशन कार्ड निरस्त कराने की पेशकश की है। कार्ड संख्या 115840125673 को निरस्त कराने के लिए दिए गए आवेदन में महिला ने पक्का घर और पति के डॉक्टरी करने की बात लिखी है। भूलवश कार्ड बनने की बात की है।
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रायबरेली। शासन की डंडा उठने के बाद लंबे समय से गरीबों का राशन डकार रहे शहरी क्षेत्र के 125 से अधिक अपात्र परिवारों ने राशन कार्ड निरस्त करने के लिए अर्जी दी है।
जिले में अब तक करीब 800 अपात्र लोगों ने आपूर्ति कार्यालयों में पहुंचकर अंत्योदय व पात्र गृहस्थी के राशन कार्ड को निरस्त कराने के लिए पत्र सौंपा है। कार्ड सरेंडर करने वालों में 100 से अधिक आयकरदाता भी शामिल हैं। कार और पक्के घरवालों की संख्या काफी अधिक है।
जिले में अंत्योदय के 1,01,913 राशनकार्ड व पात्र गृहस्थी के 4,58,929 राशनकार्ड बने हैं। शासन ने सभी राशन कार्डों की पात्रता के जांच के आदेश दिए हैं।
साथ ही आयकरदाता, चार पहिया वाहन, ट्रैक्टर, हॉर्वेस्टर, एसी, जनरेटर, पांच एकड़ से अधिक जमीन, ग्रामीण क्षेत्र में दो लाख और नगरीय क्षेत्र में तीन लाख से अधिक परिवार की आय वालों को राशन कार्ड निरस्त कराने के आदेश दिए हैं।
सरकार का डंडा उठने और जांच का काम शुरू होने के साथ ही अपात्र अपना राशन कार्ड सरेंडर में जुट गए हैं। अब तक करीब 800 अपात्रों ने कार्डों को निरस्त कराने के लिए आपूर्ति कार्यालयों में आवेदन दे दिया है।
अंत्योदय व पात्र गृहस्थी का राशन कार्ड सरेंडर करने का काम तेज हो गया है। अब तक जिले में करीब 800 अपात्र लोगों ने राशन कार्ड सरेंडर कर दिया है। टीमों ने गांवों में घर-घर पहुंचकर राशन कार्डों की पात्रता की जांच जुट गई हैं।
विमल कुमार शुक्ला, डीएसओ