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UP: पीएनबी के मंडल प्रमुख व तीन अफसरों पर एफआईआर दर्ज, लोन खाता खोलने और जातीय उत्पीड़न का आरोप
Sat, 09 May 2026 10:01 PM IST
Ishwar Ashish Bhartiya
अमर उजाला नेटवर्क, रायबरेली
अमर उजाला नेटवर्क, रायबरेली
Published by: Ishwar Ashish Bhartiya
Updated Sat, 09 May 2026 10:01 PM IST
सार
मंडल प्रमुख व तीन अफसरों के खिलाफ कोर्ट के आदेश पर कार्रवाई की गई है। पीड़ित ने कोर्ट को बताया कि मामले की शिकायत सीओ सदर से लेकर पुलिस अधीक्षक से की गई। इसके बावजूद कार्रवाई नहीं हुई।
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- फोटो : अमर उजाला, ग्राफिक
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विस्तार
पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) के मंडल कार्यालय के प्रमुख रक्तिमावा दान और तीन अन्य अफसरों के खिलाफ सदर कोतवाली में शनिवार को एफआईआर दर्ज की गई है। विशेष अपर सत्र न्यायाधीश एससी एसटी कोर्ट के आदेश पर यह कार्रवाई की गई है। सभी पर धोखाधड़ी से बैंक में लोन खाता खोलने और जातीय उत्पीड़न का आरोप है। मामले में पुलिस के कार्रवाई न करने पर पीड़ित ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
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रायबरेली शहर के बालापुर पोस्ट आईटीआई निवासी देवनाथ ने विशेष अपर सत्र न्यायाधीश एससी एसटी कोर्ट में दिए प्रार्थनापत्र में बताया कि पीएनबी के मंडल कार्यालय फिरोज गांधी नगर रायबरेली में 17 सितंबर 2022 को बैंक सेवा से उसे बर्खास्त कर दिया गया था। बैंक अफसरों ने उसकी ग्रेच्युटी बिना जानकारी के ऋण खाते में डाल दी।
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गृह ऋण बंद कर बिना सूचना और हस्ताक्षर के जाली दस्तावेज से एक नया सार्वजनिक गृह ऋण खाता खोल दिया। यह सब जातिगत भावना से प्रेरित होकर किया गया। कर्मचारी गृह ऋण बंद होने के बाद भी उनकी टाइटल डीड वापस नहीं की गई। सूचना के अधिकार के तहत दोनों गृह ऋणों के दस्तावेज एक ही पाए गए, जबकि वे अलग होने चाहिए। बैंक की आंतरिक जांच रिपोर्ट में अधिकारी राम सिंह ने इस सार्वजनिक गृह ऋण को गैर कानूनी बताया।
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इस फर्जी ऋण के कारण देवनाथ और उनकी पत्नी राजरानी की आर्थिक और सामाजिक क्षति हुई। पीड़ित ने कोर्ट को बताया कि कर्मचारी खाते 18 जनवरी 2024 को बिना किसी नियम के सार्वजनिक खातों में बदल दिए गए। मामले की शिकायत सीओ सदर से लेकर पुलिस अधीक्षक से की गई। इसके बावजूद कार्रवाई नहीं हुई।
सदर कोतवाली प्रभारी शिवशंकर सिंह का कहना है कि पीड़ित की तहरीर पर पंजाब नेशनल बैंक के मंडल प्रमुख रक्तिमावा दान, सीनियर मैनेजर अल्पना त्रिवेदी, ज्ञानेंद्र प्रकाश वर्मा और चीफ मैनेजर प्रवीण कुमार के खिलाफ धोखाधड़ी और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जन जाति अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। जांच के बाद कार्रवाई होगी।