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Raebareli News: विस्थापित परिवारों को जमीन दिलाने की प्रक्रिया तेज

Thu, 18 Jun 2026 11:37 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली Updated Thu, 18 Jun 2026 11:37 PM IST
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Process to secure land for displaced families accelerated
अमर उजाला के फ्रंट पेज पर प्रका​शित खबर।
बलरामपुर। भारत-पाकिस्तान विभाजन के दौरान विस्थापित होकर रामपुर जिले के स्वार क्षेत्र में आए 2151 परिवारों को उनके अधिकार दिलाने की दिशा में अब प्रशासनिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा है कि दशकों से भूमिधर अधिकार की प्रतीक्षा कर रहे इन परिवारों को जल्द न्याय मिले और पुनर्वास की प्रक्रिया आगे बढ़े।
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अमर उजाला में बुधवार के अंक में खबर प्रकाशित होने के बाद भी प्रशासनिक स्तर पर हलचल और तेज हुई है। देवीपाटन मंडल की आयुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल ने मामले को गंभीरता से लेते हुए बलरामपुर प्रशासन को कार्यवाही में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। रामपुर जिले की तहसील स्वार में बसे विभाजनकालीन विस्थापित परिवारों के लिए 958 हेक्टेयर गैर वानिकी भूमि उपलब्ध कराने के प्रस्ताव पर अब स्थानीय स्तर पर तैयारी शुरू हो गई है।
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आयुक्त के निर्देशों के बाद जिलाधिकारी स्तर पर कवायद तेज हुई है। बृहस्पतिवार को अपर जिलाधिकारी (वि./रा.) ज्योति राय ने सदर तहसील के तहसीलदार अभिनव सिंह चौहान को प्रस्ताव का प्रारंभिक खाका तैयार करने तथा उपलब्ध भूमि का विवरण जुटाने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन सबसे पहले राजस्व परिषद के लैंड बैंक पोर्टल में दर्ज गैर वानिकी भूमि की वास्तविक स्थिति का सत्यापन कराएगा।
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इसके तहत यह देखा जाएगा कि अभिलेखों में दर्ज भूमि वर्तमान में किस स्थिति में है, उस पर कोई अतिक्रमण तो नहीं है और पुनर्वास योजना के लिए वह कितनी उपयुक्त हो सकती है। राजस्व विभाग की टीमें उपलब्ध भूमि का रिकॉर्ड खंगालने में जुट गई हैं। प्रशासनिक अधिकारियों का मानना है कि यह सामान्य भूमि हस्तांतरण का मामला नहीं है, बल्कि हजारों परिवारों के जीवन से जुड़ा संवेदनशील विषय है।

जिन परिवारों ने विभाजन के दौरान अपना सब कुछ खोया, वे आज भी स्थायी भूमि अधिकार की प्रतीक्षा कर रहे हैं। ऐसे में शासन इस प्रक्रिया को अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखना चाहता।

आयुक्त कर रहीं निगरानी, जल्द जाएगा प्रस्ताव
आयुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल पूरी प्रक्रिया की स्वयं निगरानी कर रही हैं। मुरादाबाद मंडल से प्राप्त प्रस्ताव पर संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से रिपोर्ट तैयार करने को कहा गया है। यही वजह है कि हाल के दिनों में राजस्व विभाग में इस संबंध में गतिविधियां बढ़ गई हैं। अधिकारियों का मानना है कि यदि भूमि उपलब्धता का प्रस्ताव समय पर तैयार हो जाता है तो शासन को भेजा जाएगा।


इससे रामपुर के स्वार क्षेत्र में बसे विस्थापित परिवारों को भूमिधर अधिकार देने का रास्ता आसान हो सकेगा। अपर जिलाधिकारी ने बताया कि शासन के निर्देशों के क्रम में राजस्व परिषद के लैंड बैंक में दर्ज गैर वानिकी भूमि की पड़ताल कराई जाएगी। उपलब्ध भूमि का परीक्षण करने के बाद नियमानुसार प्रस्ताव तैयार कर अग्रिम कार्रवाही की जाएगी।
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