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बदल नहीं पाई तालाबों की तस्वीर, उग आई जलकुंभी, गायब हो गए तार

Wed, 08 Jun 2022 10:36 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 08 Jun 2022 10:36 PM IST
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Pond heath down
जगतपुर में बना आदर्श तालाब। - फोटो : RAIBARAILY
उग आईं झाड़ियां, पानी का पता नहीं
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ऊंचाहार के पट्टी रहस कैथवल गांव का सुंदरही तालाब बदहाली के दौर से गुजर रहा है। झाड़ियां उगी हुईं हैं। पानी का पता नहीं है। देखरेख के अभाव लाखों रुपये बेकार हो गए। अधिकारियों की लापरवाही के चलते सरकार की मंशा पर पानी फिर गया और तालाब कागजों पर सिमटकर रह गया है।
टूट गई बाउंड्री, चोरी हो गए तार
ऊंचाहार के सेमरी रनापुर गांव में तालाब के चारों ओर छायादार वृक्ष हैं, लेकिन एक बूंद पानी नहीं है। बाउंड्री टूटी है। तार गायब हैं। न फूल है और न फलदार वृक्ष हैं। तालाब घास-फूस से पटा हुआ है। बनने के बाद तालाब की ओर किसी जिम्मेदार ने मुड़कर नहीं देखा। इससे लोगों में गहरी नाराजगी है।
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जलकुंभी से पट गया तालाब
रोहनियां ब्लॉक की सरेनी ग्राम पंचायत के पूरे बैसन गांव में सीपेज एरिया होने के बावजूद तालाब में पानी नहीं है। जलकुंभी से तालाब पटा है। बाउंड्री टूटी गई है। सुंदरता के लिए लगाए गए पौधों को जानवर चटकर गए हैं। तालाब की खोदाई के नाम पर सिर्फ धन का बंदरबांट किया गया। अब तक किसी ने तालाब की तरफ देखने की जहमत नहीं उठाई।
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जंग खा रहा गेट, गायब हो गई ईंटें
यह तस्वीर रोहनियां ब्लॉक के पयागपुर नंदौरा गांव सभा के आदर्श तालाब की है। तालाब में एक बूंद पानी नहीं है। दुर्दशा का आलम यह है कि तालाब की पटरी पर कटीली झाड़ियों का अंबार है। बाउंड्री की ईंटें भी गायब हैं। तार है न ऐंगल। गेट जंग से खराब हो रहा है। किसी ने पुताई या रखरखाव की कोशिश नहीं की। लाखों रुपए का बजट खर्च होने के बावजूद तालाब का उद्देश्य अधूरा है।
ऊंचाहार (रायबरेली)। तहसील क्षेत्र में आदर्श तालाबों की कमोवेश यही स्थिति है। लाखों रुपये खर्च करके इन तालाबों की खोदाई कराने का जो मकसद था, वह हकीकत में नहीं बदल पाया।
न तो जलस्तर में बढ़ोतरी हो पाई और न ही तालाबों का सौंदर्यीकरण हो पाया। इतना जरूर रहा कि तालाबों की खोदाई के नाम पर अफसरों, कर्मियों और ग्राम प्रधानों, ब्लॉक कर्मियों की जेबें जरूर भर गई।
तहसील क्षेत्र में लगातार गिर रहे जल स्तर को रोकने के लिए मनरेगा योजना के तहत ऊंचाहार ब्लाक में 37, रोहनिया में 12 व जगतपुर में 24 समेत 73 आदर्श तालाब बनवाए गए।
लगभग पांच करोड़ रुपये खर्च कर तालाबों की खोदाई, बाउंड्रीवाल, कंटीले तार, बैठने के लिए सीमेंट की कुर्सी, रैंप, पौधरोपण, फूल आदि लगाकर सुंदरीकरण कराया गया, लेकिन देखरेख के अभाव में यह पैसा बेकार चला गया। लगभग 80 प्रतिशत तालाब सूखे हैं। तालाबों में फूल की झाड़ियां उग आई हैं। बाउंड्री क्षतिग्रस्त है। तार गायब हैं।

जलस्तर बढ़ाने के लिए गांवों में तालाबों की खोदाई कराई गई थी। सिंचाई विभाग और सरकारी नलकूपों के जरिए तालाबों में पानी भरवाने के निर्देश दिए गए हैं। जल्द तालाबों में पानी भरवा दिया जाएगा। जल्द नए सिरे से तालाबों का सौंदर्यीकरण भी कराया जाएगा।
तेजराम वर्मा, बीडीओ, ऊंचाहार-रोहनियां ब्लॉक
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