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48 साल से पूर्व विधायक के घर परधानी, इस बार भी मौका

Thu, 04 Mar 2021 11:38 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 04 Mar 2021 11:38 PM IST
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डीह ब्लॉक में पंचायत चुनाव की आरक्षण सूची देखते लोग। - फोटो : RAIBARAILY
डीह (रायबरेली)। ब्लॉक क्षेत्र की ग्राम पंचायत थौरी के प्रधान की कुर्सी पिछले 48 साल से एक ही घर में हैं। पहले पूर्व विधायक, फिर उनका बेटा और अब पिछले 25 साल से पुत्रवधू गांव की प्रधान हैं। इस बार सीट अनारक्षित होने के बाद पूर्व विधायक के परिवार को फिर से मौका मिलने की उम्मीद है।
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डीह ब्लॉक क्षेत्र के थौरी निवासी और सलोन विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस से विधायक रहे शिवबालक पासी के घर में आज भी प्रधानी है। पूर्व विधायक ने वर्ष 1972 में प्रधान पद के लिए थौरी ग्राम पंचायत से चुनाव लड़ा था। प्रधान बनने के बाद वे वर्ष 1979 तक आठ साल तक गांव के प्रधान रहे।
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1980 में पुत्र राजबहादुर ने भाग्य आजमाया और उन्हें भी सफलता मिल गई। पूर्व विधायक के बेटे वर्ष 1995 तक लगातार 15 साल गांव के निर्विरोध प्रधान चुने जाते रहे।
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वर्ष 1995 में हुए चुनाव में पूर्व विधायक की पुत्रवधू प्रेमा देवी मैदान में उतरीं और वह वर्ष 1995 से वर्ष 2020 तक लगातार 25 वर्ष तक प्रधान रहीं। वर्ष 2021 में फिर चुनाव का बिगुल बज गया है। सीटों के आरक्षण की प्रस्तावित सूची भी जारी हो गई।
थौरी प्रधान पद की सीट अनारक्षित होने के बाद इस परिवार को फिर भाग्य आजमाने का मौका मिल गया है। पूर्व विधायक के बेटे राजबहादुर का कहना है कि गांव में लोगों के बीच अच्छा सामंजस्य होने व गांव में विकास कार्य कराने के कारण लगातार सेवा का मौका मिला है। इस बार भी गांव के लोगों का पूरा सहयोग मिला तो आगे भी गांव के विकास में हर संभव प्रयास किया जाएगा।
25 साल में पहली बार अमावां प्रमुख सीट महिला को आरक्षित
अमावां (रायबरेली)। 25 साल बाद ब्लॉक प्रमुख की सीट महिला के लिए आरक्षित की गई। यह दीगर बात है कि वर्ष 2005 में अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित सीट पर निर्मला देवी ने कब्जा कर लिया था। हालांकि इस बार लोगों को उम्मीद थी कि यह सीट पिछड़ी या अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हो जाएगी, लेकिन सीट महिला के लिए आरक्षित होने के बाद लोगों के मंसूबों पर पानी फिर गया है।

अमावां ब्लॉक प्रमुख सीट पर वर्ष 1995 में अनारक्षित होने पर कमलेश सिंह प्रमुख बने थे। वर्ष 2000 में सीट पिछड़ी जाति के हिस्से में जाने से राम प्रसाद यादव ब्लॉक प्रमुख चुने गए थे। वर्ष 2005 में सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित होने पर निर्मला देवी ने कब्जा कर लिया था। वर्ष 2010 और वर्ष 2015 में सीट अनारक्षित होने पर भगौती सिंह दो बार प्रमुख रहे। कई दावेदार सामने आने का मूड बना रहे हैं। (संवाद)
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