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150 सीसीटीवी फुटेज खंगालने के बाद शूटरों तक पहुंची पुलिस

Thu, 20 Jan 2022 10:42 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 20 Jan 2022 10:42 PM IST
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Police reached the shooters after scanning 150 CCTV footage
रायबरेली। बैंक अधिकारी के कातिलों तक पहुंचने के लिए पुलिस ने 150 सीसीटीवी फुटेज खंगाले। 10 दिनाें तक एक-एक सुराग जुटाए, तब कहीं जाकर हत्या की गुत्थी सुलझ सकी।
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बैंक अधिकारी के खातों के जानकारी भी ली गई। मोबाइल की कॉल डिटेल ने भी घटना के खुलासे में अहम रोल निभाया। इसके बाद पकड़े गए शूटरों ने मुख्य आरोपी नगीना सिंह का पूरा चिट्ठा खोल दिया।
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एसपी श्लोक कुमार ने बताया कि ब्लाइंड मर्डर की गुत्थी सुलझाना काफी कठिन था। हत्या के पीछे लूट का मामला नहीं लग रहा था।
इसके बाद वारदात के लिए बैंक अधिकारी के घर आने-जाने वाले रूट पर लगे करीब सीसीटीवी के फुटेज खंगाले गए। करीब 150 फुटेज देखने के बाद कई सुराग मिले। वारदात में शामिल दो शूटरों को गिरफ्तार कर पूरे मामले से पर्दा उठा दिया गया।
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एसपी ने बताया कि शूटर आकाश सिंह ने नगीना सिंह से पालतूू कुत्तों का व्यापार करने के लिए एक लाख रुपये उधार लिए थे। नगीना आकाश पर एक लाख रुपये वापस करने का दबाव बनाने लगा। रुपये न देने पर नगीना ने आकाश को बैंक अधिकारी की हत्या करने की सुपारी दे दी।
वहीं दयाराम पासी पहले ही नगीना की वजह से जेल से छूटकर बाहर आया था। ऐसे में वह भला कैसे नगीना की बात को टालता। एसपी श्लोक कुमार के मुताबिक शूटर आकाश के खिलाफ रायबरेली, अमेठी जिले में छह, जबकि दयाराम पासी के खिलाफ रायबरेली, लखनऊ में 13 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।
आकाश मूलरूप से उन्नाव जिले के बिहार थाना क्षेत्र के बरखेड़ा पोस्टर सुमेरपुर का रहने वाला है, लेकिन वह मौजूदा समय में रायबरेली शहर क्षेत्र के आईटीआई कॉलोनी में रहने लगा था।
नगीना और मृतक में बढ़ी थी दोस्ती
मिल एरिया थानेदार एवं विवेचक विनय कुमार सिंह के मुताबिक घटना का मुख्य साजिशकर्ता नगीना सिंह प्रापर्टी डीलिंग का काम करता था। इधर, वह बैंक से लोगों का लोन भी पास कराने लगा था।
बैंक में लोन पास कराने के दौरान ही मृतक और नगीना के बीच दोस्ती हो गई। यह दोस्ती इतनी गहरी हो गई कि बैंक अधिकारी मुख्य साजिशकर्ता पर बहुत विश्वास करने लगा। दोस्ती की खातिर मृतक और नगीना के बीच प्लॉट दिलाने के नाम पर 60 लाख का सौदा भी हो गया।
दूसरे काम में लगा दिया था पैसा
पुलिस ने जब बैंक अधिकारी का खाता चेक किया तो उस खाते में पैसा नहीं मिले। एसपी बताते हैं कि खाता खाली था। नगीना सिंह बराबर मृतक से पैसा ले रहा था। बैंक अधिकारी का पैसा मुख्य साजिशकर्ता ने अपने दूसरे बिजनेस में लगा दिया था। बैंक अधिकारी जब पैसा मांगने लगा तो नगीना ने एक माह पहले से उसे ठिकाने लगाने की साजिश रच डाली।

नगीना की गिरफ्तारी न होने से उठ रहे सवाल
नगीना सिंह की गिरफ्तारी न होने से पुलिस पर सवालिया निशान भी लग रहे हैं। पुलिस के हाथ शूटरों तक तो पहले ही पहुंच गए थे। गुरुवार को खुलासा हुुआ तो नगीना पुलिस की पकड़ से दूर था। शूटरों को ही गिरफ्तार करके पुलिस ने इस सनसनीखेज वारदात का पर्दाफाश कर दिया। लेकिन नगीना कहां है, इसका जवाब पुलिस के पास नहीं है।
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