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जांच की नहीं, कार्यवाहक कोतवाल ने लिखवा दी एफआईआर, लाइन हाजिर
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रायबरेली। धोखाधड़ी के एक मामले में एक पक्ष को लाभ पहुंचाने के लिए महराजगंज कोतवाली के निरीक्षक अपराध असलम अली ने बिना जांच किए एफआईआर लिखवा दी। उन्होंने सीओ व एसपी तक को गुमराह किया। शुक्रवार रात कार्यवाहक कोतवाल को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया गया।
श्रीमती जनक दुलारी ठाकुरद्वारा समिति बछरावां की जमीन को लेकर दो पक्षों में काफी समय से विवाद है। बछरावां निवासी शशिकांत मिश्रा की तहरीर पर बीती 26 अगस्त को महराजगंज कोतवाली में राजामऊ गांव निवासी दुर्गा प्रसाद त्रिपाठी, प्रफुल्ल त्रिपाठी, उत्तर बाजार बछरावां कस्बा निवासी सलमान और दुर्गन टोला निवासी दिनेश कुमार के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया था।
वादी पक्ष का आरोप था कि वह श्रीमती जनक दुलारी ठाकुरद्वारा समिति बछरावां का सदस्य है। पूर्व में समिति का अध्यक्ष भी था। छह नवंबर 2019 को समिति के सदस्य दुर्गा प्रसाद त्रिपाठी ने धोखाधड़ी से समिति की दुकान को दूसरे के नाम पर लीज दे दिया और डेढ़ लाख की पगड़ी हड़प ली। पैसा समिति के खाते में जमा नहीं किया।
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मामला एसपी तक पहुंचा था तो उन्होंने कार्यवाहक कोतवाल एवं निरीक्षक अपराध रहे असलम अली से जांच करके कार्रवाई करने को कहा। जांच पूरी हुई भी नहीं कि बिना सीओ व एसपी को सूचना दिए ही कार्यवाहक कोतवाल ने धोखाधड़ी की एफआईआर दर्ज करा दी। मामला संज्ञान में आने के बाद एसपी ने कार्यवाहक कोतवाल को लाइन हाजिर कर दिया।
जहां रहे, वहां विवादित रहे असलम
लाइन हाजिर किए गए निरीक्षक असलम अली जहां भी रहे, वहां विवादित ही रहे। महिला थाने में तैनाती के दौरान कामों को लेकर विवादों में रहे। महराजगंज कोतवाली में भी अपराध निरीक्षक के रूप में तैनात असलम अली विवादित रहे।
प्रारंभिक जांच के बाद ही धोखाधड़ी का मामला दर्ज होता है। जमीन से जुड़े मामले में निरीक्षक अपराध असलम अली को जांच करके केस दर्ज करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद असलम ने बिना सूचना दिए ही केस दर्ज करा दिया। जानकारी होने पर निरीक्षक को लाइन हाजिर कर दिया गया। जांच कराई जा रही है। उन पर निलंबन की कार्रवाई भी की जा सकती है।
- विश्वजीत श्रीवास्तव, अपर पुलिस अधीक्षक
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श्रीमती जनक दुलारी ठाकुरद्वारा समिति बछरावां की जमीन को लेकर दो पक्षों में काफी समय से विवाद है। बछरावां निवासी शशिकांत मिश्रा की तहरीर पर बीती 26 अगस्त को महराजगंज कोतवाली में राजामऊ गांव निवासी दुर्गा प्रसाद त्रिपाठी, प्रफुल्ल त्रिपाठी, उत्तर बाजार बछरावां कस्बा निवासी सलमान और दुर्गन टोला निवासी दिनेश कुमार के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया था।
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वादी पक्ष का आरोप था कि वह श्रीमती जनक दुलारी ठाकुरद्वारा समिति बछरावां का सदस्य है। पूर्व में समिति का अध्यक्ष भी था। छह नवंबर 2019 को समिति के सदस्य दुर्गा प्रसाद त्रिपाठी ने धोखाधड़ी से समिति की दुकान को दूसरे के नाम पर लीज दे दिया और डेढ़ लाख की पगड़ी हड़प ली। पैसा समिति के खाते में जमा नहीं किया।
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मामला एसपी तक पहुंचा था तो उन्होंने कार्यवाहक कोतवाल एवं निरीक्षक अपराध रहे असलम अली से जांच करके कार्रवाई करने को कहा। जांच पूरी हुई भी नहीं कि बिना सीओ व एसपी को सूचना दिए ही कार्यवाहक कोतवाल ने धोखाधड़ी की एफआईआर दर्ज करा दी। मामला संज्ञान में आने के बाद एसपी ने कार्यवाहक कोतवाल को लाइन हाजिर कर दिया।
जहां रहे, वहां विवादित रहे असलम
लाइन हाजिर किए गए निरीक्षक असलम अली जहां भी रहे, वहां विवादित ही रहे। महिला थाने में तैनाती के दौरान कामों को लेकर विवादों में रहे। महराजगंज कोतवाली में भी अपराध निरीक्षक के रूप में तैनात असलम अली विवादित रहे।
प्रारंभिक जांच के बाद ही धोखाधड़ी का मामला दर्ज होता है। जमीन से जुड़े मामले में निरीक्षक अपराध असलम अली को जांच करके केस दर्ज करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद असलम ने बिना सूचना दिए ही केस दर्ज करा दिया। जानकारी होने पर निरीक्षक को लाइन हाजिर कर दिया गया। जांच कराई जा रही है। उन पर निलंबन की कार्रवाई भी की जा सकती है।
- विश्वजीत श्रीवास्तव, अपर पुलिस अधीक्षक